AIN NEWS 1: देश के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को अचानक बड़ी हलचल देखने को मिली, जब सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। खास तौर पर चांदी के दामों में आई गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों को चौंका दिया। बीते 24 घंटों के भीतर चांदी की कीमत में करीब 93,000 रुपये तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोने के भाव भी हजारों रुपये नीचे आ गए।

यह गिरावट ऐसे समय पर सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये प्रति किलो और सोना लगभग 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया था। लगातार बढ़ती कीमतों के बाद अब अचानक आई यह गिरावट बाजार के रुख को पूरी तरह बदलती नजर आ रही है।
📉 चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट
शुक्रवार को सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक ही दिन में चांदी के भाव में करीब 15,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले 24 घंटों के ट्रेंड को देखें तो कुल गिरावट 93,000 रुपये तक पहुंच चुकी है।
कुछ दिन पहले तक चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार कर रही थी। निवेशकों में चांदी को लेकर जबरदस्त उत्साह था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार और औद्योगिक मांग के चलते इसके दाम तेजी से ऊपर जा रहे थे। लेकिन अब मुनाफावसूली और बाजार में अनिश्चितता के चलते कीमतों में जोरदार करेक्शन देखने को मिल रहा है।
📉 सोने के दाम भी नहीं रहे अछूते
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत में लगभग 8,000 रुपये की कमी देखी गई है। इससे पहले सोना लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा था और निवेशकों के बीच इसे सुरक्षित निवेश विकल्प माना जा रहा था।
हालांकि, बजट से पहले बाजार में बने असमंजस, डॉलर की मजबूती और वैश्विक संकेतों के चलते सोने की कीमतों में भी दबाव देखने को मिल रहा है।
💡 इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में आई इस भारी गिरावट के पीछे कई अहम वजहें हैं:
मुनाफावसूली (Profit Booking): रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया।
बजट से पहले अनिश्चितता: निवेशक बजट के बाद की नीतियों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव: वैश्विक स्तर पर डॉलर में मजबूती और ब्याज दरों को लेकर चिंता।
औद्योगिक मांग में सुस्ती: चांदी की कीमतें काफी हद तक इंडस्ट्रियल डिमांड पर निर्भर करती हैं, जिसमें फिलहाल सुस्ती देखी जा रही है।
🏦 निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इस गिरावट ने निवेशकों के बीच दो तरह की प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। एक तरफ जो लोग ऊंचे दामों पर खरीद चुके थे, उनके लिए यह झटका है। वहीं दूसरी ओर, लंबे समय के निवेशक इसे खरीदारी का मौका मान रहे हैं।
बाजार जानकारों का मानना है कि यदि कीमतों में और गिरावट आती है, तो यह लॉन्ग टर्म निवेश के लिए बेहतर अवसर साबित हो सकता है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
📊 आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा काफी हद तक बजट घोषणाओं, अंतरराष्ट्रीय संकेतों और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक बाजार में स्थिरता आती है, तो कीमतें फिर से संभल सकती हैं।
हालांकि फिलहाल बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।
🔍 आम ग्राहकों पर असर
इस गिरावट का असर आम ग्राहकों पर भी साफ नजर आ रहा है। शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए यह राहत की खबर हो सकती है। सर्राफा बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
Silver prices in India have witnessed a massive crash of ₹93,000 within 24 hours ahead of the budget, creating strong volatility in the bullion market. Along with silver price crash, gold rates also fell sharply by nearly ₹8,000 per 10 grams. This sudden fall in gold and silver prices has come after both precious metals touched record high levels. Experts believe profit booking, global market pressure, and pre-budget uncertainty are the key reasons behind the decline in gold and silver rates today.


















