AIN NEWS 1: ढाका से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने बांग्लादेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके परिवार से जुड़े दो बैंक लॉकरों को अदालत के आदेश पर खोला, जिसमें करीब 832 तोला यानी लगभग 9.7 किलोग्राम सोने के आभूषण मिले। इस सोने की कीमत का अनुमान लगभग 13 करोड़ डॉलर लगाया जा रहा है, जो किसी भी तरीके से सामान्य संपत्ति नहीं मानी जा सकती।
कैसे शुरू हुई जांच?
बांग्लादेश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल और हसीना के देश छोड़कर भारत जाने के बाद, एसीसी ने उनकी संपत्तियों और तोषखाना से जुड़े मामलों की जांच तेज कर दी थी। इसी कड़ी में ढाका के मोटीझील इलाके में स्थित एग्री बैंक की शाखा में रखे दो लॉकरों को अदालत के आदेश के तहत खोला गया। ये लॉकर नंबर 751 और 753 थे।
जांच टीम के अनुसार:
पहले लॉकर से 4,923.60 ग्राम सोना मिला
दूसरे लॉकर से 4,783.56 ग्राम सोना निकला
इनमें भारी मात्रा में सोने के गहने, बांग्लादेशी पारंपरिक गहनों के सेट और कुछ दुर्लभ डिजाइन के आभूषण शामिल थे।
किसका था यह सोना?
लॉकरों के अंदर से मिले नोट्स और दस्तावेजों में यह दावा किया गया कि सोना:
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना
उनकी बहन शेख रेहाना
उनकी बेटी साइमा वाजेद पुटुल
और उनके परिवार के अन्य सदस्यों का है
यानी ये लॉकर सिर्फ हसीना से जुड़े नहीं थे, बल्कि पूरे परिवार की संपत्ति इसमें छिपाई गई थी।
संपत्ति घोषणा में बड़ा विरोधाभास
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हसीना ने अपनी 2024 की संपत्ति घोषणा में केवल 13.25 लाख टका मूल्य के सोने का ही उल्लेख किया था।
यह मात्रा और मूल्य, दोनों, लॉकरों से बरामद सोने के मुकाबले बेहद कम हैं।
यह भी पता चला कि प्यूबाली बैंक के एक अन्य लॉकर में सिर्फ खाली बोरी मिली। यानी या तो वह पहले खाली कर दिया गया था या पहले वहां कुछ रखा गया था, जिसे बाद में हटाया गया।
एसीसी की कार्रवाई क्यों बढ़ी?
इस पूरी संपत्ति को एसीसी ने असंगत आय का मामला माना है। उनके अनुसार:
इतनी बड़ी मात्रा में सोना
संपत्ति घोषणा में इसका उल्लेख न होना
खाली पड़े दूसरे लॉकर
और तोषखाना उपहारों को गैरकानूनी तरीके से रखने के आरोप
ये सभी बातें गंभीर अपराधों की ओर इशारा करती हैं।
एसीसी का मानना है कि यह मामला सिर्फ संपत्तियों के छिपाने का नहीं, बल्कि कर चोरी, भ्रष्टाचार, और तोषखाना दुरुपयोग से जुड़ा बेहद बड़ा घोटाला हो सकता है।
तोषखाना विवाद क्या है?
तोषखाना में मिलने वाले सरकारी उपहारों को कानून के मुताबिक:
या तो सरकार को वापस करना होता है
या निर्धारित राशि देकर रखना होता है
लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि हसीना और उनके परिवार ने कई उपहार बिना सरकारी प्रक्रिया पूरी किए अपने पास रखे।
भारत भागने के बाद बढ़ी मुश्किलें
शेख हसीना के देश छोड़कर भारत जाने के बाद:
उनके खिलाफ चल रही जांचें तेज हो गई हैं
विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि हसीना ने प्रधानमंत्री रहते हुए सत्ता का दुरुपयोग किया
उनके परिवार की संपत्ति पर भी सवाल उठे हैं
लॉकरों से सोना मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
यह सिर्फ एक वित्तीय घोटाला नहीं, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ी हलचल का कारण बन गया है।
राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ी
यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब:
देश पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है
राजनीतिक पार्टियों के बीच टकराव बढ़ रहा है
लोग महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हैं
ऐसे में पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़े इस मामले ने जनता के बीच और भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे क्या होगा?
एसीसी ने साफ कहा है कि:
जांच सिर्फ सोने तक सीमित नहीं रहेगी
सभी बैंक लॉकर, बैंक खातों, तोषखाना के रिकॉर्ड और विदेशों में संपत्तियों की जांच होगी
अगर आरोप साबित हुए, तो हसीना और उनके परिवार के खिलाफ कार्रवाई तय है
संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
The Anti-Corruption Commission of Bangladesh has uncovered 9.7 kg of hidden gold from lockers associated with former Prime Minister Sheikh Hasina and her family, triggering a major corruption investigation. This discovery has intensified scrutiny over undisclosed assets, Toshakhana misuse, and alleged illegal wealth accumulation. As political tensions rise in Bangladesh, the gold seizure linked to Sheikh Hasina has become a significant development in the country’s ongoing anti-corruption drive and political unrest.



















