AIN NEWS 1: आज के समय में ज्यादातर लोग तरह-तरह की बीमारियों से परेशान हैं। किसी के घर में गैस-एसिडिटी की समस्या है, तो कोई लगातार थकान या भारीपन महसूस करता है। इतना ही नहीं, कई लोग छोटी-सी परेशानी होते ही तुरंत दवाइयों का सहारा लेने लगते हैं। लेकिन पतंजलि के सीईओ और प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि असल समस्या दवाओं में नहीं, हमारी खाने-पीने की गलत आदतों में है।

उनके अनुसार आज बीमारियां भूख के कारण नहीं, बल्कि ओवरईटिंग यानी जरूरत से ज्यादा खाने की वजह से बढ़ रही हैं। शरीर जितना खाना आराम से पचा सके, हम उससे कहीं ज्यादा उसमें भर देते हैं। यही आदत धीरे-धीरे डाइजेशन को कमजोर कर देती है और बीमारियां बढ़ाती है।
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ज्यादातर बीमारियां आती हैं ज्यादा खाने से, कम खाने से नहीं
आचार्य बालकृष्ण बताते हैं कि आजकल का लाइफस्टाइल ऐसा हो चुका है कि लोग बिना भूख लगे भी कुछ न कुछ खाते रहते हैं। टीवी देखते हुए, मोबाइल चलाते हुए, या बस समय गुजारने के लिए—कुछ न कुछ लगातार पेट में जाता रहता है। इससे शरीर को खाना पचाने का समय ही नहीं मिलता।
जब पेट अपनी क्षमता से ज्यादा भर जाता है—
पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है
भोजन पूरी तरह नहीं पचता
गैस, एसिडिटी, कब्ज और भारीपन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं
समय के साथ ये छोटी परेशानियां बड़ी बीमारियों का रूप ले लेती हैं
आचार्य के शब्दों में:
“आज लोग भूख से नहीं, बल्कि ज्यादा खाने से बीमार पड़ रहे हैं।”
उपवास: बिना दवा का सबसे बड़ा इलाज
आचार्य बालकृष्ण ने उपवास को सबसे बड़ी औषधि बताया है। आयुर्वेद में भी फास्टिंग को शरीर की प्राकृतिक सफाई का तरीका माना गया है। उपवास का मतलब सिर्फ भूखा रहना नहीं, बल्कि शरीर को थोड़ी राहत देना है ताकि वह खुद को ठीक कर सके।
उपवास से मिलते हैं ये फायदे—
पाचनतंत्र को आराम
शरीर में जमा अपशिष्ट बाहर निकलता है
सूजन कम होती है
इम्युनिटी मजबूत होती है
मानसिक शांति मिलती है
शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है
आचार्य बालकृष्ण सलाह देते हैं कि हफ्ते में कम से कम एक दिन हल्का भोजन या उपवास जरूर करना चाहिए। इससे शरीर को रीसेट होने का मौका मिलता है।
कम खाना ही लंबी उम्र का राज
आचार्य बालकृष्ण ने स्वस्थ रहने का बहुत आसान फॉर्मूला बताया है—
“अगर आपको तीन रोटी की भूख है, तो दो रोटी खाएं।”
“अगर दो की भूख है, तो सिर्फ एक रोटी लें।”
उनके अनुसार जरूरत से थोड़ा कम खाना—
डाइजेस्टिव फायर को मजबूत करता है
शरीर को हल्का रखता है
ओवरईटिंग के साइड इफेक्ट से बचाता है
लंबी उम्र और अच्छी सेहत दोनों देता है
यानी खाने को नियंत्रित करना किसी भी दवा से ज्यादा असरदार है।
बार-बार बीमार पड़ने का असली कारण
अगर आपको—
जल्दी थकान
पेट फूलना
गैस
एसिडिटी
भारीपन
सुस्ती
जैसी समस्याएं बार-बार होती हैं, तो इसका कारण दवाओं की कमी नहीं, बल्कि गलत ईटिंग हैबिट्स हैं। आज की खानपान की शैली में सब कुछ है—फास्ट फूड, तला-भुना, मिठाइयों की भरमार, लेकिन पाचन क्षमता कम से कम होती जा रही है।
आचार्य बालकृष्ण कहते हैं कि अगर आप सिर्फ इतना ध्यान रख लें कि—
भूख से पहले न खाएं
पेट भरकर न खाएं
हफ्ते में एक दिन शरीर को आराम दें
तो कई बीमारियां बिना दवा के खुद ही खत्म हो जाएंगी।
कब और कैसे खाएं, ताकि पाचन ठीक रहे
आचार्य बालकृष्ण ने कुछ जरूरी सुझाव भी दिए हैं—
✔ भोजन तभी करें जब भूख लगे
जबरदस्ती खाना सिर्फ शरीर पर बोझ डालता है।
✔ पानी और भोजन के बीच गैप रखें
बहुत अधिक पानी पीना भी पाचन अग्नि को कमजोर कर देता है।
✔ देर रात का खाना न खाएं
रात में डाइजेशन धीमा हो जाता है।
✔ दिन में हल्का और रात में बेहद हल्का भोजन
इससे शरीर पर दबाव नहीं पड़ता।
✔ प्राकृतिक, ताजा और घर का खाना
ऐसा भोजन जल्दी पचता है और शरीर को ऊर्जा देता है।
दवाइयों पर निर्भरता कम की जा सकती है
वे कहते हैं कि अगर इंसान अपनी खाने की आदतों में थोड़ा बदलाव लाए—
कम खाए
समय पर खाए
उपवास करे
तो उसे दवाइयों की जरूरत बहुत कम पड़ती है। शरीर खुद ही कई बीमारियों से लड़ने में सक्षम है, बस उसे क्षमता देने की जरूरत है।
सही खाना ही असली दवा है
आचार्य बालकृष्ण का संदेश बेहद साधारण लेकिन गहरा ह
“जितना सही खाओगे, उतना ही स्वस्थ रहोगे।”
आज के समय में जहां हर घर में कोई न कोई स्वास्थ्य समस्या है, वहां आयुर्वेद का यह सरल सिद्धांत—
कम खाना
सही खाना
और उपवास करना
शरीर को बिना दवा के फिट रखने का सबसे आसान और प्राकृतिक तरीका है।
Acharya Balkrishna’s Ayurvedic health tips focus on mindful eating, controlled portions and weekly fasting to strengthen digestion and immunity. According to him, most modern diseases are caused not by hunger but by overeating. By adopting simple habits like eating less, improving digestion and practicing fasting, anyone can stay naturally healthy without medicines. These natural health tips help in detoxification, boost metabolism and support long-term wellness.


















