भाजपा अध्यक्ष पद की दौड़ में धर्मेंद्र प्रधान सबसे आगे, बिहार चुनाव में बड़ी भूमिका बनी निर्णायक!

0
108

AIN NEWS 1: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर जारी चर्चा अब निर्णायक दौर में प्रवेश करती दिख रही है। पार्टी ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन भीतरखाने से जो संकेत मिल रहे हैं, वे बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस पद की रेस में सबसे आगे हैं। उनकी बढ़त की सबसे बड़ी वजह हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रभावशाली प्रदर्शन माना जा रहा है।

बिहार चुनाव से धर्मेंद्र प्रधान की बढ़ी दावेदारी

भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव में धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी बनाया था। चुनाव से पहले वे लंबे समय तक बिहार में कैंप करते रहे और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का काम करते रहे। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कई बागी नेताओं को नामांकन वापस लेने के लिए राजी किया और चुनाव प्रबंधन को प्रभावशाली तरीके से संभाला।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि बिहार की बड़ी जीत ने न केवल प्रधान की दावेदारी मजबूत की है, बल्कि भाजपा और आरएसएस के बीच अध्यक्ष पद को लेकर चल रही खींचतान को भी काफी हद तक शांत किया है।

एक वरिष्ठ भाजपा नेता के अनुसार, “संगठनात्मक क्षमता और चुनाव प्रबंधन की कुशलता ने धर्मेंद्र प्रधान को इस दौड़ में सबसे आगे ला खड़ा किया है। बिहार में उनकी भूमिका को पार्टी ने बड़े ध्यान से देखा है।”

मोदी–शाह की जोड़ी पर फिर मजबूत भरोसा

हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार जैसे चुनावी राज्यों में भाजपा के बेहतरीन प्रदर्शन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुनावी रणनीतियों को फिर से मजबूती प्रदान की है। लोकसभा चुनाव के दौरान जो असर देखने को मिला था, इन तीन राज्यों ने उसे काफी हद तक संतुलित कर दिया है।

रिपोर्ट में एक केंद्रीय मंत्री के हवाले से कहा गया—

“मोदी जी अब आरएसएस को मनाने में सफल हो सकते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव उनकी पसंद के अनुसार होना चाहिए।”

भूपेंद्र यादव भी थे दावेदार

जुलाई में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का नाम भी भाजपा अध्यक्ष पद के लिए काफी चर्चा में था। बताया गया कि भाजपा ने भूपेंद्र यादव और धर्मेंद्र प्रधान—दोनों के नाम आरएसएस को भेजे थे। हालांकि, संघ ने तब निर्णय से पहले और विचार-विमर्श की बात कही थी।

धर्मेंद्र प्रधान की एक और बड़ी उपलब्धि ओडिशा विधानसभा चुनाव में सामने आई थी। कहा जाता है कि उन्होंने ही भाजपा को बीजू जनता दल (बीजेडी) से अलग होकर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के लिए राजी किया। इस रणनीति का परिणाम यह हुआ कि भाजपा ओडिशा में अपनी सरकार बनाने में सफल हुई।

अध्यक्ष का चयन उत्तर भारत से होने के संकेत

रिपोर्ट बताती है कि उपराष्ट्रपति पद के लिए सी. पी. राधाकृष्णन के चयन के बाद यह संभावना और अधिक मजबूत हुई कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर भारत से होगा। पहले संकेत मिल रहे थे कि दक्षिण भारत से भी किसी नेता को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है, लेकिन राजनीतिक समीकरण अब उत्तर की ओर झुकते दिख रहे हैं।

एक अन्य भाजपा नेता ने कहा—

“राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने के बाद यह माना जाने लगा है कि पार्टी अब संतुलित शक्ति-समीकरण के तहत उत्तर भारत से अध्यक्ष चुन सकती है।”

जे. पी. नड्डा का कार्यकाल और आगे की प्रक्रिया

मौजूदा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा का तीन साल का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनकी जिम्मेदारी आगे बढ़ा दी गई थी। अब जब चुनावी दबाव कम हो गया है, पार्टी अपनी आंतरिक प्रक्रिया के तहत नए अध्यक्ष की नियुक्ति को अंतिम रूप देने की तैयारी में है।

पार्टी सूत्रों का मानना है कि नए अध्यक्ष का चयन भाजपा के आने वाले संगठनात्मक विस्तार, चुनावी रणनीति और 2029 के लोकसभा चुनाव की योजनाओं में अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान की संगठनात्मक पकड़, वैचारिक संतुलन और चुनावी प्रबंधन क्षमता उन्हें स्वाभाविक रूप से इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बनाती है।

कुल मिलाकर भाजपा अध्यक्ष पद की दौड़ अब धर्मेंद्र प्रधान पर आकर टिकती दिख रही है। बिहार और ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और आरएसएस के बीच भी सहमति बनने की संभावना बढ़ गई है। अब आधिकारिक घोषणा पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Dharmendra Pradhan has reportedly gained a strong lead in the BJP President race after the party’s impressive performance in the Bihar elections, where he played a major strategic role. As the BJP and RSS work to finalize the next BJP national president, internal discussions highlight Pradhan’s organizational skills, election management experience, and his influence in states like Odisha and Bihar. With recent victories in Haryana, Maharashtra, and Bihar strengthening the Modi–Shah strategy, Pradhan’s name is now seen as the most likely choice for the party’s top leadership position. This development is crucial for the BJP’s future expansion and upcoming national political plans.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here