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भाजपा से लोजपा (रा) को मिला बड़ा तोहफा: सीटों के साथ उम्मीदवार भी, क्या चिराग पासवान होंगे खुश?

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AIN NEWS 1 पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी लोजपा (रा) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से बड़ा तोहफा मिला है। पार्टी को न केवल अपनी मांग के मुताबिक विधानसभा सीटें दी गई हैं, बल्कि भाजपा ने अपने नेताओं को लोजपा (रा) के टिकट पर चुनाव मैदान में उतारकर एक तरह से “दोहरा उपहार” दे दिया है।

यह घटनाक्रम काफी हद तक 2020 के विधानसभा चुनाव की याद दिलाता है, जब विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को भी भाजपा ने इसी तरह का सहयोग दिया था। तब भी भाजपा ने वीआईपी को न सिर्फ सीटें दी थीं, बल्कि अपने कई उम्मीदवार भी उसके सिंबल पर उतारे थे। हालांकि बाद में वीआईपी के चारों विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे।

अब ऐसा ही प्रयोग भाजपा ने चिराग पासवान की लोजपा (रा) के साथ दोहराया है। इससे साफ है कि भाजपा ने बिहार में सीट बंटवारे के फार्मूले के तहत लोजपा (रा) को पूरी तरह खुश करने की कोशिश की है।

लोजपा (रा) को मिली मनचाही सीटें और उम्मीदवार

भाजपा और लोजपा (रा) के बीच सीटों को लेकर चली लंबी बातचीत आखिरकार सफल रही। चिराग पासवान ने शुरू से ही अधिक सीटों पर लड़ने की मांग की थी। भाजपा ने उनकी मांग न सिर्फ मान ली बल्कि अपने कुछ नेताओं को लोजपा (रा) के टिकट पर उतारने की रणनीति भी अपनाई।

बोचहा से बेबी कुमारी, चेनारी से मुरारी गौतम, और बख्तियारपुर से अरुण कुमार जैसे नाम भाजपा की ओर से लोजपा (रा) को सौंपे गए हैं। इसके अलावा नवादा के गोबिंदपुर से विनिता मेहता और फतुहा से रूपा कुमारी को भी भाजपा की सिफारिश पर उम्मीदवार बनाया गया है।

बेबी कुमारी का दिलचस्प राजनीतिक सफर

बोचहा सीट से लोजपा (रा) की उम्मीदवार बनीं बेबी कुमारी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। 2015 के विधानसभा चुनाव में वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर सुर्खियों में आईं। बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। हालांकि, 2020 में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया और वे पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रहीं। इस बार भाजपा ने उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से मौका देकर एक तरह से उनका “राजनीतिक पुनर्वास” किया है।

चेनारी में मुरारी गौतम का नया दांव

चेनारी विधानसभा सीट से मुरारी गौतम पहले कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। उन्होंने फरवरी 2024 में विधानसभा में सरकार के विश्वास मत के पक्ष में मतदान करके अपनी राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी थी। चुनाव से ठीक पहले वे भाजपा में शामिल हो गए और अब भाजपा के समर्थन से लोजपा (रा) के टिकट पर मैदान में हैं।

अरुण कुमार और विनिता मेहता भी भाजपा समर्थित चेहरे

बख्तियारपुर से भाजपा नेता अरुण कुमार को भी लोजपा (रा) का उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह नवादा जिले के गोबिंदपुर से विनिता मेहता को टिकट मिला है, जो एक प्रमुख भाजपा नेता की पत्नी हैं। फतुहा में भी रूपा कुमारी को भाजपा की सिफारिश पर उम्मीदवार बनाया गया है।

इन सभी उम्मीदवारों के चयन से यह स्पष्ट है कि भाजपा और लोजपा (रा) के बीच गहरा तालमेल बन चुका है।

भाजपा की रणनीति क्या कहती है?

भाजपा की यह रणनीति दोहरे फायदे वाली मानी जा रही है। एक ओर पार्टी ने चिराग पासवान को खुश रखकर NDA में उनकी भूमिका मजबूत की है, तो दूसरी ओर अपने ही नेताओं को मैदान में उतारकर संगठन पर पकड़ भी बनाए रखी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा इस कदम से यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सीटों के बंटवारे के बावजूद नियंत्रण उसी के हाथ में रहे। 2020 की तरह यदि स्थिति दोहराई गई तो लोजपा (रा) के विजेता उम्मीदवार भविष्य में भाजपा के पाले में भी आ सकते हैं।

क्या खुश होंगे चिराग पासवान?

लोजपा (रा) के लिए यह सौदा लाभदायक माना जा रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि क्या चिराग पासवान वाकई इस “तोहफे” से खुश होंगे?

कई नेता मानते हैं कि भाजपा का यह कदम लोजपा (रा) के प्रभाव को सीमित भी कर सकता है, क्योंकि टिकट पाने वाले अधिकांश उम्मीदवार भाजपा से ही जुड़े हैं। फिर भी चिराग पासवान इस समझौते को “सकारात्मक” बताकर NDA में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में हैं।

भाजपा और लोजपा (रा) के बीच यह गठजोड़ बिहार की राजनीति में नया अध्याय लिख सकता है। सीटों और उम्मीदवारों के इस “गिफ्ट पैकेज” ने जहां NDA की एकता को मजबूत संदेश दिया है, वहीं यह भी साफ किया है कि भाजपा किसी भी सहयोगी को नाखुश नहीं रखना चाहती।

अब देखना होगा कि यह रणनीति चुनावी नतीजों में कितना असर दिखाती है और क्या चिराग पासवान इस बार अपने पिता रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत को और मजबूत कर पाते हैं या नहीं।

The Bharatiya Janata Party (BJP) has given a major political boost to Chirag Paswan’s Lok Janshakti Party (Ram Vilas) by offering both seats and candidates ahead of the Bihar Assembly elections. Similar to the 2020 VIP alliance model, BJP-supported candidates like Baby Kumari from Bocha, Murari Gautam from Chenari, and Arun Kumar from Bakhtiyarpur will contest under the LJP (R) banner. This BJP–LJP alliance signals a stronger NDA strategy in Bihar’s political landscape.

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