AIN NEWS 1: हवा, जिसे हम हर पल सांस के साथ अपने भीतर लेते हैं, हमारे स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। लेकिन यही हवा आज देश के कई शहरों में ज़हर बनती जा रही है। 11 दिसंबर 2025 की सुबह 6 बजे के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार, भारत के कई बड़े शहरों की हवा बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुकी है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी पर मंडरा रहे खतरे की सीधी चेतावनी है।
इस रिपोर्ट में देश के विभिन्न शहरों का रीयल-टाइम AQI डेटा शामिल है, जो ओपनवेदरमैप से प्राप्त किया गया है। इन आंकड़ों के आधार पर यह साफ देखा जा सकता है कि कुछ शहर सांस के संकट का सामना कर रहे हैं, खासकर उत्तर भारत के बड़े महानगर। तेजी से बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों के लिए बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।
शहरों की वायु गुणवत्ता: किसकी सांस सबसे ज्यादा संकट में?
आइए सबसे पहले उन प्रमुख शहरों पर नजर डालते हैं, जहाँ 6 बजे सुबह की हवा का स्तर कितना दर्ज किया गया:
दिल्ली (नरेला) — AQI: 416 (गंभीर श्रेणी)
दिल्ली लगातार देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल है। 416 का AQI सीधे ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि हवा में कण इतने खतरनाक स्तर पर हैं कि स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार पड़ सकता है। यह स्थिति बच्चों, बूढ़ों और गर्भवती महिलाओं के लिए और भी खतरनाक है।
नोएडा (सेक्टर-116) — AQI: 243 (खराब)
नोएडा की स्थिति भी चिंताजनक है। 243 का AQI ‘खराब’ श्रेणी में आता है। लंबी अवधि तक ऐसी हवा में रहने से सांस और आंखों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
गुरुग्राम (विकास सदन) — AQI: 183 (मध्यम से खराब की ओर)
गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। IT और औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते यहां वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता दिखाई देता है।
चंडीगढ़ (सेक्टर-25) — AQI: 158 (मध्यम)
चंडीगढ़ जैसे शहर में भी हवा अब साफ नहीं रही। यह आंकड़ा दर्शाता है कि हरे-भरे इलाकों वाला चंडीगढ़ भी प्रदूषण के प्रभाव से नहीं बच पाया।
बेंगलुरु (BTM लेआउट) — AQI: 152 (मध्यम)
आईटी हब बेंगलुरु की हवा भी धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। तेज ट्रैफिक और बढ़ती आबादी इसका मुख्य कारण है।
मुंबई (सिद्धार्थ नगर, वर्ली) — AQI: 149 (मध्यम)
मुंबई का स्तर भी स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। लगातार निर्माण कार्य, ट्रैफिक और समुद्री हवा का मिश्रण प्रदूषण बढ़ा रहा है।
हैदराबाद (बोलारम इंडस्ट्रियल एरिया) — AQI: 161 (मध्यम)
औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री उत्सर्जन के कारण हवा खतरे की ओर जा रही है।
चेन्नई (Kodungaiyur) — AQI: 175 (मध्यम)
कचरा निस्तारण सेंटर और औद्योगिक गतिविधियों के कारण यहां प्रदूषण बढ़ गया है।
पटना (समनपुरा) — AQI: 188 (मध्यम)
पटना लगातार खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों में रहा है। सर्दियों में स्थिति और बिगड़ जाती है।
कोलकाता (विक्टोरिया) — AQI: 239 (खराब)
भीड़भाड़, पुराने वाहन और नमी भरा मौसम कोलकाता की हवा को खतरनाक बना देते हैं।
लखनऊ (तालकटोरा) — AQI: 180 (मध्यम)
राजधानी लखनऊ भी सांस लेने वाली हवा के मामले में सुरक्षित नहीं है।
शिलॉन्ग (IN Stadium) — AQI: 105 (संतोषजनक से मध्यम)
पूरे देश में जहां हवा खराब है, वहीं शिलॉन्ग अभी भी अपेक्षाकृत साफ हवा वाले शहरों में शामिल है।
📊 AQI श्रेणियों के अनुसार देश की स्थिति
AQI स्तरों के आधार पर पूरे देश की हवा को देखें तो तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाती है:
अच्छी (0-50) — सिर्फ 3 स्थान
संतोषजनक (51-100) — 16 स्थान
मध्यम (101-200) — 63 स्थान
खराब (201-300) — 5 स्थान
बहुत खराब (301-400) — 1 स्थान
गंभीर (401) — 10 स्थान
इन संख्याओं से पता चलता है कि देश का बड़ा हिस्सा मध्यम से लेकर बेहद खराब हवा में सांस ले रहा है। यह स्थिति हमें चेतावनी देती है कि आने वाले समय में यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट बन सकता है।
वायु प्रदूषण के मुख्य कारण
1. वाहनों की बढ़ती संख्या
2. औद्योगिक उत्सर्जन
3. निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल
4. पराली जलाना (उत्तर भारत में विशेष रूप से)
5. कचरा जलाना
6. बदलता मौसम और हवा का कम बहाव
इनमें से हर कारण मिलकर हवा की गुणवत्ता को बिगाड़ रहा है।
यह हवा हमारे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है?
सांस की बीमारियां
अस्थमा और एलर्जी
आंखों में जलन
त्वचा की समस्या
दिल और फेफड़ों की बीमारियां
बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष असर
WHO के अनुसार प्रदूषित हवा हर साल लाखों लोगों की अकाल मृत्यु का कारण बनती है।
क्या करें? बचाव के कुछ आसान उपाय
सुबह-सुबह बाहर निकलने से बचें
N95 मास्क का उपयोग करें
घर में पौधे लगाएं
वाहन कम से कम चलाएं
एयर प्यूरीफायर का उपयोग
बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण वाले समय में बाहर न ले जाएं
India’s Air Quality Index (AQI) levels continue to rise, with major cities like Delhi, Noida, Kolkata, Bengaluru, Mumbai, and Chennai recording hazardous pollution levels. This detailed India AQI report highlights real-time air quality data, key pollution indicators, and city-wise comparisons to help readers understand the growing air pollution crisis across Indian cities. These AQI updates are crucial for tracking health risks and understanding the need for pollution control measures nationwide.



















