Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

मथुरा की होली पर नया विवाद: दिनेश फलाहारी महाराज ने ब्रज की होली में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी पर उठाए सवाल

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | उत्तर प्रदेश के मथुरा में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध ब्रज होली को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने राज्य सरकार से मांग की है कि ब्रज क्षेत्र में मनाई जाने वाली पारंपरिक होली में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी पर रोक लगाई जाए। इस संबंध में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपनी अपील भेजी है।

इस मांग के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जहां कुछ साधु-संतों ने उनके बयान का समर्थन किया है, वहीं कई लोग इसे सामाजिक सौहार्द और सदियों पुरानी परंपराओं से जोड़कर देख रहे हैं।

ब्रज की होली क्यों है खास?

मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव में मनाई जाने वाली ब्रज की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा है। यहां की लठमार होली, फूलों की होली और रंगोत्सव देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

ब्रज की होली की विशेषता यह रही है कि वर्षों से विभिन्न समुदायों के लोग इसमें भाग लेते रहे हैं। स्थानीय लोग इसे सांस्कृतिक उत्सव और सामाजिक मेल-मिलाप का प्रतीक मानते हैं।

मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र

दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में कहा है कि ब्रज की होली धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है और इसकी परंपराओं एवं धार्मिक स्वरूप को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि त्योहार केवल धार्मिक मर्यादाओं के अनुसार ही आयोजित हो।

पत्र में उन्होंने सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए विशेष दिशा-निर्देश बनाए जाएं।

 साधु-संतों का समर्थन

मथुरा और आसपास के कुछ संतों और धार्मिक संगठनों ने दिनेश फलाहारी महाराज की मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि ब्रज की होली एक धार्मिक आयोजन है और इसकी मूल परंपरा और आध्यात्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

कुछ संतों ने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान अनुशासन और धार्मिक आस्था का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। हालांकि सभी संतों की राय एक जैसी नहीं बताई जा रही है, और इस विषय पर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं।

सामाजिक दृष्टिकोण और परंपरा

ब्रज क्षेत्र की होली लंबे समय से सांस्कृतिक समरसता का उदाहरण मानी जाती रही है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का मानना है कि यह त्योहार क्षेत्र की पहचान और पर्यटन से भी जुड़ा हुआ है।

कई लोगों का कहना है कि ब्रज की परंपरा हमेशा से प्रेम, भाईचारे और कृष्ण भक्ति पर आधारित रही है। इसलिए इस मुद्दे को संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से देखने की आवश्यकता है।

प्रशासन की भूमिका

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर प्राथमिकता से काम कर रहा है।

हर साल की तरह इस बार भी होली के दौरान:

  • अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती

  • सीसीटीवी निगरानी

  • ड्रोन कैमरों से मॉनिटरिंग

  • यातायात नियंत्रण योजना

  • पर्यटकों के लिए हेल्प डेस्क

जैसी व्यवस्थाएं लागू किए जाने की संभावना है।

कानूनी और सामाजिक बहस

इस मुद्दे ने कानूनी और सामाजिक बहस को भी जन्म दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों से जुड़े निर्णय संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक संतुलन और स्थानीय परंपराओं को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।

भारत जैसे विविधता वाले देश में त्योहार अक्सर सांस्कृतिक संवाद का माध्यम बनते हैं। इसलिए ऐसे विषयों पर प्रशासन आमतौर पर सभी पक्षों की राय और कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय करता है।

 ब्रज की होली और पर्यटन

ब्रज की होली उत्तर प्रदेश के पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर वर्ष देश-विदेश से हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और छोटे कारोबारियों को आर्थिक लाभ मिलता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि होली के दौरान मथुरा-वृंदावन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल देखने को मिलता है। इसलिए किसी भी निर्णय का असर धार्मिक ही नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी पड़ सकता है।

आगे क्या?

अब सभी की नजर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के रुख पर टिकी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और त्योहार के आयोजन को लेकर क्या दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।

फिलहाल ब्रज क्षेत्र में होली की तैयारियां जारी हैं और श्रद्धालु उत्साह के साथ इस पावन पर्व का इंतजार कर रहे हैं।

मथुरा की होली केवल एक त्योहार नहीं बल्कि आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे में इससे जुड़े किसी भी मुद्दे को संवेदनशीलता, संवाद और सामाजिक संतुलन के साथ देखने की जरूरत है। आने वाले दिनों में प्रशासन और समाज की भूमिका इस बात को तय करेगी कि ब्रज की सदियों पुरानी परंपरा किस तरह आगे बढ़ेगी।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
23.1 ° C
23.1 °
23.1 °
46 %
4.1kmh
0 %
Tue
29 °
Wed
28 °
Thu
29 °
Fri
30 °
Sat
31 °
Video thumbnail
बात ब्राह्मणों के अपमान की आई भड़के Yogi और Raja Bhaiya ने दिया करारा जवाब! Yogi | Brahman
11:38
Video thumbnail
सदन में Abbas Ansari के भाषण के बाद CM Yogi का ऐसा बयान, हिल गया पूरा विपक्ष !
11:16
Video thumbnail
'वंदे मातरम्' का जो विरोध करेगा, वो वहीं जाए जहां पर उसको... योगी आदित्यनाथ
02:55
Video thumbnail
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर सदन में पहली बार दहाड़े Yogi,दे दिया जवाब, हिल जाएंगे Akhilesh Yadav
09:24
Video thumbnail
Yati Narsinghanand #viral #shorts
02:17
Video thumbnail
Yogi Adityanath : हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता..
01:45
Video thumbnail
Mahamandleshwer Dr. Rajeshwar Das: “धरती पर किसान है.., सनातन पर क्या खूब बोले महामंडलेश्वर राजेश्वर
15:38
Video thumbnail
Swati Maliwal on Arvind Kejriwal :पंजाब में चार्टड जेट से लेकर आलीशान महल में निवास करता है केजरीवाल
01:37
Video thumbnail
Akhilesh Yadav on Yogi Adityanath : उन्होंने अगर बाटी चोखा खाया तो प्रतिमा की तरह खड़ा होना पड़ेगा
01:02
Video thumbnail
#shorts #shortvideo
00:26

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

चारधाम यात्रा 2026: कपाट खुलने की तिथियां घोषित, 19 अप्रैल से शुरू होगी पवित्र यात्रा

AIN NEWS 1 | उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा...