AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यमुना एक्सप्रेसवे पर बलदेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत माइलस्टोन 127 के पास घने कोहरे के बीच हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद कई वाहन आग की चपेट में आ गए और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका अफरा-तफरी का केंद्र बन गया।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, सोमवार तड़के एक्सप्रेसवे पर घना कोहरा छाया हुआ था। दृश्यता बेहद कम होने के कारण एक बस अचानक अनियंत्रित हो गई। उसी दौरान पीछे से आ रही अन्य बसें और कारें एक-एक करके उससे टकराती चली गईं। देखते ही देखते करीब 8 बसें और 3 कारें आपस में भिड़ गईं।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ वाहनों में तुरंत आग लग गई। आग की लपटों और धुएं ने हालात और भी भयावह बना दिए। कई यात्री वाहनों के अंदर फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आग और चीख-पुकार का मंजर
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर जो दृश्य था, वह किसी भी इंसान को अंदर तक हिला देने वाला था। जली हुई बसें, सड़क पर बिखरा सामान, घायल लोगों की चीखें और चारों तरफ फैला धुआं—हर ओर अफरा-तफरी का माहौल था। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी और राहत कार्य में मदद की।
दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने में समय लगा, क्योंकि कुछ बसों में ईंधन के कारण आग तेजी से फैल चुकी थी।
चार लोगों की मौत की पुष्टि
प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में कुछ यात्री ऐसे भी थे, जो आग की चपेट में आ गए और उन्हें बचने का मौका नहीं मिल सका। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।
घायलों का इलाज जारी
हादसे में 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से मथुरा और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है।
प्रशासन मौके पर सक्रिय
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। एक्सप्रेसवे को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए।
प्रशासन ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया।
हादसे की मुख्य वजह: घना कोहरा
प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण घना कोहरा और कम दृश्यता माना जा रहा है। सर्दियों के मौसम में यमुना एक्सप्रेसवे पर अक्सर कोहरे की समस्या रहती है, लेकिन तेज रफ्तार और लापरवाही इस तरह की दुर्घटनाओं को और घातक बना देती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करते और सुरक्षित दूरी बनाए रखते, तो शायद हादसे की गंभीरता कम हो सकती थी।
एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे, बड़ा सवाल
यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था और ड्राइवरों की सतर्कता पर सवाल खड़े करता है। हर साल सर्दियों में कोहरे के कारण इस मार्ग पर कई बड़े हादसे होते हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग गति पर नियंत्रण नहीं रखते।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के समय फॉग लाइट का प्रयोग करें, गति सीमा का पालन करें और जरूरत न हो तो यात्रा से बचें।
पीड़ित परिवारों के लिए संवेदनाएं
इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके लिए यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती। प्रशासन की ओर से मुआवजे की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
A tragic road accident on the Yamuna Expressway in Mathura near milestone 127 occurred due to dense fog, involving multiple buses and cars. The Mathura Yamuna Expressway accident resulted in four deaths and several injuries, highlighting the growing concern over road safety during winter fog conditions in Uttar Pradesh.


















