AIN NEWS 1: सोने की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के बजट को झटका दे दिया है। जहां कुछ साल पहले 22 कैरेट सोने की जूलरी आम बात थी, वहीं अब उसकी कीमतें आसमान छू रही हैं। अक्टूबर 2025 में 24 कैरेट सोना 1,26,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,23,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुका है। ऐसे में शादी-ब्याह जैसे मौकों पर जूलरी खरीदना अब कई परिवारों के लिए भारी साबित हो रहा है।

लेकिन, इस महंगाई के बीच लोगों ने एक नया विकल्प ढूंढ निकाला है — 9 कैरेट गोल्ड जूलरी (9K Gold Jewellery)। यह जूलरी न केवल किफायती है बल्कि दिखने में भी आकर्षक लगती है। खासकर जेन ज़ी (Gen Z) और मिलेनियल्स के बीच यह ट्रेंड काफी लोकप्रिय हो रहा है।
क्या है 9 कैरेट गोल्ड?
जुलाई 2025 में केंद्र सरकार ने 9 कैरेट गोल्ड जूलरी को भी हॉलमार्किंग की मंजूरी दे दी थी। अब यह भी 24K, 22K, 18K और 14K गोल्ड की श्रेणी में आधिकारिक रूप से शामिल है।
9 कैरेट सोने में केवल 37.5% शुद्ध सोना होता है और बाकी हिस्सा अन्य धातुओं जैसे कॉपर, जिंक, सिल्वर या पैलेडियम का मिश्रण होता है। यही वजह है कि यह सस्ता, टिकाऊ और रंग में थोड़ा अलग दिखाई देता है।
कैरेट सोने की शुद्धता (%) BIS हॉलमार्क कोड मिश्र धातु (%)
24K 99.99% 999 0%
22K 91.67% 916 8.33%
18K 75% 750 25%
14K 58.5% 585 41.5%
9K 37.5% 375 62.5%
क्यों बढ़ रही है 9K गोल्ड की डिमांड?
महंगे सोने के दौर में, बहुत से लोग निवेश का मौका छोड़ना नहीं चाहते। लेकिन 22K या 24K सोने की कीमतें इतनी ज्यादा हैं कि हर किसी के बस की बात नहीं। ऐसे में 9K और 14K गोल्ड जूलरी एक किफायती विकल्प बन गई है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वाइस प्रेसिडेंट अक्षा कम्बोज के अनुसार, “लोग अब भी गोल्ड को एक सुरक्षित निवेश मानते हैं। लेकिन 24K सोना बहुत महंगा होने से वे कम कैरेट की जूलरी लेकर इस एसेट क्लास में बने रहना चाहते हैं।”
इसका मतलब यह हुआ कि लोग 9K गोल्ड जूलरी को ‘एंट्री लेवल इन्वेस्टमेंट’ के रूप में देख रहे हैं — यानी सोने में कदम रखने का एक सस्ता तरीका।
क्या 9 कैरेट गोल्ड निवेश के लिए सही है?
अब सबसे बड़ा सवाल — क्या 9K गोल्ड में निवेश समझदारी है?
IBJA चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी का कहना है कि “9 कैरेट गोल्ड भारत में निवेश के लिए उपयुक्त नहीं है। इसमें सोने की मात्रा बहुत कम होती है, इसलिए इसका मूल्य सीमित है। यह फैशन या रोजमर्रा के उपयोग के लिए अच्छा है, लेकिन निवेश के लिए नहीं।”
वे आगे कहते हैं कि “22K और 18K गोल्ड जूलरी निवेश और जूलरी दोनों के लिहाज से बेहतर मानी जाती हैं। इनका रीसेल वैल्यू सीधे बाजार के सोने के रेट से जुड़ा होता है, जबकि 14K और 9K गोल्ड में रीसेल पर नुकसान झेलना पड़ सकता है।”
इसका मतलब यह है कि अगर आप सोना केवल निवेश के नजरिए से खरीद रहे हैं, तो 22K या 24K सोने को प्राथमिकता दें। लेकिन अगर आप फैशन, स्टाइल और बजट के बीच संतुलन चाहते हैं, तो 9K एक समझदारी भरा विकल्प बन सकता है।
क्यों पसंद आ रहा है युवा वर्ग को 9K गोल्ड?
युवाओं के लिए सोना अब सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि फैशन एक्सेसरी भी है। जेन ज़ी और मिलेनियल्स के बीच 9K और 14K गोल्ड की लोकप्रियता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि:
यह हल्का और रोजाना पहनने योग्य होता है।
डिजाइन में ज्यादा वैराइटी मिलती है।
कीमत कम होने से ट्रेंड बदलने पर नुकसान नहीं होता।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी अब 9K जूलरी को प्रमोट कर रहे हैं।
इस तरह, यह जूलरी अब सिर्फ परंपरा का हिस्सा नहीं, बल्कि मॉडर्न फैशन स्टेटमेंट बन चुकी है।
धनतेरस और दिवाली में क्या 9K गोल्ड खरीदना सही है?
धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। अगर आप इस त्योहारी सीजन में किफायती जूलरी लेना चाहते हैं, तो 9K गोल्ड आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
हालांकि, ध्यान रखें कि यह निवेश के लिए नहीं बल्कि स्टाइल और उपयोग के लिए उपयुक्त है। अगर आप इसे आगे चलकर बेचने का सोच रहे हैं, तो इसकी रीसेल वैल्यू 22K या 24K गोल्ड की तुलना में कम मिलेगी।
9 कैरेट गोल्ड जूलरी उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है जो सोने की सुंदरता और परंपरा का आनंद लेना चाहते हैं लेकिन अधिक कीमत चुकाना नहीं चाहते। यह टिकाऊ, सस्ता और देखने में आकर्षक होता है, लेकिन निवेश के लिहाज से इसकी क्षमता सीमित है।
अगर आप अपनी जूलरी कलेक्शन बढ़ाना चाहते हैं, तो 9K एक बढ़िया चॉइस है। लेकिन अगर आपका उद्देश्य लंबी अवधि का निवेश है, तो 22K या 24K गोल्ड ही सही रहेगा।
With gold prices in India crossing ₹1.25 lakh per 10 grams, 9K gold jewellery is becoming a popular choice among Gen Z and millennials looking for affordable gold options. The government’s approval for hallmarking 9K gold has made it an official category, offering buyers a cheaper way to own gold. However, experts from the India Bullion and Jewellers Association (IBJA) warn that while 9K gold is great for fashion jewellery, it is not ideal for investment. For better resale value and long-term returns, 22K and 18K gold remain the preferred options.


















