Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

मां वैष्णो देवी भवन: कटरा से यात्रा की आसान और पूरी गाइड!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: मां वैष्णो देवी मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह पवित्र मंदिर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा कस्बे के पास त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। माता का भवन एक प्राचीन और चमत्कारी गुफा मंदिर है, जहां मां वैष्णो देवी के पवित्र पिंडियों के रूप में दर्शन होते हैं। हर साल देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु यहां आकर माता के चरणों में अपनी आस्था प्रकट करते हैं।

कटरा को वैष्णो देवी यात्रा का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है। यहीं से पूरी यात्रा शुरू होती है। कटरा से भवन तक की कुल दूरी लगभग 13 किलोमीटर है। इस रास्ते को तय करने के लिए कई सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध हैं, ताकि हर उम्र और हर तरह के यात्री आसानी से दर्शन कर सकें।

सबसे पारंपरिक और लोकप्रिय तरीका पैदल ट्रैकिंग का है। अधिकतर भक्त इस पवित्र मार्ग पर “जय माता दी” का उद्घोष करते हुए पैदल ही चढ़ाई करते हैं। सामान्य दिनों में यह यात्रा एक तरफ से करीब 6 से 8 घंटे में पूरी हो जाती है। रास्ता पूरी तरह पक्का और सुरक्षित है। जगह-जगह आराम करने के लिए बेंच, शेड और जलपान केंद्र बने हुए हैं।

जो लोग पैदल चलने में असमर्थ होते हैं, उनके लिए घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सुविधा दी जाती है। बुजुर्ग यात्रियों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह काफी मददगार साबित होती है। इसके अलावा कुछ हिस्सों में बैटरी कार और ई-रिक्शा की व्यवस्था भी रहती है। यह सेवा खासकर उन यात्रियों के लिए है जो कम समय में और कम थकान के साथ ऊपर पहुंचना चाहते हैं।

जल्दी दर्शन करने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए हेलिकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है। कटरा से सांझीछत तक हेलिकॉप्टर द्वारा पहुंचकर यात्री वहां से भवन तक का बचा हुआ रास्ता पैदल या बैटरी कार से तय कर सकते हैं। कुछ स्थानों पर रोप-वे की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे यात्रा और भी आसान बन गई है।

पिछले कुछ वर्षों में यात्रा व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं। हाल ही में RFID कार्ड प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। अब हर यात्री को यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक रजिस्ट्रेशन करवाकर RFID यात्रा कार्ड लेना होता है। यह कार्ड सुरक्षा की दृष्टि से बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे हर श्रद्धालु की ट्रैकिंग की जाती है।

नए नियमों के अनुसार RFID कार्ड लेने के बाद श्रद्धालु को 10 घंटे के भीतर अपनी यात्रा शुरू करनी होती है। दर्शन करने के बाद 24 घंटे के भीतर कटरा लौटना भी अनिवार्य किया गया है। इन नियमों का उद्देश्य केवल यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना है। इससे रास्ते पर अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होती और प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है।

सुरक्षा के लिहाज से माता वैष्णो देवी यात्रा पूरी तरह हाई अलर्ट जोन में रहती है। भवन और पूरे ट्रैक पर 700 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस, डॉग स्क्वाड और विशेष सुरक्षा बल 24 घंटे तैनात रहते हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमें भी लगातार सक्रिय रहती हैं।

मौसम को ध्यान में रखना इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। त्रिकूट पर्वत क्षेत्र में अचानक बारिश, भूस्खलन या खराब मौसम के कारण कभी-कभी यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी जाती है। इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले श्रद्धालुओं को आधिकारिक वेबसाइट या श्राइन बोर्ड से ताज़ा जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

यात्रा के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज साथ रखना बहुत आवश्यक है। सबसे पहले आधिकारिक यात्रा पर्ची और RFID कार्ड होना अनिवार्य है। इसके बिना किसी भी यात्री को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाती। साथ ही आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट जैसी कोई फोटो पहचान पत्र जरूर रखें। यदि किसी श्रद्धालु को पहले से कोई बीमारी है, तो डॉक्टर की पर्ची और आवश्यक दवाइयाँ साथ ले जाना बहुत जरूरी है।

माता के भवन तक पहुँचने के लिए सबसे सुविधाजनक साधनों में ट्रेन यात्रा भी एक प्रमुख विकल्प है। देश के लगभग सभी बड़े शहरों से कटरा रेलवे स्टेशन तक सीधी ट्रेनें चलती हैं। यह स्टेशन “श्री माता वैष्णो देवी कटरा” के नाम से जाना जाता है। हवाई यात्रियों के लिए जम्मू एयरपोर्ट सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा है, जहां से बस या टैक्सी द्वारा लगभग डेढ़ से दो घंटे में कटरा पहुँचा जा सकता है।

यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए कुछ बातों का पालन करना बहुत जरूरी है। यात्रियों को रास्ते में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए। चढ़ाई के दौरान शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है, इसलिए हाइड्रेशन पर खास ध्यान दें। ऊर्जा बनाए रखने के लिए फल, ड्राई फ्रूट्स या एनर्जी बार साथ रखना लाभदायक रहता है।

मौसम के अनुसार सही कपड़े पहनना भी बेहद जरूरी है। सर्दियों में त्रिकूट पर्वत पर कड़ाके की ठंड पड़ती है, इसलिए गर्म जैकेट, मफलर और दस्ताने जरूर रखें। मानसून के मौसम में रेनकोट और वाटरप्रूफ जूते बहुत काम आते हैं। यात्रा के दौरान हमेशा आरामदायक और मजबूत जूते पहनें, ताकि फिसलन से बचा जा सके।

कुछ काम ऐसे भी हैं जो इस पवित्र यात्रा में पूरी तरह वर्जित हैं। कटरा से आगे जाने पर शराब, सिगरेट, तंबाकू और किसी भी तरह का नशा कठोर रूप से प्रतिबंधित है। भारी और बेकार का सामान साथ ले जाना भी सही नहीं माना जाता, क्योंकि इससे यात्रा में परेशानी बढ़ती है। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में धक्का-मुक्की से बचना चाहिए और लाइन में शांति से आगे बढ़ना चाहिए।

यात्रियों को बिना अनुमति किसी बंद रास्ते या पहाड़ी के खतरनाक हिस्सों में नहीं जाना चाहिए। प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों और बोर्ड पर दिए गए निर्देशों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। इससे न केवल आपकी यात्रा सुरक्षित रहती है, बल्कि अन्य श्रद्धालुओं को भी असुविधा नहीं होती।

भवन परिसर में श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। यात्रियों के ठहरने के लिए मुफ्त विश्राम गृह और प्रतीक्षालय बने हुए हैं। इसके अलावा शुद्ध शाकाहारी भोजन, चाय-नाश्ता केंद्र और मेडिकल सहायता चौबीसों घंटे मिलती है। थके हुए यात्रियों के लिए ये सुविधाएँ बहुत राहत देने वाली होती हैं।

यात्रा के दौरान यदि किसी को अधिक थकान, सांस लेने में दिक्कत या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो, तो तुरंत नज़दीकी मेडिकल सेंटर से संपर्क करना चाहिए। पहाड़ से उतरते समय हमेशा धीरे-धीरे चलें और जल्दबाजी न करें। अपने मोबाइल में यात्रा की हेल्पलाइन सेव कर लें और परिवार वालों को अपनी लोकेशन समय-समय पर भेजते रहें।

कुल मिलाकर मां वैष्णो देवी की यात्रा जितनी पवित्र है, उतनी ही व्यवस्थित और सुरक्षित भी है। सही तैयारी, धैर्य और सावधानियों के साथ कोई भी श्रद्धालु आसानी से भवन तक पहुँचकर माता के दर्शन कर सकता है। यदि आप पहली बार जा रहे हैं, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। “जय माता दी” के विश्वास के साथ यह यात्रा जीवन का यादगार अनुभव बन जाती है।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
17.1 ° C
17.1 °
17.1 °
67 %
0kmh
60 %
Fri
19 °
Sat
27 °
Sun
29 °
Mon
30 °
Tue
30 °
Video thumbnail
Mahamandleshwer Dr. Rajeshwar Das: “धरती पर किसान है.., सनातन पर क्या खूब बोले महामंडलेश्वर राजेश्वर
15:38
Video thumbnail
Swati Maliwal on Arvind Kejriwal :पंजाब में चार्टड जेट से लेकर आलीशान महल में निवास करता है केजरीवाल
01:37
Video thumbnail
Akhilesh Yadav on Yogi Adityanath : उन्होंने अगर बाटी चोखा खाया तो प्रतिमा की तरह खड़ा होना पड़ेगा
01:02
Video thumbnail
#shorts #shortvideo
00:26
Video thumbnail
AKhilesh Yadav : अभी समय है इलेक्शन में, आप समय क्यों नहीं देना चाहते हैं?
01:32
Video thumbnail
सदन में सवाल पूछ रही थी कांग्रेस की महिला सांसद, हल्ला मचाने लगा पूरा विपक्ष, सभापति ने क्या कहा?
07:58
Video thumbnail
‘बार्डर 2’ देखकर भावुक हुईं अभिनेत्री श्वेता चौहान
02:43
Video thumbnail
Former Uttar Pradesh minister Madan Chauhan escapes assassination attempt in Hapur
06:06
Video thumbnail
मेरठ: धागा कारोबारी से 20 लाख वसूली केस में फंसे 2 दरोगा, 15 लाख
01:50
Video thumbnail
Yogi Adutyanath : क़यामत तक बाबरी मस्जिद नहीं बन पायेगी.बाबरी का सपना कभी पूरा नहीं होने देंगे।
02:42

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर पत्रकार को धमकी देने का आरोप, सुरक्षा और कार्रवाई की मांग!

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर पत्रकार को धमकी देने...