मुरादाबाद में बड़ा खुलासा: देसी अंडे के नाम पर हो रही थी रंगाई, फूड सेफ्टी विभाग ने 45 हजार नकली अंडे जब्त किए!

0
74

AIN NEWS 1: उत्‍तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में फूड सेफ्टी विभाग ने एक ऐसी कार्रवाई की है जिसने बाजार में बिक रहे अंडों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के एक अंडा गोदाम में छापेमारी के दौरान विभाग की टीम ने पाया कि यहां साधारण सफेद अंडों को रंग लगाकर देसी अंडों जैसा बनाया जा रहा था। लोगों को धोखा देने के लिए इन अंडों को बाजार में महंगे दामों पर बेचा जा रहा था।

कैसे हुआ यह खुलासा?

फूड सेफ्टी विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शहर के कई हिस्सों में देसी अंडों के नाम पर नकली अंडे बेचे जा रहे हैं। आमतौर पर देसी अंडों का दाम साधारण अंडों से अधिक होता है। इसी वजह से कुछ विक्रेता अधिक मुनाफा कमाने के लिए फर्जीवाड़े का रास्ता अपनाते हैं।

इन्हीं शिकायतों की पुष्टि करने के लिए विभाग ने एक टीम तैयार की और शहर में स्थित एक प्रमुख अंडा गोदाम पर अचानक छापा मारा।

जैसे ही अधिकारियों ने गोदाम की तलाशी शुरू की, उन्हें बड़ी मात्रा में पहले से रंगे हुए अंडे दिखाई दिए। जांच में पता चला कि सफेद अंडों पर पीला-भूरा कलर लगाकर उन्हें देसी अंडा बताया जा रहा था। यह रंग खाने योग्य नहीं था और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता था।

45 हजार रंगे हुए अंडे जब्त

फूड सेफ्टी विभाग ने मौके पर ही लगभग 45,000 नकली देसी अंडे जब्त कर लिए। ये सभी अंडे पहले से रंगे हुए थे और बाजार में भेजने की तैयारी चल रही थी। अधिकारी हैरान थे कि इतने बड़े स्तर पर मिलावट का यह खेल कितना समय से चल रहा था।

गोदाम में इस्तेमाल होने वाले रंग, ब्रश और पैकिंग सामग्री भी बरामद की गई। जांच टीम के अनुसार, यह सारा काम एक सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था।

गोदाम को किया गया सील

कार्रवाई के बाद फूड सेफ्टी विभाग ने गोदाम को तुरंत सीज कर दिया। कर्मचारियों और संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इसके बाद नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है, जहां से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लोगों की सेहत से खिलवाड़

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि बाजार में नकली देसी अंडे बेचना न सिर्फ धोखाधड़ी है, बल्कि लोगों की सेहत के लिए भी खतरनाक है। नकली रंगों से रंगे गए अंडे शरीर में कई तरह की समस्याएँ पैदा कर सकते हैं, जैसे—

एलर्जी

पेट संबंधी बीमारियाँ

फूड पॉइजनिंग

बच्चों और बुजुर्गों में गंभीर संक्रमण

खास बात यह है कि देसी अंडे आमतौर पर ज्यादा पौष्टिक माने जाते हैं। उपभोक्ता भी इन्हें स्वास्थ्य लाभ के लिए खरीदते हैं। ऐसे में रंगे हुए अंडे लोगों के भरोसे का सीधा शोषण हैं।

लाभ का खेल, नुकसान जनता का

जांच में यह भी सामने आया है कि सफेद अंडे सस्ते मिलते हैं जबकि देसी अंडों की कीमत बाजार में काफी ज्यादा होती है। इसी अंतर का फायदा उठाकर अंडा व्यापारी लोगों को धोखा दे रहे थे।

जहां एक सफेद अंडा 6–7 रुपये में मिलता है, वहीं देसी अंडे की कीमत 12–15 रुपये होती है। इसी मुनाफे के लालच में यह मिलावट का कारोबार चलाया जा रहा था।

फूड सेफ्टी विभाग की बड़ी कार्रवाई से लोगों में जागरूकता

इस छापेमारी के बाद शहर के लोग भी सतर्क हो गए हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय बाजारों में इस घटना की चर्चा तेजी से फैल गई है। कई लोग अब सोच-समझकर अंडे खरीद रहे हैं और विक्रेताओं से उनकी क्वालिटी के बारे में पूछ रहे हैं।

अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं संदेहजनक गतिविधि दिखे या खाद्य पदार्थ में मिलावट की आशंका हो तो तुरंत फूड सेफ्टी विभाग को शिकायत करें।

कैसे पहचानें असली और नकली देसी अंडा?

फूड सेफ्टी विभाग ने कुछ सरल टिप्स बताए हैं—

1. रंग उतारकर देखें:

हल्के से गीले कपड़े से पोंछने पर रंग उतर जाता है।

2. खोल का रंग प्राकृतिक होता है:

असली देसी अंडे का खोल हल्का भूरा या गहरा भूरा होता है, लेकिन इसका शेड पूरी तरह समान नहीं होता।

3. अंडे की जर्दी गाढ़ी और गहरी पीली होती है।

4. दाम पर ध्यान दें:

बहुत सस्ते दाम पर मिलने वाले देसी अंडों पर संदेह जरूर करें।

आगे क्या होगा?

विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और शहर के अन्य गोदामों व दुकानों पर भी निगरानी रखी जा रही है। सम्भावना है कि आने वाले दिनों में और भी छापे मारे जाएँ।

अधिकारियों ने साफ कहा है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

The Food Safety Department in Moradabad uncovered a shocking fake desi eggs scam, where white eggs were being colored and sold as desi eggs to unsuspecting consumers. During the raid, officials seized over 45,000 colored eggs and sealed the warehouse involved in this major food fraud. This incident has raised concerns about food safety in Uttar Pradesh, highlighting the need for strict monitoring and action against such illegal practices.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here