AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश सरकार अवैध रूप से बसाई जा रही कॉलोनियों और बिना अनुमति तैयार किए गए निर्माणों पर लगातार सख्ती बरत रही है। इसी कड़ी में गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र में बुधवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई न सिर्फ अवैध निर्माण पर प्राधिकरण की गंभीरता को दिखाती है, बल्कि ऐसे लोगों के लिए भी एक कड़ा संदेश है जो बिना स्वीकृति के जमीनों को कॉलोनियों में बदलकर आम लोगों को गुमराह करते हैं।
🔸 34,700 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली अवैध कॉलोनियां ध्वस्त
प्रवर्तन जोन-2 की टीम सुबह से ही ग्राम सिकरी खुर्द स्थित माता मंदिर रोड पर पहुंच गई, जहां लगभग 34,700 वर्ग मीटर जमीन पर दो बड़ी अवैध कॉलोनियां तेजी से विकसित की जा रही थीं। टीम ने मौके पर निरीक्षण कर यह पाया कि कॉलोनाइजरों के पास न तो कॉलोनी विकसित करने की अनुमति थी और न ही किसी प्रकार के वैध दस्तावेज।
🔹 पहली कार्रवाई: खसरा संख्या 639
पहला अवैध विकास खसरा संख्या 639 की जमीन पर हो रहा था।
यहां मनजीत सिंह, संजय और राजीव चौधरी द्वारा लगभग 6,700 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्लॉट काटकर कॉलोनी की रूपरेखा तैयार की गई थी।
सड़कों का निशान तय कर दिया गया था, साथ ही बाउंड्री वॉल और अस्थायी निर्माण भी किए जा चुके थे। लेकिन इस बड़े विकास कार्य का कोई स्वीकृत लेआउट उपलब्ध नहीं था।
🔹 दूसरी कार्रवाई: खसरा संख्या 642—सबसे बड़ा अवैध विकास
दूसरी और सबसे बड़ी कार्रवाई खसरा संख्या 642 पर की गई।
यहां सोहनवीर सिंह, बलदेव सिंह, मनीष कुमार, टेकराम, जुगतू सिंह और राजेंद्र द्वारा करीब 28,000 वर्ग मीटर भूमि पर कॉलोनी का आकार दिया जा रहा था।
इस कॉलोनी में—
मिट्टी भराई
ईंटों की चिनाई
अंदर जाने के रास्तों का डिमार्केशन
प्लॉटों का लेआउट
सब तैयार किया जा रहा था।
स्पष्ट था कि कॉलोनाइजरों का इरादा इसी जमीन पर बड़ी अवैध कॉलोनी बनाकर बेचने का था।
🔸 बिना अनुमति के कोई दस्तावेज नहीं, GDA की सख्ती
जब जीडीए की टीम ने कॉलोनाइजरों से वैध मानचित्र, स्वामित्व अभिलेख और स्वीकृति पत्र मांगे, तो वे कुछ भी प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद बिना देर किए टीम ने मौके पर मौजूद सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया।
🔨 बुलडोजर ने गिराई सड़कें, बाउंड्री वॉल और साइट ऑफिस
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान निम्न संरचनाएं तोड़ी गईं—
अवैध तरीके से बनी सड़कों
बाउंड्री वॉल
अस्थायी साइट ऑफिस
ईंटों के ढांचे
कॉलोनी के अंदर बनाई गई विभाजन रेखाएं
कुछ ही घंटों में पूरी कॉलोनी का स्वरूप मिट्टी में मिल गया।
🔸 विरोध करने की कोशिश, लेकिन पुलिस ने नियंत्रण किया
ध्वस्तीकरण शुरू होते ही कॉलोनाइजरों और उनके समर्थकों ने विरोध करने की कोशिश की।
कई लोग बहस करने लगे, जबकि कुछ लोगों ने कार्रवाई रोकने की मांग की।
हालात तनावपूर्ण होते देख स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण का पुलिस बल तुरंत सक्रिय हुआ और विरोध को शांत कर दिया।
इसके बाद कार्रवाई बिना किसी रुकावट के जारी रही।
🔸 जीडीए अधिकारियों की कड़ी चेतावनी
कार्रवाई के बाद प्रवर्तन अधिकारियों ने मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और कॉलोनाइजरों को सख्ती से चेतावनी दी कि—
बिना स्वीकृति कोई भी प्लॉटिंग नहीं होगी
अवैध निर्माणों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
दोषियों के खिलाफ चालानी कार्रवाई और कानूनी कदम उठाए जाएंगे
अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही अनिवार्य रूप से की जाएगी।
🔹 भारी पुलिस बल के साथ पूरी प्रक्रिया पूरी
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान—
सहायक अभियंता
अवर अभियंता
सुपरवाइजर
GDA प्रवर्तन टीम
और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल
पूरी कार्रवाई में शामिल रहे।
यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार की बाधा निर्माण प्रक्रिया में न आए।
⭐ यह कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अभियान सिर्फ अवैध निर्माण गिराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई बड़े संदेश निकलकर सामने आते हैं—
1. गैरकानूनी कॉलोनी विकसित करने वालों पर अब सीधी कार्रवाई होगी।
2. सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति जमीन पर दिखने लगी है।
3. आम लोगों को ऐसे प्लॉट खरीदने से पहले सतर्क होने की जरूरत है।
4. गाजियाबाद में अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण के लिए GDA तेजी से काम कर रहा है।
मोदीनगर में की गई यह कार्रवाई न केवल अवैध कॉलोनाइजरों पर करारा प्रहार है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्राधिकरण अब किसी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं करेगा।
सरकार और जीडीए का यह संयुक्त अभियान आम नागरिकों को सुरक्षित और वैध आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
The Ghaziabad Development Authority (GDA) carried out a major demolition drive in Modinagar targeting illegal colonies built without approved maps or land ownership documents. This enforcement action, part of the Yogi government’s wider crackdown on unauthorized construction across Uttar Pradesh, involved bulldozers removing illegal roads, boundary walls and site offices. The GDA demolition in Modinagar sends a strong message to illegal developers and highlights the government’s strict stance on unlawful land development.


















