AIN NEWS 1 नई दिल्ली: कड़ी मेहनत, स्पष्ट लक्ष्य और मजबूत संकल्प — जब ये तीनों साथ आते हैं, तो सफलता दूर नहीं रहती। इसका ताज़ा उदाहरण हैं अनुभव शर्मा, जिन्होंने यूजीसी नेट (कानून) परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में 99.52 पर्सेंटाइल हासिल कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा में सफलता नहीं है, बल्कि यह उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और शैक्षणिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।
जामिया से एलएलबी, प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण
अनुभव शर्मा ने अपनी विधि स्नातक (एलएलबी) की पढ़ाई जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पूरी की। उन्होंने एलएलबी की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की, जो उनके मजबूत अकादमिक आधार को दर्शाता है।
जामिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अनुभव ने न केवल पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखी बल्कि विषय की गहराई को समझने पर विशेष ध्यान दिया।
उनके करीबी बताते हैं कि अनुभव हमेशा से पढ़ाई को लेकर गंभीर रहे हैं। वे केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि विषय को समझने के उद्देश्य से अध्ययन करते हैं। यही दृष्टिकोण आगे चलकर उनकी सफलता का आधार बना।
एलएलएम के साथ यूजीसी नेट की तैयारी
एलएलबी के बाद अनुभव शर्मा ने राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एलएलएम कार्यक्रम में प्रवेश लिया। वर्तमान में वे एलएलएम की पढ़ाई कर रहे हैं और हाल ही में प्रथम सेमेस्टर भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया है।
एलएलएम की पढ़ाई स्वयं में गहन शोध और अध्ययन की मांग करती है। ऐसे में यूजीसी नेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता।
लेकिन अनुभव ने समय प्रबंधन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। उन्होंने नियमित अध्ययन, सीमित लेकिन प्रभावी संसाधनों और निरंतर पुनरावृत्ति पर ध्यान केंद्रित किया।
उनकी रणनीति स्पष्ट थी —
सिलेबस की गहराई से समझ
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण
नियमित मॉक टेस्ट
कमजोर विषयों पर अतिरिक्त अभ्यास
इसी संतुलित तैयारी का परिणाम रहा कि उन्होंने पहले ही प्रयास में 99.52 पर्सेंटाइल अर्जित किया।
पहले प्रयास में 99.52 पर्सेंटाइल का महत्व
यूजीसी नेट (कानून) परीक्षा देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है। इसमें सफलता प्राप्त करना आसान नहीं होता, क्योंकि इसमें देशभर के प्रतिभाशाली अभ्यर्थी शामिल होते हैं।
99.52 पर्सेंटाइल का अर्थ है कि अनुभव ने लगभग सभी प्रतियोगियों से बेहतर प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि न केवल उनकी शैक्षणिक योग्यता को दर्शाती है, बल्कि उनकी तैयारी की गुणवत्ता को भी साबित करती है।
विशेष बात यह है कि यह उनका पहला प्रयास था। आमतौर पर कई छात्र इस परीक्षा को पास करने के लिए कई प्रयास करते हैं, लेकिन अनुभव ने पहली ही बार में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि यदि तैयारी सही दिशा में हो, तो परिणाम भी उत्कृष्ट आते हैं।
परिवार और गुरुओं का योगदान
अपनी इस उपलब्धि पर अनुभव शर्मा ने विनम्रता के साथ कहा कि यह सफलता केवल उनकी नहीं है। उन्होंने अपने परिवार, शिक्षकों और मित्रों को इसका श्रेय दिया।
उनके अनुसार,
“मेरे परिजनों का विश्वास और मेरे गुरुओं का मार्गदर्शन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। जब भी कठिन समय आया, उन्होंने मुझे हिम्मत दी और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।”
यह बयान उनके व्यक्तित्व की सादगी और कृतज्ञता को दर्शाता है।
सफलता के इस मुकाम पर भी उन्होंने अपनी जड़ों और सहयोगियों को नहीं भुलाया — यही बात उन्हें और खास बनाती है।
युवा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा
अनुभव शर्मा की सफलता आज उन हजारों कानून छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो यूजीसी नेट की तैयारी कर रहे हैं।
उनकी यात्रा यह सिखाती है कि —
सही दिशा में की गई मेहनत रंग लाती है
निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है
समय प्रबंधन बेहद जरूरी है
आत्मविश्वास और धैर्य परीक्षा की तैयारी में अहम भूमिका निभाते हैं
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में वे शिक्षण और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। यदि ऐसा होता है, तो निश्चित रूप से वे विधि शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
शैक्षणिक जगत में खुशी का माहौल
अनुभव शर्मा की इस उपलब्धि पर उनके शिक्षकों, सहपाठियों और परिचितों में खुशी की लहर है। जामिया और उनके वर्तमान संस्थान से जुड़े लोगों ने भी उन्हें बधाई दी है।
खबरें जंक्शन की टीम ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है और उम्मीद जताई है कि वे आगे भी इसी तरह नई ऊँचाइयाँ छूते रहेंगे।
यूजीसी नेट (कानून) में 99.52 पर्सेंटाइल प्राप्त करना किसी भी छात्र के लिए गर्व की बात है। अनुभव शर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया है कि समर्पण, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है जो विधि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।
आने वाले समय में उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा सकती है।
Anubhav Sharma, a Jamia Millia Islamia LLB graduate, has secured an impressive 99.52 percentile in the UGC NET Law 2026 examination in his first attempt. Currently pursuing LLM at Rajiv Gandhi National Law University, his achievement highlights academic excellence, strategic preparation, and strong dedication. His success story in the UGC NET Law exam serves as an inspiration for law students across India aiming for careers in teaching, research, and higher judiciary.


















