AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित गोवर्धन थाना क्षेत्र के कुछ गांव लंबे समय से साइबर ठगी के लिए बदनाम रहे हैं। देवसरस, मुरसेरस, दौलतपुर और नगला कटिया — ये चारों गांव राजस्थान और हरियाणा की सीमा से लगे हुए हैं। यही वजह है कि पुलिस की पहुंच से बचने और दूसरे राज्यों में फरार होने का रास्ता इन ठगों के लिए आसान माना जाता था। इसी कारण इन गांवों को लोग अब ‘यूपी का जामताड़ा’ कहकर संबोधित करने लगे हैं।
लेकिन इस बार पुलिस ने ऐसा एक्शन लिया कि पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया। इतनी बड़ी छापेमारी इससे पहले यहां कभी नहीं हुई थी। करीब 4 एसपी, 4 एएसपी, 4 सीओ और 300 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों की टीम ने मिलकर 36 घंटे से अधिक समय तक ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई ने गांव वालों को ही नहीं बल्कि पूरे जिले को हिला दिया।
सुबह-सुबह गूंजी पुलिस के जूतों की आवाज़, गांव में हड़कंप
11 दिसंबर की सुबह लगभग 5 बजे, जब गांव के लोग गहरी नींद में थे, तभी खेतों के रास्ते पुलिस टीमें धीरे-धीरे गांव में दाखिल हुईं। गाड़ियों को गांव के बाहर ही छोड़ दिया गया ताकि किसी को भनक न लगे। जैसे ही पुलिस के बूटों की आवाज़ गांव के घरों तक पहुंची, अचानक सन्नाटा टूट गया।
लोग नींद से उठकर घबराहट में इधर-उधर दौड़ने लगे। कोई दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था, तो कोई खेतों में छिप गया। लेकिन पुलिस की टीमें इतनी तैयार थीं कि बच निकलने का मौका किसी को मिला ही नहीं। चारों गांव को एक साथ घेरकर नाकाबंदी कर दी गई थी।
इस अभियान में पुलिस ने 42 संदिग्धों को हिरासत में लिया, जबकि खबर है कि करीब 100 से अधिक लोग राजस्थान की तरफ भागने में सफल रहे। कई संदिग्धों को पुलिस ने खेतों में छिपे हुए पकड़ा।
साइबर क्राइम का हब बना ‘देवसरस’ गांव
देवसरस और इसके आसपास के ये गांव कई सालों से साइबर ठगी के मामलों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। यहां के अधिकतर लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन मोबाइल फोन और ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए लोगों को ठगने में बेहद माहिर हैं।
यहां के साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को जाल में फंसाते हैं —
फिशिंग कॉल
फर्जी बैंक कॉल
OTP फ्रॉड
वीडियो रिकॉर्डिंग द्वारा ब्लैकमेल
ईमेल स्कैम
फेक लिंक भेजकर अकाउंट खाली करना
स्पैम कॉल
ऑनलाइन शॉपिंग ठगी
फोन पर किसी सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मचारी या कंपनी प्रतिनिधि बनकर बात करना इनके लिए रोजमर्रा की बात है।
300 पुलिसकर्मियों की दो बड़ी टीमें
इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही पूरा प्लान तैयार किया था। छापेमारी में शामिल दोनों टीमों का नेतृत्व एसपी ग्रामीण और एसपी क्राइम कर रहे थे।
इन टीमों में शामिल थे:
4 एएसपी
4 सीओ
26 इंस्पेक्टर
300 से अधिक पुलिसकर्मी
स्थानीय थाना पुलिस
साइबर क्राइम यूनिट
यह संयुक्त ऑपरेशन बेहद गोपनीय रखा गया था ताकि कोई जानकारी पहले से गांव तक न पहुंचे।
कार्रवाई में मिले मोबाइल और संदिग्ध सिम कार्ड
एसपी ग्रामीण के अनुसार, छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और दर्जनों सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इनमें से कई मोबाइल अलग-अलग राज्यों में की गई साइबर ठगी की घटनाओं में उपयोग किए गए होने की आशंका है।
पुलिस अब इन मोबाइलों का डेटा निकालकर यह पता लगाने में जुटी है कि —
किन लोगों को फ्रॉड कॉल किए गए?
कौन-सी सिम फर्जी आईडी पर जारी की गई थी?
पैसे किस अकाउंट में ट्रांसफर हुए?
गैंग का नेटवर्क कितना बड़ा था?
हिरासत में लिए गए 42 लोगों से पूछताछ जारी
हिरासत में लिए गए 42 संदिग्धों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। इनमें से 8 लोग पहले से पुलिस की वांटेड सूची में शामिल थे। पुलिस को उम्मीद है कि इनके मोबाइल, चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स से एक बड़ा साइबर गैंग उजागर हो सकता है।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि यह सिर्फ पहली बड़ी कार्रवाई है। आने वाले दिनों में पूरी तरह से इस नेटवर्क को खत्म करने के लिए और भी छापेमारी की जाएगी।
राजस्थान सीमा बनी अपराधियों की ढाल
इन गांवों की सबसे बड़ी मजबूती है राजस्थान और हरियाणा की नजदीकी सीमा। ज्यादातर आरोपी जैसे ही पुलिस की हलचल देखते हैं, तुरंत सीमा पार कर जाते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल होता है।
इस बार पुलिस ने पहले ही सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया था। यही वजह है कि कई अपराधी पकड़े गए, हालांकि कुछ लोग भागने में सफल भी रहे।
36 घंटे से जारी है सर्च ऑपरेशन
पुलिस का यह अभियान लगभग 36 घंटे से लगातार जारी है।
घरों की तलाशी
खेतों की तलाशी
पुराने मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की जांच
गांव के रास्तों पर चौकसी
संदिग्धों की पहचान
बहुत सावधानी और रणनीति के साथ की जा रही है।
एसपी ग्रामीण ने साफ कहा है कि —
“यह कार्रवाई एक शुरुआत है। साइबर ठगों का नेटवर्क पूरी तरह उखाड़ने तक ऑपरेशन जारी रहेगा।”
The Uttar Pradesh Police carried out a massive raid in Mathura’s UP Jamtara, a cluster of cyber crime–affected villages known for large-scale cyber fraud, phishing scams, fake calls, and online financial crime. With over 300 police officers, including SPs, ASPs, and inspectors, the operation targeted cyber criminals who frequently escape to the Rajasthan–Haryana border. The raid resulted in the detention of 42 suspects, recovery of multiple mobile phones, and the exposure of a widespread cyber crime network in UP. This action aims to shut down the region’s growing cyber scam operations completely.



















