AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कुशीनगर जिले के फाजिलनगर कस्बे का नाम बदलने की घोषणा कर दी है। अब इस स्थान को ‘पावा नगरी’ के नाम से जाना जाएगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय स्थानीय लोगों की भावनाओं, धार्मिक मान्यताओं और इस क्षेत्र के आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए लिया गया है।
भगवान महावीर से जुड़ी भूमि
फाजिलनगर, जिसे अब पावा नगरी के नाम से जाना जाएगा, जैन समुदाय के लिए बेहद पवित्र स्थान माना जाता है। माना जाता है कि भगवान महावीर के अंतिम उपदेशों और निर्वाण से पहले का यह स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस आध्यात्मिक विरासत को सम्मान देने के लिए लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि फाजिलनगर का नाम इसके प्राचीन इतिहास के अनुरूप रखा जाए।
योगी आदित्यनाथ ने इस मांग को स्वीकार करते हुए यह स्पष्ट किया कि पावा नगरी नाम न केवल क्षेत्र की पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि इसे धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद करेगा।
सरकार क्यों कर रही है नाम परिवर्तन?
नाम परिवर्तन के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:
1. धार्मिक महत्व का सम्मान
जैन धर्म के अनुयायी वर्षों से इस स्थान के ऐतिहासिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश कर रहे थे। पावा नगरी नाम से इस क्षेत्र की पवित्रता और इतिहास को अधिक स्पष्ट रूप से सामने रखा जा सकेगा।
2. सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा
कुशीनगर पहले से ही बौद्ध धर्म का एक वैश्विक तीर्थस्थल है। पावा नगरी का नाम आधिकारिक होने से जैन धर्म की संस्कृति और विरासत को भी समान रूप से पहचान मिलेगी।
3. धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। पावा नगरी का नया नाम देश और विदेश के जैन पर्यटकों को आकर्षित करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
4. ऐतिहासिक तथ्यों को पुनर्जीवित करना
इतिहासकार बताते हैं कि इस क्षेत्र को प्राचीन काल में पावापुरी या पावा कहा जाता था। धीरे-धीरे इसका नाम बदलकर फाजिलनगर हो गया। अब फिर से इसे उसके मूल स्वरूप से जोड़ा जा रहा है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घोषणा के बाद स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया। लोगों का कहना है कि यह फैसला उनकी भावनाओं और इस स्थान के प्राचीन गौरव को सम्मान देने जैसा है। कई जैन संगठनों ने भी सरकार का धन्यवाद किया और कहा कि इससे क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों और विकास को नई दिशा मिलेगी।
कुछ व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि पावा नगरी नाम से पर्यटन बढ़ेगा और इससे बाजारों में रौनक आएगी। वहीं युवाओं का मानना है कि यह क्षेत्र अब राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा पहचान बनाएगा।
यूपी सरकार की नाम परिवर्तन नीति
योगी सरकार इससे पहले भी कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर स्थानों के नाम बदल चुकी है, जैसे:
इलाहाबाद → प्रयागराज
फैज़ाबाद → अयोध्या
मुगलसराय → दीनदयाल उपाध्याय नगर
सरकार का तर्क है कि यह बदलाव भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
पावा नगरी को लेकर सरकार की आगे की योजनाएँ
नाम बदलने के बाद सरकार इस क्षेत्र में कई विकास योजनाएँ लागू करने की तैयारी कर रही है, जैसे:
धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण
पर्यटन सुविधाओं में सुधार
बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था
जैन संस्कृति से जुड़े केंद्रों का निर्माण
योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पावा नगरी को एक प्रमुख आध्यात्मिक और ऐतिहासिक आकर्षण के रूप में विकसित किया जाएगा।
फाजिलनगर का नाम बदलकर पावा नगरी रखना एक प्रशासनिक फैसला भर नहीं है, बल्कि यह उस क्षेत्र की धार्मिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व को सम्मान देने का प्रयास है। इससे न केवल जैन समुदाय को गर्व महसूस होगा, बल्कि कुशीनगर जिले की सांस्कृतिक पहचान भी और सशक्त होगी। आने वाले समय में पावा नगरी उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है।
The Uttar Pradesh government has officially renamed Fazilnagar as Pava Nagari, recognizing the region’s deep spiritual connection with Lord Mahavira. This decision aims to promote Jain heritage, strengthen cultural identity, and boost religious tourism in Kushinagar. With this renaming, the UP government plans to highlight the historical roots of Pava Nagari and develop it as a major pilgrimage site for national and international visitors searching for Jain religious destinations.



















