Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग का पलटवार: वोटर लिस्ट में धांधली के दावों पर दिया बड़ा बयान

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर वोट चोरी और चुनावी धांधली का मुद्दा उठाया है। बुधवार, 5 नवंबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने दावा किया कि हाल ही में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में हेराफेरी की गई है और कई स्थानों पर फर्जी वोट डाले गए हैं।

राहुल गांधी के इन गंभीर आरोपों पर अब भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। आयोग ने साफ किया है कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से अब तक इस मामले में किसी भी तरह की औपचारिक शिकायत या अपील दर्ज नहीं की गई

आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अगर राहुल गांधी या कांग्रेस को चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पर संदेह था, तो उन्हें उस समय निर्वाचन आयोग या अदालत के समक्ष आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

हरियाणा चुनाव और कांग्रेस की स्थिति

हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं। इनमें से केवल 22 सीटों से संबंधित चुनाव याचिकाएं ही इस समय उच्च न्यायालय (High Court) में लंबित हैं। चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि यदि किसी उम्मीदवार को लगता है कि किसी सीट पर वोटर लिस्ट या मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, तो वह कानूनी रूप से अपील दायर कर सकता है।

लेकिन, आश्चर्य की बात यह है कि कांग्रेस की ओर से एक भी अपील दाखिल नहीं की गई। इससे यह सवाल उठता है कि अगर पार्टी को धांधली का इतना बड़ा संदेह था, तो उसने कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की?

चुनाव आयोग का जवाब: “कांग्रेस के पोलिंग एजेंट क्या कर रहे थे?”

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ा सवाल उठाया। आयोग ने कहा कि यदि मतदान केंद्रों पर किसी मतदाता की पहचान को लेकर संदेह था, या किसी ने पहले से वोट डाल दिया था, तो कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों को उस समय आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी

आयोग ने यह भी जोड़ा कि हर उम्मीदवार के पास चुनाव के दौरान अपने एजेंट तैनात करने का अधिकार होता है। इन एजेंटों का काम मतदान प्रक्रिया की निगरानी करना और किसी भी अनियमितता पर तुरंत सूचना देना होता है। यदि कांग्रेस के एजेंटों ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की, तो अब चुनाव परिणामों पर सवाल उठाना तर्कसंगत नहीं लगता।

फर्जी मतदाताओं पर आयोग का रुख

राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि वोटर लिस्ट में कई फर्जी नाम जोड़े गए थे। इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि लिस्ट में डुप्लिकेट या फर्जी नामों से बचने के लिए हर चुनाव से पहले वोटर सूची का पुनरीक्षण (Revision) किया जाता है।

इस प्रक्रिया में हर राजनीतिक दल को अपने BLA (Booth Level Agent) के माध्यम से आपत्तियां दर्ज करने या सुधार सुझाने का अधिकार होता है। आयोग ने सवाल किया कि, “अगर कांग्रेस को किसी नाम पर संदेह था, तो उसके BLA ने कोई आपत्ति या दावा क्यों नहीं किया?

आयोग ने आगे कहा कि अगर मान भी लिया जाए कि कुछ फर्जी नाम शामिल थे, तो यह साबित करना असंभव है कि उन मतदाताओं ने भाजपा या किसी विशेष दल के पक्ष में वोट डाला था।

आयोग की कानूनी प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण

निर्वाचन आयोग ने यह भी दोहराया कि किसी भी उम्मीदवार या पार्टी को चुनाव परिणाम से असंतुष्टि होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का पूरा अधिकार है। ऐसा करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

हरियाणा के चुनाव को लेकर 22 याचिकाएं पहले से ही अदालत में हैं, लेकिन कांग्रेस उनमें शामिल नहीं है। आयोग ने कहा कि “हम पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं, तो वह हमें या अदालत को प्रस्तुत करे। बिना प्रमाण के आरोप लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करते हैं।”

राहुल गांधी के आरोप और राजनीतिक प्रभाव

राहुल गांधी के इन बयानों ने एक बार फिर वोटर लिस्ट की पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि “देश में वोट चोरी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है और इसकी जांच जरूरी है।” हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कांग्रेस के पास सबूत हैं, तो उन्हें चुनाव आयोग या अदालत में प्रस्तुत करना चाहिए, न कि केवल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाना।

कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिससे वे चुनावी माहौल में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर सकें।

राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग का जवाब काफी स्पष्ट और कानूनी रूप से ठोस माना जा रहा है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को याद दिलाया है कि यदि उन्हें किसी भी प्रक्रिया में गड़बड़ी लगती है, तो उसके समाधान के लिए कानून में पर्याप्त प्रावधान मौजूद हैं।

बिना सबूत के आरोप लगाना केवल भ्रम फैलाने का काम करता है। आयोग ने यह भी दोहराया कि भारत की चुनावी प्रणाली विश्वसनीय और पारदर्शी है, और सभी दलों की समान भागीदारी से यह प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से संपन्न होती है।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
31.3 ° C
31.3 °
31.3 °
11 %
0.9kmh
0 %
Sat
30 °
Sun
38 °
Mon
39 °
Tue
38 °
Wed
39 °
Video thumbnail
Ghaziabad : में कश्यप निषाद संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन | मंत्री नरेंद्र कश्यप
05:14
Video thumbnail
"किसान यूनियन...10 - 20 लोगो को लेके धरने पे बैठना" Rakesh Tikait पर क्या बोले RLD नेता Trilok Tyagi
15:19
Video thumbnail
अगर आपके कोई जानकार ईरान और इराक युद्ध में फंसे हैं तो यह सूचना आपके लिए है जरूर सुने
01:26
Video thumbnail
PM Modi के सामने S Jaishankar ने जो बोला सुनते रह गए Shashi Tharoor! S Jaishankar Speech Today
05:41
Video thumbnail
CM Yogi ने भरे मंच से बोल दी ऐसी बात मंच पर भौचक्के रह गए Ravi Kishan! | CM Yogi On Ravi Kishan
23:12
Video thumbnail
गाजियाबाद में भव्य होली मिलन समारोह | एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन ट्रस्ट का शानदार आयोजन
07:41
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 7 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
06:34:49
Video thumbnail
CM Yogi ने मंच से बोल दी ऐसी बात सुनते ही चौंक उठी मुस्लिम महिलाएं ! CM Yogi Lucknow Speech Today
17:28
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 6 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:39:35
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 5 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:06:18

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related