AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र से एक वीडियो ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में एक सिपाही खुलेआम रिश्वत लेते हुए दिखाई दे रहा है। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। मामला सामने आते ही लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और सख्त कार्रवाई की मांग की।

वीडियो में दिख रहे सिपाही की पहचान कय्यूम अली के रूप में हुई है, जो लोनी कोतवाली क्षेत्र की तिराहा चौकी पर तैनात बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में वह कथित रूप से अवैध वसूली करते हुए नजर आ रहा है। हालांकि वीडियो देखने से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह घटना कुछ महीने पुरानी हो सकती है, क्योंकि सभी लोग ठंड के कपड़ों में नजर आ रहे हैं — किसी ने जैकेट पहनी है, तो कोई टोपी लगाए हुए है।
लेकिन वीडियो के पुराने या नए होने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह सवाल उठता है कि आखिर पुलिस विभाग में इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों सामने आती हैं? स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और कहा कि अगर सिपाही ऐसे ही खुलेआम वसूली करेंगे, तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा।
विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने वीडियो सामने आने के बाद तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “लोनी में किसी भी तरह की रिश्वतखोरी या अवैध काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करने और सिपाही की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
विधायक ने कहा कि ऐसे मामलों से पुलिस की छवि धूमिल होती है और आम जनता का विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर ऐसे लोगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता यह समझेगी कि पुलिस अपने भ्रष्ट कर्मचारियों को बचा रही है।”
नंदकिशोर गुर्जर ने आगे कहा कि सिर्फ सिपाही ही नहीं, बल्कि जो अधिकारी उन्हें संरक्षण देते हैं, उनके खिलाफ भी विभागीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस विभाग को चेताते हुए कहा कि “अगर विभाग इस वीडियो को पुराना बताकर मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश करेगा, तो यह और भी शर्मनाक होगा।”
विधायक ने इस दौरान एक सख्त लेकिन दिलचस्प टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा — “देख लेना, अगले पांच साल में ये रिश्वतखोर पुलिसकर्मी अपने किए की सजा भुगतेंगे। भ्रष्टाचार एक कैंसर है, जो समाज को भीतर से खा रहा है, और इसे लोनी में जड़ से खत्म किया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, और लोनी में भी यही नीति लागू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस मामले में तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो वह इसे विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक उठाएंगे।
विधायक गुर्जर ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ की कार्यप्रणाली की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि ईमानदार पुलिस अधिकारी इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे। उन्होंने जनता से भी अपील की कि अगर उन्हें कहीं भी रिश्वतखोरी या अवैध वसूली का मामला दिखे, तो वे बिना डर के इसकी जानकारी उन्हें या संबंधित अधिकारियों को दें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह वीडियो शायद नया न हो, लेकिन इसने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। आम जनता यह चाहती है कि इस मामले में सिर्फ बयानबाजी न हो, बल्कि ठोस कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई पुलिसकर्मी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।
लोनी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में जहां विकास और अपराध दोनों की चर्चा रहती है, वहां विधायक का यह बयान एक मजबूत संदेश माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुलिस विभाग वास्तव में इस मामले में सख्ती दिखाता है या इसे एक “पुराना मामला” बताकर ठंडे बस्ते में डाल देता है।
A viral video from Loni in Ghaziabad showing a police constable allegedly taking a bribe has sparked outrage. MLA Nandkishor Gurjar has demanded an FIR and immediate arrest, calling corruption a “cancer” that must be eradicated. Gurjar emphasized that bribery and illegal activities will not be tolerated in Loni, urging the Ghaziabad Police Commissioner to take strict action against corrupt officers. This Loni police bribe video has raised serious questions about the image of the Uttar Pradesh Police and the government’s anti-corruption stance.


















