AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बीती रात एक बड़ी पुलिस कार्रवाई देखने को मिली, जिसने लंबे समय से फरार चल रहे बावरिया गैंग के कुख्यात अपराधी मिथुन उर्फ बिल्लू के आतंक का अंत कर दिया। करीब 75,000 रुपये के इनामी इस हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह कार्रवाई न सिर्फ शामली पुलिस बल्कि बागपत और आसपास के जिलों के लिए भी राहतभरी खबर मानी जा रही है, क्योंकि मिथुन कई राज्यों में अपराध की बड़ी घटनाओं में शामिल रहा था और लगातार पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था।

मुठभेड़ की शुरुआत कैसे हुई?
घटना शामली जनपद के थाना झिंझाना क्षेत्र के गांव पार्टी कला के जंगलों की है। पुलिस को देर रात सूचना मिली कि कुख्यात बदमाश मिथुन उर्फ बिल्लू अपने एक साथी के साथ जंगल के इलाके में शराब पीकर पार्टी कर रहा है। यह सूचना मिलते ही झिंझाना पुलिस और स्वाट टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस को पहले से ही अंदेशा था कि यह बदमाश भारी असलहे से लैस रहता है और किसी भी समय फायरिंग कर सकता है।
पुलिस टीम जैसे ही जंगल में आगे बढ़ी, बदमाशों को अपने चारों ओर पुलिस मूवमेंट का आभास हो गया। गिरफ्तारी के डर से उन्होंने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। यह फायरिंग इतनी तेज थी कि पुलिसकर्मियों को तुरंत पोजिशन लेकर जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। कई राउंड गोलियां दोनों तरफ से चलीं।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल
कुछ ही देर में पुलिस की गोलियों का एक निशाना मिथुन उर्फ बिल्लू को लगा और वह मौके पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाता हुआ जंगल की तरफ भागने में सफल रहा। पुलिस टीम ने तुरंत घायल बदमाश और एक घायल पुलिसकर्मी को झिंझाना अस्पताल पहुंचाया, जहाँ से दोनों को हालत गंभीर होने के चलते जिला अस्पताल शामली रेफर किया गया।
इलाज के दौरान इनामी बदमाश मिथुन की मौत हो गई, जबकि घायल पुलिसकर्मी का इलाज जारी है।
मौके से भारी मात्रा में असलहा बरामद
पुलिस टीम को मुठभेड़ स्थल से कई खतरनाक और महंगे विदेशी हथियार बरामद हुए। पकड़े गए हथियारों में शामिल हैं:
एक 9 एमएम की कार्बाइन
7 खोखे और 5 जिंदा कारतूस (9 एमएम)
एक विदेशी पिस्टल Beretta Made in Italy .32 bore
.32 बोर के 1 खोखे और 10 जिंदा कारतूस
एक बिना नंबर प्लेट की TVS Apache बाइक
ये हथियार दर्शाते हैं कि बावरिया गैंग किस स्तर पर अपराधों को अंजाम देता है और पुलिस इस गिरोह की गतिविधियों को कितनी गंभीरता से निगरानी में रखे हुए थी।
मिथुन उर्फ बिल्लू पर कितने इनाम घोषित थे?
मारे गए बदमाश पर विभिन्न जिलों और राज्यों में कई संगीन अपराधों में मुकदमे दर्ज थे। उस पर:
शामली में 50,000 रुपये का इनाम
बागपत में 25,000 रुपये का इनाम
इसके अलावा, शामली पुलिस ने अपराधों की गंभीरता देखते हुए उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ था।
बावरिया गैंग लंबे समय से उत्तर भारत में लूट, हत्या, चोरी और डकैती जैसी वारदातों के लिए कुख्यात रहा है। मिथुन इसका सक्रिय सदस्य था और कई राज्यों में वांछित चल रहा था।
कौन था मिथुन उर्फ बिल्लू?
मिथुन उर्फ बिल्लू उर्फ पीलू, निवासी ग्राम अलाउद्दीनपुर, थाना झिंझाना (शामली), मूल रूप से बावरिया समुदाय से आता था। यही समुदाय वर्षों से अपराध जगत में कई कुख्यात गैंग तैयार करने के लिए बदनाम रहा है। मिथुन बचपन से ही अपराध की दुनिया में प्रवेश कर चुका था। उस पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दक्षिण भारत तक में गंभीर मामले दर्ज थे।
उस पर लगे आरोपों में शामिल थे:
कई लूट की घटनाएँ
हत्या के प्रयास
अवैध हथियारों का इस्तेमाल
गैंग बनाकर वारदात करना
पुलिस टीम पर हमले
मिथुन की कार्यशैली बेहद खतरनाक थी और वह हमेशा हथियारों से लैस रहता था। कई बार वह पुलिस को चकमा देकर फरार भी हो चुका था।
पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी
मुठभेड़ की खबर मिलते ही पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्वाट टीम और झिंझाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस अंतरराज्यीय हिस्ट्रीशीटर को ढेर किया गया। पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि यह पूरी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है, क्योंकि बदमाशों ने पहले पुलिस पर गोली चलाई थी।
उन्होंने यह भी बताया कि बरामद हथियारों की जांच की जा रही है कि उन्हें कहाँ से खरीदा गया, किन वारदातों में इनका इस्तेमाल हुआ, और इनके तार किन अन्य राज्यों से जुड़े हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों में राहत
इस बदमाश के मारे जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। कई महीनों से इस क्षेत्र में अचानक बढ़ी चोरी, कट्टे दिखाकर लूट और रात के समय वाहन लूटने जैसी कई घटनाओं में मिथुन का हाथ बताया जा रहा था। गाँवों में उसका नाम सुनते ही लोग दरवाज़े जल्द बंद करने लगे थे।
फरार साथी की तलाश जारी
पुलिस अब उस साथी की तलाश में जुटी है जो अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस की टीमें जंगलों में कॉम्बिंग कर रही हैं और आसपास के क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है। माना जा रहा है कि वह भी किसी बड़ी वारदात में शामिल रहा होगा।
बावरिया गैंग पर पुलिस की कड़ी नज़र
उत्तर भारत में बावरिया गैंग का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। ये गैंग अक्सर जंगलों, सुनसान रास्तों और हाईवे पर वारदात को अंजाम देता है। पुलिस पहले भी इस गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन हर साल नए सदस्य शामिल होकर इसके नेटवर्क को बचाए रखते हैं।
मिथुन उर्फ बिल्लू के मारे जाने से इस गैंग को बड़ा झटका माना जा रहा है।
The Shamli encounter in Uttar Pradesh, where the UP Police eliminated the ₹75,000 reward criminal Mithun alias Billu Bawariya, marks a significant breakthrough against the notorious Bawariya gang. This high-profile encounter involved heavy weapon recovery including a 9mm carbine and a Beretta pistol, highlighting the gang’s dangerous operations across Uttar Pradesh, Haryana, Punjab and other states. The killing of the inter-state history-sheeter is expected to reduce violent crime and strengthen ongoing police action in western UP.


















