AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग हिंदू लड़की का कथित तौर पर दूसरे समुदाय के युवक से निकाह कराया जा रहा था। मामला जनता मैरिज हॉल, शाहवजनगर का है, जहां नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराने की तैयारी चल रही थी। जैसे ही स्थानीय हिंदू संगठनों को इस घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस के साथ मिलकर निकाह की पूरी प्रक्रिया को रुकवा दिया।
घटना कैसे हुई?
जनता मैरिज हॉल में लड़की और युवक के परिवार वाले मौजूद थे और पूरा आयोजन निकाह की रस्मों के अनुसार किया जा रहा था। बताया गया कि लड़की का पिता अब इस दुनिया में नहीं है, और उसकी मां पिछले कुछ समय से युवक के चाचा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है। परिवार की इस स्थिति के कारण सामाजिक और भावनात्मक परिस्थितियाँ पहले से ही जटिल बन चुकी थीं।
इस बीच हिंदू संगठन के नेता राजेश अवस्थी को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया और टीम के साथ मौके पर पहुँचकर निकाह रुकवा दिया। इसके बाद दूल्हा, दुल्हन और दोनों पक्षों के सभी परिजनों को थाने ले जाया गया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला बेहद गंभीर है क्योंकि लड़की नाबालिग है और उसके धर्म परिवर्तन की बात भी सामने आई है। थाना पुलिस ने बताया कि:
लड़की की उम्र की जांच की जा रही है
उसके जबरन धर्मांतरण का आरोप भी लगाया गया है
पूरी घटना की जांच के बाद विधिक कार्रवाई तय होगी
पुलिस ने दोनों परिवारों से अलग-अलग पूछताछ की है। सवाल उठ रहा है कि क्या लड़की अपनी इच्छा से वहां मौजूद थी या उस पर दबाव डाला गया था।
लड़की की पारिवारिक स्थिति
लड़की के परिवार को लेकर भी कई बातें निकलकर सामने आईं:
पिता के निधन के बाद लड़की मानसिक रूप से बेहद कमजोर और असुरक्षित हो गई थी
उसकी मां युवक के चाचा के साथ रह रही है, जिससे लड़की पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है
कई स्थानीय लोगों का कहना है कि लड़की को सामाजिक और पारिवारिक दबाव में लाया गया हो सकता है
इन्हीं पहलुओं को देखते हुए पुलिस ने मामले को बहुत संवेदनशील बताया है और कहा है कि नाबालिग से संबंधित मामलों में विशेष सतर्कता बरती जाती है।
हिंदू संगठनों का क्या कहना है?
मौके पर पहुँचे हिंदू संगठन के नेता और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह “जबर्दस्ती धर्म परिवर्तन” का मामला हो सकता है। उनका कहना था कि:
नाबालिग लड़की की अनुमति का कोई महत्व नहीं होता
मां और युवक के परिजनों ने मिलकर लड़की को मानसिक रूप से प्रभावित किया
हिंदू लड़की को दूसरे समुदाय में निकाह कराने के लिए साजिश की गई
ये आरोप गंभीर हैं, और इसलिए पुलिस ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे आयोजन को रोक दिया।
आगे क्या होने वाला है?
पुलिस विभाग ने कहा है कि:
लड़की को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जा सकता है
उसकी मेडिकल जांच कराई जाएगी
उसके बयान को धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया जाएगा
मां और युवक के परिवार से विस्तृत पूछताछ जारी है
यदि धर्म परिवर्तन के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो उत्तर प्रदेश धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
समाज में क्या चर्चा है?
यह घटना सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा का विषय बन गई है। लोग इसे “लव जिहाद” का संदिग्ध मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आपसी सहमति बता रहे हैं। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि लड़की नाबालिग है, इसलिए उसकी सहमति कानूनन मान्य नहीं है।
शाहजहांपुर की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है—क्या लड़की अपनी मर्ज़ी से यह कदम उठा रही थी या उसे प्रभावित किया गया था? क्या यह धर्म परिवर्तन का मामला है? क्या उसकी मां की निजी जिंदगी ने इस मसले को और उलझा दिया? अभी इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
फ़िलहाल, नाबालिग लड़की का निकाह रुकवा दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।
A minor Hindu girl’s planned nikah with a boy from another community in Shahjahanpur, UP, was stopped after allegations of forced conversion surfaced. Hindu organizations and police intervened at the marriage hall, raising serious concerns about interfaith marriages, minor protection laws, and religious conversion in Uttar Pradesh. The investigation continues to determine the nature of the alleged conversion and the involvement of both families.



















