AIN NEWS 1: भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने हाल ही में एक अहम पहल की है, जिसे मोबाइल यूज़र्स की सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद जरूरी माना जा रहा है। सरकार ने मोबाइल कंपनियों और इंपोर्टर को निर्देश दिया है कि आने वाले समय में हर स्मार्टफोन में ‘संचार साथी’ मोबाइल ऐप प्री-इंस्टॉल होना चाहिए। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को फर्जी मोबाइल फोन, नकली IMEI, चोरी हुए फोन, और साइबर फ्रॉड से बचाना है।

बीते कुछ वर्षों में मोबाइल सिम फ्रॉड, फेक कॉल, ऑनलाइन ठगी और पहचान चोरी जैसे मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। कई लोग अनजाने में नकली या क्लोन IMEI वाले फोन खरीद लेते हैं और बाद में इसका नुकसान भुगतते हैं। इन समस्याओं को रोकने के लिए सरकार संचार साथी ऐप का विस्तार करना चाहती है, ताकि हर नागरिक अपने मोबाइल की वैधता, सुरक्षा और संभावित खतरों की जानकारी आसानी से पा सके।
संचार साथी ऐप क्या करता है?
संचार साथी एक आधिकारिक सरकारी ऐप है, जिसमें देशभर में जारी किए गए मोबाइल नंबर और डिवाइस की जानकारी जुड़ी होती है। इस ऐप का मकसद यूज़र को तीन बड़ी सुविधाएं देना है:
1. नकली या क्लोन मोबाइल की पहचान
अक्सर बाजार में ऐसे फोन मिल जाते हैं जिनमें असली कंपनियों के नाम का इस्तेमाल किया जाता है या क्लोन IMEI लगाया होता है।
संचार साथी ऐप के जरिए यूज़र अपने फोन का IMEI डालकर तुरंत पता लगा सकते हैं कि:
फोन असली है या नकली
IMEI असली कंपनी से मैच करता है या नहीं
फोन ब्लैकलिस्टेड तो नहीं
यह फीचर खासकर सेकंड हैंड फोन खरीदने वालों के लिए बेहद उपयोगी है।
2. चोरी हुए मोबाइल की रिपोर्टिंग
यदि फोन चोरी हो जाए या कहीं खो जाए तो यूज़र संचार साथी ऐप के माध्यम से तुरंत उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
ऐप में:
मोबाइल का IMEI
खोने की जगह
समय और तारीख
डालकर रिपोर्ट करनी होती है।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सरकार का CEIR सिस्टम चोरी हुए फोन के IMEI को ब्लॉक कर देता है। इससे चोर फोन को किसी भी नेटवर्क पर इस्तेमाल नहीं कर पाता।
3. साइबर ठगी और फर्जी कॉल की रिपोर्ट
आजकल बैंकिंग फ्रॉड, OTP ठगी और KYC के नाम पर धोखाधड़ी लेने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है।
यदि कोई संदिग्ध नंबर से बार-बार परेशान करता है या ठगी करने की कोशिश करता है, तो यूज़र उस नंबर को ऐप में रिपोर्ट कर सकता है।
सरकार ऐसे नंबर की जांच करती है और जरूरत पड़ने पर उस नंबर को ब्लॉक कर दिया जाता है या कार्रवाई की जाती है।
सरकार ने क्यों लिया ऐप को अनिवार्य बनाने का फैसला?
DoT का कहना है कि भारत में करोड़ों यूज़र स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं।
परंतु—
बहुत से लोग सुरक्षा फीचर्स का उपयोग नहीं करते,
कई यूज़र सरकारी ऐप डाउनलोड करना नहीं जानते,
और कई नागरिक धोखाधड़ी से अनजान रहते हैं।
इसलिए सरकार चाहती है कि हर फोन में संचार साथी ऐप पहले से मौजूद हो, ताकि:
हर यूज़र को आसानी से सुरक्षा सुविधाएं मिल सकें
कोई भी नागरिक फर्जी मोबाइल या फ्रॉड के जाल में न फंसे
साइबर शिकायतों को तेजी से निपटाया जा सके
सरकार का उद्देश्य देश में एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाना है, जहां मोबाइल से संबंधित धोखाधड़ी लगभग खत्म हो जाए।
क्या पुराने फोन में भी यह ऐप आएगा? सबसे बड़ा कंफ्यूजन दूर
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है कि पुराने फोन में भी यह ऐप आएगा या नहीं।
सरकार के निर्देशों के अनुसार:
✔ नए फोन में ऐप प्री-इंस्टॉल होगा।
✔ पुराने फोन के लिए ऐप ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा।
✔ कोई फोन कंपनी पुराने हैंडसेट में ऐप जबरन इंस्टॉल नहीं करेगी।
यानि पुराने यूज़र्स को घबराने की जरूरत नहीं है।
वे केवल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से संचार साथी ऐप डाउनलोड कर सकेंगे और वही सभी फीचर इस्तेमाल कर पाएंगे।
क्या ऐप हमारी प्राइवेसी पर असर डालेगा?
सरकार ने साफ किया है कि संचार साथी ऐप पूरी तरह सुरक्षित है।
यह केवल IMEI और मोबाइल नंबर से जुड़ी तकनीकी जानकारी इस्तेमाल करता है।
ऐप व्यक्तिगत चैट, फोटो, लोकेशन या किसी भी निजी डेटा की निगरानी नहीं करता।
ऐप केवल फ्रॉड रोकने के लिए तकनीकी डेटा का उपयोग करता है।
DoT का कहना है कि नागरिकों की प्राइवेसी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह ऐप किन-किन लोगों के लिए बेहद उपयोगी होगा?
सेकंड हैंड फोन खरीदने वाले
ऑनलाइन मार्केट से मोबाइल खरीदने वाले
साइबर फ्रॉड से परेशान होने वाले
जिनका फोन चोरी हो चुका है या खो गया है
बुजुर्ग, जो ठगी का सबसे आसान निशाना बनते हैं
बच्चे जिनके फोन सुरक्षित रखना जरूरी है
ऐप से मिलने वाले बड़े फायदे
नकली मोबाइल की पहचान
चोरी हुए फोन का तुरंत ब्लॉक
फ्रॉड नंबरों की शिकायत
मोबाइल की वैधता की जांच
देशभर में साइबर सुरक्षा मजबूत
यूज़र डेटा की सुरक्षा
धोखाधड़ी कम होने की उम्मीद
अंतिम बात — यह ऐप क्यों जरूरी है?
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मार्केट है, और इसी के साथ यहां मोबाइल से जुड़े अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं।
ऐसे में संचार साथी ऐप लोगों को जागरूक और सुरक्षित रखने का एक बहुत बड़ा कदम है।
सरकार चाहती है कि हर नागरिक के हाथ में एक सुरक्षित फोन हो और हर व्यक्ति खुद को धोखाधड़ी से बचाने में सक्षम हो।
यह ऐप न केवल मोबाइल सुरक्षा बढ़ाएगा बल्कि देश में साइबर अपराधों को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
The Sanchar Saathi app, launched by India’s Department of Telecommunications, is designed to prevent mobile fraud, detect fake phones, block stolen devices through the CEIR system, and help users report cyber fraud easily. This guide explains how the Sanchar Saathi app works on new and old smartphones, its fraud-prevention features, device verification tools, and why the government has made it essential for mobile security in India.


















