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सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा? 30 से 50 साल के लोग सबसे ज्यादा जोखिम में!

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AIN NEWS 1: जैसे ही मौसम में ठंडक बढ़ती है, वैसे ही अस्पतालों में दिल से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगती है। खास बात यह है कि अब हार्ट अटैक केवल बुज़ुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि 30 से 50 वर्ष की उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पतालों की ओपीडी में रोज़ाना 50 से ज्यादा हार्ट और बीपी से जुड़े मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो एक गंभीर चेतावनी है।

डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में दिल पर सामान्य से ज्यादा दबाव पड़ता है। तापमान गिरने के कारण शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त संचार में रुकावट आती है और हृदय को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही कारण है कि इस मौसम में हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर के मामले अचानक बढ़ जाते हैं।

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सर्दियों में दिल पर क्यों बढ़ता है दबाव?

सर्द मौसम में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और दिल को खून पंप करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। जिन लोगों को पहले से हाई बीपी, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल या मोटापे की समस्या है, उनके लिए यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।

ठंड के कारण लोग शारीरिक गतिविधि भी कम कर देते हैं। सुबह की सैर, एक्सरसाइज और धूप से दूरी बना ली जाती है, जिससे शरीर सुस्त हो जाता है और हार्ट हेल्थ पर नकारात्मक असर पड़ता है।

डॉक्टर की सलाह: किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जेसी मुदगल के अनुसार, जिन लोगों के परिवार में पहले से दिल की बीमारी का इतिहास रहा है, उन्हें सर्दियों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को नियमित रूप से बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करानी चाहिए और दवाइयों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

डॉ. मुदगल बताते हैं कि हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। सीने में भारीपन, पसीना आना, सांस लेने में दिक्कत, बाएं हाथ या जबड़े में दर्द—ये सभी संकेत गंभीर हो सकते हैं।

हार्ट अटैक की स्थिति में तुरंत क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई दें, तो घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।

मरीज को आरामदायक स्थिति में लिटाएं

तुरंत CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दें, अगर जानकारी हो

बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं

यदि मरीज को एलर्जी न हो, तो एस्पिरिन की गोली चबाना मददगार हो सकता है

समय पर इलाज मिलने से कई बार मरीज की जान बचाई जा सकती है।

सर्दियों में हार्ट और बीपी से बचाव के आसान उपाय

सर्द मौसम में थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर दिल को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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1. पर्याप्त पानी पिएं

ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। पानी की कमी से खून गाढ़ा हो सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

2. सूखे मेवे शामिल करें

बादाम और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स दिल के लिए फायदेमंद होते हैं। इनमें मौजूद हेल्दी फैट्स कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

3. धूम्रपान और शराब से दूरी

सर्दियों में लोग शराब का सेवन ज्यादा करते हैं, जो दिल के लिए बेहद नुकसानदायक है। धूम्रपान भी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।

4. रोज़ाना हल्का व्यायाम

ठंड से बचते हुए भी रोज़ कम से कम 30 मिनट की वॉक या हल्की एक्सरसाइज जरूर करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है।

5. धूप निकलने पर ही बाहर जाएं

सुबह बहुत जल्दी ठंड में बाहर निकलने से बचें। धूप निकलने के बाद टहलना ज्यादा सुरक्षित होता है।

6. कमरे का तापमान संतुलित रखें

बहुत ज्यादा ठंडा या बहुत ज्यादा गर्म कमरा दोनों ही नुकसानदेह हो सकते हैं। संतुलित तापमान रखें।

7. नियमित हेल्थ चेकअप

बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहें, खासकर अगर पहले से कोई समस्या है।

8. तैलीय और भारी भोजन से बचें

तेल, घी, फास्ट फूड और ज्यादा नमक वाला खाना दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

सर्दियों में जीवनशैली ही सबसे बड़ी सुरक्षा

सर्दी के मौसम में दिल पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, लेकिन सही खान-पान, नियमित व्यायाम और समय पर दवाइयों से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हार्ट अटैक से बचाव किसी एक दिन का काम नहीं, बल्कि रोज़ की आदतों का नतीजा होता है।

अगर समय रहते सतर्कता बरती जाए, तो सर्दियों का यह मौसम भी सेहतमंद और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

Heart attack risk increases significantly during winter due to cold-induced blood vessel constriction, higher blood pressure, and reduced physical activity. People aged 30 to 50 are increasingly affected, making winter heart health a serious concern in India. Proper cardiac care in winter, regular blood pressure monitoring, healthy diet, exercise, and avoiding smoking or alcohol are essential heart attack prevention measures during cold weather.

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