AIN NEWS 1: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने नकली दवाओं के कारोबार पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए हरियाणा के समालखा इलाके में चल रही एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही गाजियाबाद में नकली दवाओं के नेटवर्क का खुलासा हुआ था। पुलिस का कहना है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से सक्रिय थी और यहां बड़े पैमाने पर स्किन से जुड़ी नकली दवाएं तैयार की जा रही थीं।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को इस फैक्ट्री के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि दिल्ली से करीब 100 किलोमीटर दूर समालखा में एक सुनसान इलाके में अवैध रूप से दवाओं का निर्माण किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने पूरी योजना के साथ मौके पर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान पुलिस को जो नज़ारा दिखा, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। फैक्ट्री के अंदर सैकड़ों नीले प्लास्टिक ड्रम, बड़ी मात्रा में घुला हुआ रासायनिक पेस्ट, कच्चा माल और दवाएं बनाने वाली मशीनें बरामद की गईं।
स्किन से जुड़ी नकली दवाओं का हो रहा था निर्माण
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस फैक्ट्री में मुख्य रूप से त्वचा रोगों से जुड़ी नकली दवाएं तैयार की जा रही थीं। इन दवाओं को नामी कंपनियों के लेबल लगाकर बाजार में सप्लाई किया जाता था, जिससे आम लोगों को यह शक ही नहीं होता था कि वे नकली दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्किन से जुड़ी दवाओं में इस्तेमाल होने वाले रसायन यदि सही मात्रा और मानकों के अनुसार न हों, तो वे गंभीर एलर्जी, इंफेक्शन और लंबे समय तक चलने वाली त्वचा संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
फैक्ट्री में मिला खतरनाक सामान
पुलिस को छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से जो सामान मिला, उसमें शामिल हैं:
सैकड़ों नीले ड्रम, जिनमें केमिकल पेस्ट भरा हुआ था
क्रीम और मलहम बनाने की मशीनें
नकली लेबल और पैकेजिंग सामग्री
अधबनी और तैयार नकली दवाएं
कच्चा रसायनिक माल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह फैक्ट्री पूरी तरह से गैरकानूनी तरीके से संचालित की जा रही थी और इसके पास न तो ड्रग लाइसेंस था और न ही किसी तरह की सरकारी अनुमति।
गाजियाबाद कनेक्शन की भी जांच
क्राइम ब्रांच को शक है कि समालखा की यह फैक्ट्री गाजियाबाद में हाल ही में पकड़े गए नकली दवा नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या दोनों मामलों के पीछे एक ही गिरोह काम कर रहा है या फिर यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
सूत्रों के मुताबिक, नकली दवाओं का यह कारोबार दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी यूपी और हरियाणा तक फैला हुआ हो सकता है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
लोगों की सेहत से खिलवाड़
नकली दवाओं का कारोबार सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम जनता की सेहत से जुड़ा हुआ गंभीर मामला है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी नकली स्किन दवाओं के इस्तेमाल से त्वचा पर जलन, फंगल इंफेक्शन, स्थायी दाग और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
डॉक्टरों का मानना है कि सस्ती कीमत और जल्दी असर के लालच में लोग अक्सर बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवाएं इस्तेमाल कर लेते हैं, जो बाद में गंभीर समस्या बन जाती हैं।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने फैक्ट्री से बरामद सभी सामान को जब्त कर लिया है और पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
इस फैक्ट्री का मालिक कौन है
नकली दवाएं कहां-कहां सप्लाई की जा रही थीं
इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं
अब तक कितनी दवाएं बाजार में भेजी जा चुकी हैं
आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे दवाएं हमेशा विश्वसनीय मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। यदि किसी दवा की पैकेजिंग, रंग या असर को लेकर संदेह हो, तो तुरंत डॉक्टर या ड्रग इंस्पेक्टर से संपर्क करें।
इसके अलावा, बिना डॉक्टर की सलाह के स्किन क्रीम या मलहम का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई है।
Delhi Police Crime Branch has busted a major fake medicine factory in Samalkha after the Ghaziabad case, exposing a large network involved in manufacturing counterfeit skin medicines. Hundreds of blue drums, chemical paste, machines, and fake packaging materials were recovered during the raid. The case highlights the growing threat of illegal pharmaceutical manufacturing in India and raises serious concerns about public health and safety.



















