Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

हरदोई में उप निरीक्षक 70,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार: भ्रष्टाचार निवारण संगठन की बड़ी कार्रवाई!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग के भीतर पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में लखनऊ इकाई ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जनपद हरदोई के थाना माधोगंज में तैनात एक उप निरीक्षक को 70,000 रुपए की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था के प्रति पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति पर मजबूती से अमल किया जा रहा है।

कैसे हुआ पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उप निरीक्षक पर आरोप था कि वह एक मुकदमे में से धारा कम करने और संबंधित व्यक्ति का नाम हटवाने की एवज में पैसा मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद एसीओ टीम ने मामले की जांच की और सत्यापन के बाद जाल बिछाया। जैसे ही उप निरीक्षक ने शिकायतकर्ता से 70,000 रुपए स्वीकार किए, उसी समय एसीओ की टीम ने तत्काल उसे ट्रैप कर लिया। टीम के सदस्यों ने मौके से सभी सबूत भी जब्त कर लिए ताकि कानूनी प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या न आए।

शिकायतकर्ता की पहल से खुला पूरा मामला

इस कार्रवाई की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि शिकायतकर्ता ने बिना डरे भ्रष्टाचार के इस प्रयास की शिकायत की। इससे यह साफ होता है कि आज लोग गलत गतिविधियों को लेकर अधिक जागरूक हैं और ऐसे मामलों में सरकारी एजेंसियों पर भरोसा कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एसीओ ने पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया।

भ्रष्टाचार पर एसीओ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

भ्रष्टाचार निवारण संगठन, उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाल के वर्षों में कई प्रभावी कदम उठाए हैं। इसी नीति के तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी या विभागीय कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने या लेने जैसी हरकत पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाती है।

लखनऊ इकाई की यह कार्रवाई भी उसी नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को साफ-सुथरा और ईमानदार बनाना है।

लोग कैसे कर सकते हैं शिकायत?

भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी जानकारी, शिकायत या संदिग्ध गतिविधि की सूचना आम लोग सीधे एसीओ तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए संगठन ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किए हैं—

📞 हेल्पलाइन नंबर: 9454402484

📩 ईमेल: aco@nic.in

इन माध्यमों पर आने वाली हर शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया जाता है और उसके बाद त्वरित कार्रवाई की जाती है।

एसीओ की भूमिका क्यों है महत्वपूर्ण?

आज के समय में जब सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और नागरिकों का विश्वास सबसे ज़रूरी है, तब भ्रष्टाचार निवारण संगठन की भूमिका और भी अहम हो जाती है। उनके द्वारा किए गए ट्रैप ऑपरेशन न केवल कानून व्यवस्था में सुधार लाते हैं बल्कि आम नागरिकों को यह संदेश भी देते हैं कि गलत कार्य करने वाले चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, कानून सबके लिए समान है।

एसीओ के ऐसे प्रयास शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। और यह भी सुनिश्चित करते हैं कि जनता बिना किसी भय के अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठा सके।

पूरे प्रदेश में ऐसी पहल की आवश्यकता

हरदोई की यह घटना यह भी दर्शाती है कि भ्रष्टाचार केवल एक जगह सीमित नहीं है बल्कि यह समस्या कई सरकारी विभागों में देखने को मिलती है। ऐसे में एसीओ जैसी संस्थाओं की ज़रूरत और भी बढ़ जाती है।

लखनऊ इकाई की इस कार्रवाई से अन्य जिलों में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों को भी यह कड़ा संदेश मिलता है कि भ्रष्टाचार किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समाज पर इसका सकारात्मक प्रभाव

जब सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ती है, तो इससे आम जनता में विश्वास बढ़ता है।

• शिकायतकर्ता बेझिझक होकर अपनी बात रखते हैं

• सरकारी प्रक्रियाएं सरल और स्पष्ट होती हैं

• भ्रष्टाचार पर नियंत्रण बढ़ता है

• पुलिस विभाग की छवि बेहतर होती है

एसीओ की यह कार्रवाई न सिर्फ एक गलत गतिविधि को रोकने के लिए थी, बल्कि एक बड़ा संदेश देने के लिए भी थी कि “ईमानदारी ही व्यवस्था की असली ताकत है”।

भ्रष्टाचार निवारण संगठन की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन समाज में नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रहा है। हरदोई में हुई यह घटना यह बताने के लिए काफी है कि अगर जनता जागरूक रहे और अपनी शिकायतें समय पर दर्ज करे, तो भ्रष्टाचार को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

लोगों को चाहिए कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखकर चुप न रहें, बल्कि तुरंत संबंधित विभाग को रिपोर्ट करें।

The Uttar Pradesh Anti-Corruption Organization (ACO) trapped a Sub Inspector in Hardoi while accepting a ₹70,000 bribe, highlighting the UP Police’s strict zero tolerance policy against corruption. This incident not only strengthens trust in law enforcement but also encourages citizens to report corruption through the ACO helpline. Key SEO terms include UP Police corruption, Hardoi bribe case, ACO trap operation, and Anti-Corruption Organization UP to improve visibility and search ranking.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
mist
14.1 ° C
14.1 °
14.1 °
88 %
1kmh
40 %
Thu
28 °
Fri
29 °
Sat
31 °
Sun
31 °
Mon
29 °
Video thumbnail
जब Akhilesh के मंत्री ने पंडित को बनाया खान, सदन में मजेदार अंदाज़ में Yogi ने जमकर ले ली मौज!
08:10
Video thumbnail
सिख सांसद को गद्दार बोलने पर संसद में Modi ने जो बोला उसे कभी नहीं भूलेगा पूरा सिख समुदाय!
10:15
Video thumbnail
बात ब्राह्मणों के अपमान की आई भड़के Yogi और Raja Bhaiya ने दिया करारा जवाब! Yogi | Brahman
11:38
Video thumbnail
सदन में Abbas Ansari के भाषण के बाद CM Yogi का ऐसा बयान, हिल गया पूरा विपक्ष !
11:16
Video thumbnail
'वंदे मातरम्' का जो विरोध करेगा, वो वहीं जाए जहां पर उसको... योगी आदित्यनाथ
02:55
Video thumbnail
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर सदन में पहली बार दहाड़े Yogi,दे दिया जवाब, हिल जाएंगे Akhilesh Yadav
09:24
Video thumbnail
Yati Narsinghanand #viral #shorts
02:17
Video thumbnail
Yogi Adityanath : हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता..
01:45
Video thumbnail
Mahamandleshwer Dr. Rajeshwar Das: “धरती पर किसान है.., सनातन पर क्या खूब बोले महामंडलेश्वर राजेश्वर
15:38
Video thumbnail
Swati Maliwal on Arvind Kejriwal :पंजाब में चार्टड जेट से लेकर आलीशान महल में निवास करता है केजरीवाल
01:37

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related