AIN NEWS 1: हरिद्वार से एक बड़ी धार्मिक और राजनीतिक मांग सामने आई है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) की नेता साध्वी प्राची ने कहा है कि हरिद्वार के कुंभ मेला क्षेत्र और विशेष रूप से पवित्र स्थल हर की पैड़ी को आधिकारिक रूप से “अमृत क्षेत्र” घोषित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार यह क्षेत्र हिंदू आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां की पवित्रता और धार्मिक महत्व को विशेष कानूनी सुरक्षा दी जानी चाहिए।
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क्या है साध्वी प्राची की मुख्य मांग?
साध्वी प्राची का तर्क है कि कुंभ मेला क्षेत्र करोड़ों हिंदुओं की श्रद्धा से जुड़ा हुआ स्थल है। हर की पैड़ी गंगा स्नान का सबसे प्रमुख घाट माना जाता है, जहां देश–विदेश से भक्त पूजा–पाठ और स्नान के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि इस इलाके को अमृत क्षेत्र घोषित करने से न केवल धार्मिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी गरिमा बनी रहेगी।
उनका यह भी कहना है कि कुंभ के दौरान कई बार ऐसे तत्व भीड़ में शामिल हो जाते हैं, जिनका हिंदू परंपराओं से कोई संबंध नहीं होता। इससे व्यवस्था बिगड़ने और धार्मिक भावनाएं आहत होने की आशंका रहती है। इसी कारण उन्होंने इस क्षेत्र में गैर–हिंदुओं के प्रवेश पर सख्त पाबंदी लगाने की मांग रखी है।
“अमृत क्षेत्र” घोषित करने का उद्देश्य
साध्वी प्राची के मुताबिक हरिद्वार का कुंभ क्षेत्र सामान्य पर्यटन स्थल नहीं है। यह एक विशुद्ध धार्मिक क्षेत्र है। यहां सदियों से हिंदू समाज अपनी परंपराओं का पालन करता आ रहा है। अगर सरकार इसे अमृत क्षेत्र घोषित करती है तो:
इस इलाके को विशेष धार्मिक दर्जा मिलेगा
अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी
मांस, शराब और अन्य आपत्तिजनक कार्यों पर सख्ती बढ़ेगी
धार्मिक आयोजनों को बेहतर संरक्षण मिलेगा
उन्होंने सरकार से अपील की है कि जैसे कुछ अन्य धार्मिक स्थलों की पहचान को संरक्षित किया गया है, उसी तरह हर की पैड़ी की पवित्रता को भी कानूनी रूप से सुरक्षित किया जाए।
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प्रवेश प्रतिबंध की मांग पर विवाद
गैर–हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने वाली मांग ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। साध्वी प्राची का मानना है कि यह निर्णय केवल कुंभ क्षेत्र की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम होगा। उन्होंने कहा कि कई मंदिरों और मठों में पहले से ही इस तरह के नियम लागू हैं, इसलिए हरिद्वार में भी इसे अपनाया जा सकता है।
हालांकि उनके इस बयान पर अलग–अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ हिंदू संगठनों ने उनकी मांग का समर्थन किया है और कहा है कि कुंभ क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ऐसा कदम उठाया जाना चाहिए। समर्थकों का तर्क है कि इससे श्रद्धालुओं को शांत और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
दूसरी ओर कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने इस मांग पर आपत्ति भी जताई है। उनका कहना है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सार्वजनिक स्थानों पर किसी समुदाय विशेष के प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाना व्यावहारिक रूप से कठिन और संवेदनशील मुद्दा हो सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए अन्य वैकल्पिक उपाय भी अपनाए जा सकते हैं।
प्रशासन से की गई अपील
साध्वी प्राची ने उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार दोनों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन होता है। ऐसे में प्रशासन का यह दायित्व है कि आयोजन स्थल की गरिमा बनी रहे।
उन्होंने सुझाव दिया कि:
कुंभ क्षेत्र में पहचान पत्र आधारित प्रवेश व्यवस्था हो
हर की पैड़ी के आसपास कड़ी निगरानी रखी जाए
धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कार्यों पर तुरंत कार्रवाई हो
विशेष नियमों का बोर्ड लगाकर श्रद्धालुओं को जानकारी दी जाए
धार्मिक महत्व का केंद्र है हर की पैड़ी
हर की पैड़ी को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इसी घाट पर अमृत की कुछ बूंदें गिरी थीं। यही कारण है कि कुंभ और अर्धकुंभ के दौरान यहां स्नान का विशेष महत्व होता है। साध्वी प्राची ने इसी पौराणिक मान्यता के आधार पर इसे अमृत क्षेत्र घोषित करने की मांग को सही ठहराया है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार केवल एक शहर नहीं, बल्कि हिंदू सभ्यता की आत्मा है। यहां गंगा के किनारे होने वाले संस्कार, आरती और धार्मिक आयोजन पूरे देश को एक सूत्र में बांधते हैं।
आगे क्या होगा?
फिलहाल यह मांग एक राजनीतिक बयान के रूप में सामने आई है। सरकार की ओर से इस विषय में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। लेकिन साध्वी प्राची के बयान के बाद यह मुद्दा मीडिया और धार्मिक जगत में चर्चा का विषय जरूर बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कुंभ मेला क्षेत्र को विशेष धार्मिक दर्जा देने से जुड़ी मांग पर सरकार भविष्य में विचार कर सकती है। लेकिन प्रवेश प्रतिबंध जैसे विषयों पर व्यापक संवाद और कानूनी परीक्षण की जरूरत पड़ेगी।
साध्वी प्राची की यह मांग उनके धार्मिक दृष्टिकोण और संगठनात्मक विचारधारा को दर्शाती है। उनका उद्देश्य हरिद्वार कुंभ क्षेत्र और हर की पैड़ी की पवित्रता को बनाए रखना है। समर्थक इसे आस्था की रक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि आलोचक इसे अलग नजरिए से परख रहे हैं। आने वाले समय में देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील विषय को किस तरह लेता है।
Haridwar Kumbh Mela is one of the largest religious gatherings in the world, and Har Ki Pauri is the most sacred bathing ghat on the banks of river Ganga. VHP leader Sadhvi Prachi has raised a demand to declare the Haridwar Kumbh region as Amrit Kshetra and impose strict restrictions on non-Hindu entry to protect the sanctity of the holy place. This statement has created debate in religious tourism circles and political forums. Har Ki Pauri, Kumbh Mela area, Sadhvi Prachi, Vishva Hindu Parishad leaders and Haridwar religious news are important keywords linked with this issue, which continues to remain in national headlines.



















