AIN NEWS 1: हरियाणा की लोकसंस्कृति और युवाओं की आवाज़ बन चुके मशहूर हरियाणवी गायक मासूम शर्मा इन दिनों एक नए विवाद के केंद्र में हैं। उनके कई लोकप्रिय गानों पर सरकारी स्तर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद न सिर्फ म्यूजिक इंडस्ट्री बल्कि आम श्रोताओं के बीच भी बहस तेज हो गई है। मासूम शर्मा ने इस कार्रवाई पर खुलकर अपनी बात रखी और सरकार को नसीहत दी कि केवल हरियाणवी गानों को निशाना बनाना उचित नहीं है।
🎵 हरियाणवी गानों पर बैन, क्यों भड़के मासूम शर्मा?
मासूम शर्मा का कहना है कि हरियाणवी म्यूजिक को अक्सर गलत नजरिए से देखा जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में खुलेआम हथियार, नशा और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गाने चल रहे हैं, तब सिर्फ हरियाणवी गानों पर ही कार्रवाई क्यों?
सिंगर का मानना है कि कला और संगीत समाज का आईना होते हैं। अगर किसी गाने में सामाजिक सच्चाई या ग्रामीण जीवन की झलक दिखाई जाती है, तो उसे सीधे “गलत प्रभाव” कहकर बैन करना समझ से परे है।
🎙️ “सिर्फ गानों पर नहीं, असली मुद्दों पर ध्यान दें” – मासूम शर्मा
मासूम शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को चाहिए कि वह केवल गानों को रोकने की बजाय उन वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दे, जिनसे युवा प्रभावित हो रहे हैं। बेरोज़गारी, नशाखोरी, शिक्षा की कमी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर गंभीरता ज़रूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणवी संगीत राज्य की पहचान है और इसे दबाने से स्थानीय कलाकारों का मनोबल टूटता है। सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में हजारों लोग सामने आए हैं, जो इसे क्षेत्रीय संस्कृति के साथ भेदभाव बता रहे हैं।
🌍 दूसरी बड़ी खबर: कनाडा की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी का खुलासा
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी आपराधिक घटना से जुड़ी खबर सामने आई है। कनाडा की अब तक की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी के कथित मास्टरमाइंड अरसलान चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी कई महीनों की जांच और निगरानी के बाद की गई है।
👤 कौन है अरसलान चौधरी?
पुलिस के मुताबिक अरसलान चौधरी एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा था और उस पर $5,000 से अधिक मूल्य की चोरी, चोरी की संपत्ति रखने के दो आरोप और गंभीर आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं।
गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उसे सुनवाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
🚨 कैसे हुआ खुलासा?
कनाडाई पुलिस को लंबे समय से सोने की तस्करी और चोरी से जुड़ी शिकायतें मिल रही थीं। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल ट्रांजैक्शन और सर्विलांस के जरिए पुलिस ने पूरे नेटवर्क की परतें खोलीं। अरसलान चौधरी को इस गिरोह का मुख्य योजनाकार बताया जा रहा है।
यह मामला न सिर्फ कनाडा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
🔎 दो खबरें, एक सवाल
जहां एक ओर भारत में अभिव्यक्ति की आज़ादी और क्षेत्रीय कला पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विदेश में संगठित अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही है। मासूम शर्मा का मुद्दा यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या कला को नियंत्रित करने से समाज सुधरेगा, या फिर असली समस्याओं पर ध्यान देना ज़्यादा ज़रूरी है।
वहीं, कनाडा की गोल्ड चोरी की घटना यह दिखाती है कि अपराध चाहे देश का हो या विदेश का, कानून के शिकंजे से बच पाना आसान नहीं।
The ban on songs by Haryanvi singer Masoom Sharma has sparked a nationwide debate on selective censorship in regional music industries, especially when compared with Punjabi music content. At the same time, the arrest of Arslan Chaudhary, accused as the mastermind behind Canada’s biggest gold theft case, highlights strict international action against organized crime. Both stories reflect contrasting approaches to freedom of expression and law enforcement across regions.


















