AIN NEWS 1: हरियाणा के यमुनानगर जिले से सामने आई एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। सरपंच की पत्नी बलजिंद्र कौर की हत्या का जो मामला शुरू में किसी बाहरी साजिश या अनजान अपराधी की करतूत लग रहा था, वह पुलिस जांच में रिश्तों के सबसे पवित्र बंधन को शर्मसार करने वाली सच्चाई में बदल गया।
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि बलजिंद्र कौर की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनके अपने सगे बेटे गोमित राठी ने अपने दोस्त पंकज के साथ मिलकर की थी। मां और बेटे के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव, गुस्सा और नफरत आखिरकार इस जघन्य अपराध में तब्दील हो गया।
🔹 मां-बेटे के रिश्ते में दरार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोमित राठी और उसकी मां बलजिंद्र कौर के बीच संबंध लंबे समय से ठीक नहीं थे। मां की ओर से बार-बार की जाने वाली रोक-टोक और अनुशासन की कोशिशें गोमित को नागवार गुजर रही थीं। समय के साथ यह नाराजगी गुस्से में और फिर नफरत में बदलती चली गई।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब गोमित एक लड़की से प्रेम करने लगा। लड़की के दूसरी जाति से होने के कारण बलजिंद्र कौर ने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया और बेटे को डांटा-फटकारा। यह बात गोमित के दिल में गहरी चोट बनकर बैठ गई। पुलिस के मुताबिक, इसी घटना के बाद उसने अपनी मां के खिलाफ बदले की भावना पाल ली।
🔹 परिवार ने संभालने की की कोशिश
परिवार को जब मां-बेटे के बीच बढ़ते तनाव का अंदाजा हुआ, तो उन्होंने स्थिति को शांत करने की कोशिश की। इसी उद्देश्य से गोमित को स्टडी वीजा पर इंग्लैंड भेज दिया गया, ताकि वह नए माहौल में अपने करियर पर ध्यान दे सके और घर का तनाव खत्म हो जाए।
लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि गोमित का गुस्सा और बदले की आग विदेश जाकर भी ठंडी नहीं हुई। वह अंदर ही अंदर अपनी मां के खिलाफ नफरत पालता रहा और मौका तलाशता रहा।
🔹 चुपचाप भारत वापसी
सीआईए-2 प्रभारी राकेश कुमार के अनुसार, गोमित 18 दिसंबर को गुपचुप तरीके से इंग्लैंड से भारत लौट आया। उसकी इस वापसी की जानकारी न तो परिवार को थी और न ही गांव वालों को। केवल उसका करीबी दोस्त पंकज इस राज से वाकिफ था।
दोनों ने तय किया कि इस बात को पूरी तरह छुपाया जाएगा ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद गोमित अपने गांव पहुंचा और सही मौके का इंतजार करने लगा।
🔹 हत्या की रात की कहानी
पुलिस के मुताबिक, 24 दिसंबर की रात गोमित गांव में जानवरों के बाड़े में छिपकर बैठा रहा। देर रात जब सब सो चुके थे और माहौल शांत था, तब उसने अपनी योजना को अंजाम दिया।
गोमित ने पहले अपनी मां पर हमला किया, उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाईं और फिर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। यह पल सिर्फ एक अपराध नहीं था, बल्कि मां-बेटे के रिश्ते का सबसे भयावह अंत था।
🔹 सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद गोमित ने अपराध को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। उसने अपनी मां के शव को पानी की हौदी में फेंक दिया, ताकि लोग समझें कि यह कोई हादसा है। लेकिन पुलिस को घटनास्थल की परिस्थितियों और शरीर पर मिले चोटों से शक हुआ।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे सच्चाई सामने आती गई। आखिरकार पुलिस ने गोमित और उसके दोस्त पंकज को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जहां दोनों टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
🔹 पुलिस जांच और सामाजिक सवाल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि पारिवारिक संवाद की कमी, गुस्से और असहिष्णुता का नतीजा है। यदि समय रहते भावनात्मक तनाव को समझा और संभाला जाता, तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।
यह घटना समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है—क्या हम अपने बच्चों की मानसिक स्थिति पर पर्याप्त ध्यान देते हैं? क्या संवाद की जगह दबाव और गुस्सा ले रहा है?
🔹 गांव में मातम और सन्नाटा
इस वारदात के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। कोई भी यह विश्वास नहीं कर पा रहा कि एक बेटा अपनी ही मां की जान ले सकता है। बलजिंद्र कौर को एक सख्त लेकिन जिम्मेदार महिला के रूप में जाना जाता था, जो परिवार और समाज दोनों के लिए समर्पित थीं।
The Yamunanagar murder case in Haryana has shocked the entire state after police revealed that Baljinder Kaur, wife of a sarpanch, was killed by her own son due to a long-standing family dispute. The Haryana police investigation uncovered how personal resentment, inter-caste relationship conflict, and emotional breakdown led to this tragic crime. This case highlights rising family conflicts and serious crime issues in Haryana.



















