AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हिंदू त्योहारों को लेकर एक सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा शांति और कानून व्यवस्था को भंग करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो लोग त्योहारों के दौरान अशांति फैलाने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ कड़ा और सख्त कदम उठाया जाएगा।
हर वर्ष हिंदू त्योहारों के समय कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उत्पन्न अशांति की घटनाएँ सामने आती हैं। इन्हें देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों और पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी जिलों में त्योहारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका मानना है कि धर्म और संस्कृति का उत्सव हमेशा सुरक्षित और शांति से मनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हिंदू त्योहार आते ही जिनको गर्मी चढ़ जाती है, उनकी गर्मी को शांत करना भी हमें आता है।” यह कथन न केवल चेतावनी है, बल्कि यह राज्य की कानून व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा धार्मिक आयोजनों को भंग करने का प्रयास किया गया, तो कानून को उसके खिलाफ पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा।
इस बार, योगी आदित्यनाथ ने पूरे राज्य में सुरक्षा इंतजामों को और भी बढ़ा दिया है। पुलिस और सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिरों, पूजा स्थलों, बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, CCTV निगरानी, मोबाइल पेट्रोलिंग और DRONE निगरानी जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल भी किया जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर जिले में त्योहारों के समय विशेष सुरक्षा योजना बनाई जाए। इसके अंतर्गत भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, और आपातकालीन सेवाओं की तैयारी शामिल है। जो भी व्यक्ति या समूह अशांति फैलाने का प्रयास करेगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस संदेश का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ऐसा स्पष्ट और सख्त संदेश असामाजिक तत्वों को रोकने और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए बहुत आवश्यक था। राज्य में त्योहारों के समय अक्सर हिंसा या तनाव की घटनाएँ सामने आती रही हैं, और इस चेतावनी से उनमें कमी आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण राज्य में शांति, सौहार्द और सामाजिक समरसता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनता से संवाद और जागरूकता अभियान चलाया जाए। लोगों को यह बताया जाए कि कोई भी त्योहार कानून के दायरे से बाहर नहीं है और सभी नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है।
राज्य सरकार का यह संदेश यह सुनिश्चित करता है कि हर नागरिक अपने धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव को निडर और शांतिपूर्ण वातावरण में मना सके। योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि “छेड़ोगे तो हम छोड़ेंगे नहीं।” यह बयान उनकी सरकार की कानून और व्यवस्था बनाए रखने की नीति को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल असामाजिक तत्वों में डर पैदा करेगा, बल्कि आम नागरिकों में विश्वास बढ़ाएगा कि उनका धार्मिक जीवन और सांस्कृतिक उत्सव सुरक्षित हैं। उत्तर प्रदेश में त्योहारों के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की सतर्कता इस समय और अधिक बढ़ा दी गई है।
मुख्यमंत्री का यह कदम यह भी संकेत देता है कि राज्य में किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस, प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अशांति की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही उसे रोका जाए। इससे राज्य में सभी धर्मों और समुदायों के लोग अपने उत्सव को निश्चिंत होकर मना सकते हैं।
इस तरह, योगी आदित्यनाथ ने हिंदू त्योहारों के समय सुरक्षा, कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दोहराया है। यह सुनिश्चित करता है कि उत्तर प्रदेश में हर त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाया जाए, और कोई भी असामाजिक तत्व इसके माहौल को बिगाड़ न सके।
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath has issued a strong and clear warning about Hindu festivals security across the state. He emphasized that any attempt to disturb peace during festivals will face strict legal action. The CM has instructed police and administrative authorities to increase surveillance, deploy additional forces, and use modern monitoring techniques like CCTV and drones to ensure festival safety and law enforcement in Uttar Pradesh. This proactive approach aims to prevent crime, maintain public order, and allow citizens to celebrate festivals safely and peacefully.


















