12 साल की बच्ची की दो योनि और तीन बच्चेदानी: जन्म से जूझ रही थी गंभीर बीमारी, लखनऊ के डॉक्टरों ने दिया नया जीवन!

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AIN NEWS 1: कुदरत कई बार ऐसे रहस्यमयी और जटिल मामले सामने रख देती है, जिन्हें देखकर मेडिकल साइंस भी हैरान रह जाती है। ऐसा ही एक दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया है, जहां 12 साल की एक बच्ची जन्म से ही गंभीर शारीरिक समस्याओं से जूझ रही थी। इस बच्ची के शरीर में दो योनि और तीन बच्चेदानी (uterus) पाई गईं, जिसकी वजह से उसे पेशाब पर नियंत्रण नहीं था और बचपन से ही डायपर पहनकर जीवन बिताना पड़ रहा था।

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जन्म से ही सामान्य नहीं था जीवन

बलिया जिले की रहने वाली इस बच्ची का जीवन शुरू से ही संघर्षों से भरा रहा। जन्म के बाद से ही उसे पेशाब रोकने में समस्या थी। जैसे-जैसे उम्र बढ़ी, यह समस्या और गंभीर होती चली गई। बच्ची को दिन-रात डायपर पहनना पड़ता था, जिससे न सिर्फ उसका शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी प्रभावित होने लगा।

इसके अलावा उसे पेट साफ न होने की भी परेशानी थी। शौच का मार्ग पूरी तरह विकसित नहीं था, जिसके कारण रोजमर्रा की जिंदगी उसके लिए बेहद कठिन हो गई थी। स्कूल जाना, दोस्तों से मिलना और सामान्य जीवन जीना उसके लिए लगभग असंभव हो गया था।

इलाज की तलाश और निराशा

परिवार ने स्थानीय स्तर पर कई डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन कहीं से भी संतोषजनक परिणाम नहीं मिला। हर जगह सिर्फ अस्थायी इलाज या दवाइयां दी गईं, लेकिन समस्या की जड़ तक कोई नहीं पहुंच सका। बच्ची की हालत देखकर माता-पिता मानसिक रूप से टूट चुके थे।

आखिरकार किसी परिचित की सलाह पर परिवार बच्ची को लखनऊ स्थित लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Lohia Institute of Medical Sciences) लेकर पहुंचा। यहां यूरोलॉजी विभाग की OPD में बच्ची की जांच शुरू हुई।

जांच रिपोर्ट ने चौंकाया डॉक्टरों को

बच्ची के लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों ने विस्तृत रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जांच करवाई। जब रिपोर्ट सामने आई तो मेडिकल टीम भी हैरान रह गई। जांच में सामने आया कि बच्ची को एक अत्यंत दुर्लभ जन्मजात विकृति (Congenital Anomaly) है।

डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची के शरीर में:

तीन बच्चेदानी (3 uterus)

दो योनि (2 vagina)

पेशाब की नलिकाएं (ureters) गलत स्थान पर खुली हुई

गुदा मार्ग पूरी तरह विकसित नहीं

यह स्थिति मेडिकल भाषा में अत्यंत जटिल मानी जाती है और ऐसे मामले दुनिया भर में बहुत कम देखने को मिलते हैं।

तीन चरणों में हुई जटिल सर्जरी

यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर राम दयाल के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई। पूरी योजना के साथ बच्ची की सर्जरी को तीन चरणों में करने का फैसला लिया गया।

पहला चरण: गुदा मार्ग का सुधार

पहले चरण में शौच मार्ग से जुड़ी समस्या को ठीक किया गया, ताकि बच्ची को पेट साफ होने में राहत मिल सके।

दूसरा चरण: पेशाब नियंत्रण की सर्जरी

दूसरे चरण में पेशाब पर नियंत्रण पाने के लिए जटिल यूरोलॉजिकल सर्जरी की गई। पेशाब की नलिकाओं को सही स्थान पर लाया गया।

तीसरा चरण: जननांग संरचना का सुधार

अंतिम चरण में बच्ची की असामान्य जननांग संरचना को मेडिकल दृष्टि से सुरक्षित और कार्यात्मक बनाया गया, ताकि भविष्य में उसे किसी गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े।

सर्जरी के बाद बदली जिंदगी

सर्जरी के बाद बच्ची की हालत में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। अब उसे पेशाब पर काफी हद तक नियंत्रण मिल चुका है और डायपर पर उसकी निर्भरता खत्म हो रही है। पेट साफ होने की समस्या भी काफी हद तक दूर हो गई है।

डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची अब एक सामान्य जीवन की ओर बढ़ रही है। मानसिक रूप से भी उसमें सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

प्रदेश में पहली बार हुआ ऐसा ऑपरेशन

डॉक्टरों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में इस तरह की जटिल सर्जरी पहली बार सफलतापूर्वक की गई है। यह न केवल मेडिकल साइंस की उपलब्धि है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी उम्मीद की किरण है, जो ऐसे दुर्लभ रोगों से जूझ रहे हैं।

कुदरत का करिश्मा या मेडिकल चुनौती?

यह मामला भले ही कुदरत के करिश्मे जैसा लगे, लेकिन मेडिकल साइंस के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। सही समय पर पहचान, आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने मिलकर एक बच्ची को नया जीवन देने का काम किया।

A rare medical case from Lucknow has drawn national attention after doctors at Lohia Institute of Medical Sciences successfully treated a 12-year-old girl born with two vaginas and three uterus. The child suffered from urinary incontinence and congenital abnormalities since birth. Through a complex three-stage surgical procedure, doctors corrected the anatomical defects, giving the girl a chance to live a normal life. Such rare congenital anomaly cases highlight advancements in pediatric urology and medical expertise in India.

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