spot_imgspot_img

नेपाल में Gen-Z आंदोलन से हिली सरकार: मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री ओली तक ने छोड़ा पद, राष्ट्रपति अब भी डटे

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | नेपाल में Gen-Z आंदोलन ने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को हिलाकर रख दिया है। जो शुरुआत सोशल मीडिया पर लगाए गए बैन से हुई थी, उसने देखते ही देखते देश के इतिहास का सबसे बड़ा युवा विद्रोह का रूप ले लिया। काठमांडू और अन्य शहरों में हजारों छात्र और युवा सड़कों पर उतरे, जिससे सरकार को भारी दबाव झेलना पड़ा।

कैसे भड़का Gen-Z आंदोलन?

सोशल मीडिया बैन लगते ही युवाओं में आक्रोश फैल गया। यह बैन सिर्फ तकनीकी मसला नहीं था बल्कि अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला माना गया। इसी कारण विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और सोशल प्लेटफॉर्म्स से जुड़े युवा एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए।

धीरे-धीरे यह आंदोलन सिर्फ बैन हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और नेताओं की ऐशो-आराम भरी जिंदगी के खिलाफ गुस्से में बदल गया।

हिंसा और तबाही: 23 की मौत

प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों ने हालात बिगाड़ दिए।

  • अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है।

  • संसद और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी इमारतें प्रदर्शनकारियों के गुस्से का शिकार बनीं और धू-धू कर जल उठीं।

  • कई मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों पर भी हमला किया गया।

मंत्रियों की इस्तीफों की झड़ी

सबसे पहले गृह मंत्री ने इस्तीफा दिया। लेकिन हालात काबू में न आए तो अन्य मंत्रियों ने भी एक-एक करके पद छोड़ना शुरू कर दिया।

  • गृह मंत्री रमेश लेखक

  • स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल
    पहले ही इस्तीफा दे चुके थे।
    इसके बाद दबाव इतना बढ़ा कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भी पद छोड़ना पड़ा।

पीएम ओली का इस्तीफा

8 और 9 सितंबर 2025 के दौरान आंदोलन इतना उग्र हो गया कि प्रदर्शनकारी ओली के दफ्तर और आवास तक पहुंच गए। कर्फ्यू और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद भीड़ को काबू करना मुश्किल हो गया।

  • ओली ने राष्ट्रपति को लिखे अपने इस्तीफे में कहा कि मौजूदा हालात का समाधान राजनीतिक और संवैधानिक तरीकों से होना चाहिए।

  • इस्तीफे से कुछ घंटे पहले ही प्रदर्शनकारियों ने बालकोट स्थित उनके निजी आवास को आग के हवाले कर दिया।

राष्ट्रपति अब भी डटे

प्रधानमंत्री और कई मंत्रियों के इस्तीफों के बावजूद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने अब तक पद नहीं छोड़ा है। यही वजह है कि प्रदर्शनकारियों का गुस्सा राष्ट्रपति आवास और संसद भवन तक पहुंच गया।
9 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने पौडेल के घर और संसद परिसर में तोड़फोड़ की।

नेताओं के घर बने निशाना

आंदोलनकारियों का गुस्सा केवल ओली तक सीमित नहीं रहा।

  • पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’

  • संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग

  • पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक
    इनके घरों पर भी हमला हुआ। खासतौर पर गुरुंग को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने ही सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने का आदेश दिया था।

प्रदर्शनकारियों की रणनीति

आंदोलन में शामिल ज्यादातर लोग छात्र और युवा थे।

  • कलंकी इलाके में सड़कों को जाम करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए।

  • ललितपुर जिले के सुनाकोठी में संचार मंत्री गुरुंग के घर पर पथराव किया गया।

  • काठमांडू की गलियों में प्रदर्शनकारियों ने रातभर नारेबाजी और रैलियां निकालीं।

विपक्ष की भूमिका और सुझाव

नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिमलेंद्र निधि और अर्जुन नरसिंह केसी ने सुझाव दिया कि पार्टी को ओली सरकार से सभी मंत्री वापस बुलाने चाहिए और खुद आंदोलनकारी युवाओं के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए। इससे यह साफ है कि विपक्ष भी इस आंदोलन को गंभीरता से ले रहा है और इसे अवसर के रूप में देख रहा है।

क्या आंदोलन सिर्फ सरकार गिराने तक सीमित रहेगा?

आज नेपाल के युवा सिर्फ चेहरों की अदला-बदली नहीं चाहते। वे व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई और रोजगार के अवसर चाहते हैं। आंदोलन का अगला चरण यही तय करेगा कि नेपाल का राजनीतिक भविष्य किस दिशा में जाएगा।

नतीजा: सत्ता का तख्तापलट

कई मंत्रियों और प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के साथ नेपाल की सत्ता व्यवस्था हिल चुकी है। हालांकि राष्ट्रपति अब भी कुर्सी पर कायम हैं, लेकिन जनता का गुस्सा उनके खिलाफ भी साफ दिखाई दे रहा है। अगर हालात जल्द काबू में नहीं आए तो राष्ट्रपति पर भी दबाव बढ़ सकता है।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
31 ° C
32.1 °
31 °
79 %
2.1kmh
100 %
Wed
30 °
Thu
31 °
Fri
40 °
Sat
41 °
Sun
40 °
Video thumbnail
सुवेंदु अधिकारी का ममता सरकार पर आरोप, बोले- 54 आवासों में 52 मुस्लिम और सिर्फ 2 हिंदू
00:35
Video thumbnail
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने T20 UP लीग का किया शुभारंभ
00:31
Video thumbnail
Nepal Tibet Flood Crisis Video : 5 मंजिल इमारत के ऊपर से निकल गया बाढ़ का पानी
01:15
Video thumbnail
Nepal Flood Visuals : नेपाल में आई बाढ़
01:08
Video thumbnail
"ब्राह्मण, ठाकुर, भूमिहार के लिए भी आरक्षण है. इस देश में सबके लिए आरक्षण है."- मनोज तिवारी
00:54
Video thumbnail
सोनभद्र में एम्बुलेंस से 81.3 किलो गांजा बरामद, फर्श में बना रखा था गुप्त केबिन
00:25
Video thumbnail
'Patna BPSC Students Protest में पहुंचे Gen Alpha : 'जेल भी जाना पड़ा तो जाएंगे...
01:35
Video thumbnail
कन्नौज : बीच सड़क नशे मे धुत पीआरडी जवान का हाई वोल्टेज ड्रामा
00:51
Video thumbnail
गुडगाँव मिलेनियम सिटी की स्पेस टेक्नोलॉजी वाली सड़क
00:20
Video thumbnail
'28 लाख टन चीनी है यूपी में' CM Yogi ने विरोधियों को रेला! CM Yogi Lucknow Speech Today
08:41

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related