AIN NEWS 1 | दिनांक 14 सितंबर 2025 को हिंदू जागरण मंच, दिल्ली प्रांत की एक महत्वपूर्ण बैठक केंद्रीय कार्यालय, मोती बाग (नई दिल्ली) में संपन्न हुई। इस अवसर पर मंच के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य संगठनात्मक दायित्वों का वितरण, कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार और हिंदू समाज के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर विचार करना था।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संबोधन
बैठक में हिंदू जागरण मंच के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंदेश्वरानंद जी महाराज ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने प्रांत स्तर के दायित्वों की घोषणा की और दायित्व पत्र वितरण भी किया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा:
“हिंदू धर्म किसी संघर्ष या बाहरी प्रयत्नों पर आधारित नहीं है। यह केवल सिद्धांतों पर विश्वास करने का विषय भी नहीं है। यह एक साक्षात्कार है — जिसमें केवल विश्वास कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे जीवन में उतारना और वैसा बनना भी आवश्यक है।”
हिंदू धर्म का मूल संदेश
स्वामी आनंदेश्वरानंद जी ने आगे कहा कि हिंदू समाज का मूल मंत्र है — “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः”। यानी, हर कोई सुखी और निरोगी रहे। यही सोच हिंदू संस्कृति का आधार है।
लेकिन उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भारत के हिंदू समाज में छद्म धर्मनिरपेक्षता के नाम पर एक नई पीढ़ी तैयार हो रही है, जो अपने मूल संस्कारों से दूर होकर पाश्चात्य शैली और धर्मांतरण की ओर आकर्षित हो रही है।
हिंदू जागरण मंच का उद्देश्य
स्वामी जी ने कहा कि इस परिस्थिति का समाधान केवल सामर्थ्य, गौरव और वीरता से ही संभव है। हिंदू जागरण मंच का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है —
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हिंदू संस्कृति और मान-बिंदुओं की रक्षा करना
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युवाओं में स्वावलंबन और स्व-रोज़गार की भावना विकसित करना
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समाज को कुसंस्कार और धर्मांतरण के प्रभाव से बचाना
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गौरव और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए समाज को संगठित करना
युवाओं की भूमिका
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत की संस्कृति और परंपराओं को बचाने की जिम्मेदारी युवाओं पर है। यदि युवा आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और संगठित होंगे, तो कोई भी शक्ति हिंदू संस्कृति को नुकसान नहीं पहुंचा सकेगी।
स्वामी आनंदेश्वरानंद जी ने जोर देकर कहा:
“हमें केवल विचारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हमें कार्य करना होगा, समाज में जाकर लोगों को जागृत करना होगा और उन्हें हिंदू संस्कृति की महानता से जोड़ना होगा।”
हिंदुत्व विरोधी चुनौतियां
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि वर्तमान समय में हिंदुत्व विरोधी ताकतें सक्रिय हैं। ये ताकतें समाज में भ्रम फैलाकर लोगों को उनके धर्म और संस्कृति से दूर कर रही हैं। ऐसे समय में हिंदू जागरण मंच का दायित्व और भी बढ़ जाता है। संगठन का उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं है, बल्कि एक सकारात्मक रास्ता दिखाना भी है।
संगठन का संदेश
बैठक में कार्यकर्ताओं को संदेश दिया गया कि संगठन तभी मजबूत होता है जब हर कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाए। प्रांत स्तर पर जो दायित्व दिए गए हैं, वे केवल पद नहीं बल्कि एक कर्तव्य हैं। इन कर्तव्यों का पालन ही संगठन की शक्ति और भविष्य तय करेगा।
इस बैठक का सार यही रहा कि हिंदू जागरण मंच आज केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। यह आंदोलन हिंदू संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं की रक्षा के लिए समर्पित है।
स्वामी आनंदेश्वरानंद जी के प्रेरक शब्दों ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। बैठक के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे न केवल संगठन के लक्ष्यों को पूरा करेंगे, बल्कि समाज के हर वर्ग तक हिंदू संस्कृति का संदेश पहुंचाएंगे।




















