AIN NEWS 1 | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (22 सितंबर 2025) को ईटानगर में आयोजित एक विशाल रैली में अरुणाचल प्रदेश और पूरे पूर्वोत्तर के लिए बड़े विकास पैकेज की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की पुरानी आदत रही है कि मुश्किल विकास कार्यों से वह किनारा कर लेती है, जिसकी सबसे ज्यादा मार पूर्वोत्तर राज्यों ने झेली है।
पूर्वोत्तर को माना ‘अष्टलक्ष्मी’
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पूर्वोत्तर को देश की ‘अष्टलक्ष्मी’ मानती है, क्योंकि यहां आठ राज्य हैं जो भारत की समृद्धि और विविधता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से बैठकर विकास नहीं किया जा सकता, इसलिए वे खुद और उनके मंत्री लगातार इस क्षेत्र का दौरा करते रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वे अब तक 70 से अधिक बार पूर्वोत्तर आ चुके हैं, वहीं पिछले दशक में केंद्रीय मंत्री 800 से ज्यादा बार यहां का दौरा कर चुके हैं। यह बदलाव दिखाता है कि दिल्ली अब पूर्वोत्तर से दूर नहीं है, न सड़कों से और न ही दिल से।
कांग्रेस पर बड़ा हमला
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा:
कांग्रेस हमेशा आसान कामों को करती रही और मुश्किल कामों से बचती रही।
सीमा से सटे गांवों को कांग्रेस सरकारें ‘लास्ट विलेज’ कहकर उपेक्षित करती थीं।
यही कारण है कि लोग सीमावर्ती इलाकों से पलायन करने को मजबूर हो गए।
मोदी ने कहा कि जब 2014 में उन्हें देश सेवा का मौका मिला तो उन्होंने यह संकल्प लिया कि अब विकास वोटों और सीटों की गिनती पर नहीं, बल्कि ‘नेशन फर्स्ट’ की सोच पर होगा।
अरुणाचल की नई पहचान: सेला सुरंग और होलोंगी एयरपोर्ट
प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि जो काम कभी असंभव माने जाते थे, वे आज हकीकत बन चुके हैं।
सेला सुरंग अब अरुणाचल की नई पहचान बन चुकी है।
होलोंगी एयरपोर्ट से अब दिल्ली के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं।
इससे छात्रों, पर्यटकों और किसानों को बड़ी राहत मिली है।
किसानों को अब अपनी उपज बड़े बाजारों तक आसानी से भेजने का मौका मिल रहा है, जबकि छात्रों और पर्यटकों की यात्रा भी बेहद सुविधाजनक हो गई है।
बड़े बिजली प्रोजेक्ट और रोजगार
मोदी ने बताया कि नई परियोजनाएं अरुणाचल को बिजली उत्पादन में अग्रणी बनाएंगी।
तातो-I जलविद्युत परियोजना (186 मेगावाट) – 1,750 करोड़ रुपये की लागत से, हर साल लगभग 802 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की उम्मीद।
हेओ परियोजना (240 मेगावाट) – 1,939 करोड़ रुपये की लागत से, सालाना 100 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा।
इन परियोजनाओं से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और पूरे राज्य में सस्ती बिजली उपलब्ध होगी।
तवांग कन्वेंशन सेंटर और अन्य सौगातें
प्रधानमंत्री ने तवांग में कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला रखी, जिसकी लागत लगभग 145 करोड़ रुपये होगी। इसकी बैठने की क्षमता 1,500 से अधिक होगी।
इसके अलावा, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और अग्नि सुरक्षा से जुड़ी 1,290 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की भी शुरुआत की गई।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से बदले हालात
मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों की उपेक्षा से सीमावर्ती गांव वीरान होते गए। अब उनकी सरकार वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत अरुणाचल के 450 से अधिक गांवों को सड़क, बिजली, इंटरनेट और पर्यटन सुविधाओं से जोड़ रही है। ये गांव अब नए पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।
पूर्वोत्तर अब देश की मुख्यधारा में
प्रधानमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश “देश का पहला सूर्योदय देखने वाला राज्य” है और अब यह विकास की पहली किरण का स्वागत कर रहा है। उन्होंने राज्य के लोगों की वीरता और एकता की सराहना करते हुए कहा कि यहां का हर नागरिक शौर्य और शांति का प्रतीक है।
जीएसटी सुधार और त्योहारी सीजन की राहत
मोदी ने अपने भाषण में हाल ही में लागू हुए जीएसटी सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नवरात्र के पहले दिन से नई दरें लागू होने से त्योहारों के मौसम में लोगों को दोहरा लाभ मिलेगा।
रसोई का बजट कम होगा।
महिलाओं को आर्थिक मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसकी सरकारें हमेशा महंगाई बढ़ने के बावजूद करों को और ज्यादा बढ़ाती रहीं, जबकि उनकी सरकार लगातार करों को घटाकर राहत देने का काम कर रही है।
मोदी का संदेश: दिल्ली अब दूर नहीं
प्रधानमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा:
“पूर्वोत्तर अब दिल्ली से न सड़क के मामले में दूर है और न ही दिल से। हमने दिल्ली को आपके दरवाजे तक ले आए हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि अरुणाचल अब देश का गौरव है और यहां का हर गांव विकास का प्रतीक बनेगा।



















