AIN NEWS 1: अबू धाबी एयरपोर्ट पर हाल ही में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अफ्रीका के छोटे से देश इस्वातिनी (पूर्व में स्वाजीलैंड) के राजा मस्वाती-III अपने पूरे शाही परिवार और नौकरों के साथ दिख रहे हैं।
राजा मस्वाती-III का भव्य प्रवेश
वीडियो में देखा जा सकता है कि राजा मस्वाती-III एक विशाल प्राइवेट जेट से उतरते हैं। उनके साथ उनकी 15 पत्नियां, 30 बच्चे और करीब 100 निजी नौकर मौजूद थे। एयरपोर्ट पर जब उनका विमान उतरा, तो सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और तीन टर्मिनलों को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा।
राजा मस्वाती-III को उनकी पारंपरिक अफ्रीकी पोशाक में देखा गया — उन्होंने लियोपर्ड प्रिंट वाला वस्त्र पहन रखा था जो उनकी शाही पहचान का प्रतीक माना जाता है। वहीं, उनकी पत्नियां चमकीले और पारंपरिक अफ्रीकी परिधानों में बेहद आकर्षक लग रही थीं।
शाही परिवार की झलक जिसने सबको चौंका दिया
वीडियो में यह भी देखा गया कि राजा और रानियों के साथ आए नौकरों का दल उनके बेशकीमती सामान और लग्जरी बैग्स संभालता नजर आया। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों के लिए यह एक फिल्मी दृश्य जैसा था — जहां कैमरे, सुरक्षा कर्मी और एयरपोर्ट स्टाफ सब उस शाही काफिले को देखने में मशगूल थे।
राजा के साथ आए काफिले में कई महंगी कारें भी थीं, जो एयरपोर्ट से उन्हें उनके गंतव्य तक ले जाने के लिए तैयार खड़ी थीं।
1986 से सत्ता में हैं राजा मस्वाती-III
राजा मस्वाती-III अफ्रीका के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले राजाओं में से एक हैं। उन्होंने 1986 में अपने पिता, राजा सोभुजा-II की मृत्यु के बाद सत्ता संभाली थी। वे केवल 18 वर्ष के थे जब उन्होंने राजगद्दी संभाली।
मस्वाती-III को अफ्रीका का आखिरी “एब्सोल्यूट मोनार्क” (पूर्ण शासक) कहा जाता है — यानी देश में लोकतंत्र नहीं, बल्कि राजा का सीधा शासन चलता है।
दुनिया के सबसे अमीर शासकों में से एक
राजा मस्वाती-III का नाम दुनिया के सबसे अमीर राजाओं की सूची में शामिल है। उनके पास अरबों डॉलर की संपत्ति है। बताया जाता है कि उनके पास दर्जनों महल, सैकड़ों लग्जरी कारें, और कई प्राइवेट जेट हैं।
वहीं, उनके पिता सोभुजा-II की संपत्ति और भी विशाल थी — उनके 125 पत्नियां और करीब 210 बच्चे थे। इस तुलना में मस्वाती-III अपेक्षाकृत “संयमित” माने जाते हैं, लेकिन उनके शाही ठाट-बाट अब भी चर्चा का विषय बने रहते हैं।
‘रीड डांस’ समारोह और नई दुल्हन की परंपरा
राजा मस्वाती-III हर साल एक विशेष पारंपरिक उत्सव का आयोजन करते हैं जिसे “रीड डांस फेस्टिवल” कहा जाता है। यह इस्वातिनी की सबसे बड़ी सांस्कृतिक घटनाओं में से एक है। इस समारोह में देशभर की हजारों युवा लड़कियां पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करती हैं, और इसी आयोजन में राजा अपनी नई दुल्हन चुनते हैं।
इस परंपरा की आलोचना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार हुई है। आलोचकों का कहना है कि यह महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों के खिलाफ है, जबकि राजा इसे संस्कृति और परंपरा से जोड़ते हैं।
शाही वैभव और गरीबी के बीच विरोधाभास
इस्वातिनी में राजा का यह वैभवशाली जीवन हमेशा विवादों में रहा है। एक ओर राजा मस्वाती-III अरबों की संपत्ति के मालिक हैं, वहीं देश की आधी से अधिक आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन बिता रही है।
देश के कई नागरिक बेरोजगारी, भुखमरी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। वहीं, शाही परिवार के विलासिता भरे जीवन को लेकर स्थानीय नागरिक और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन सवाल उठाते रहे हैं।
अक्सर कहा जाता है कि इस्वातिनी की जनता के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बेहद सीमित हैं, लेकिन शाही परिवार के खर्चों में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है।
वायरल वीडियो ने दुनिया को किया हैरान
अबू धाबी एयरपोर्ट पर राजा मस्वाती-III के आगमन का यह वीडियो देखते ही देखते दुनिया भर में वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर लोग उनकी भव्यता देखकर हैरान हैं। कुछ लोग इसे “राजसी गौरव” बता रहे हैं तो कुछ ने इसे “गरीबी पर तमाचा” कहा।
वीडियो में साफ दिखता है कि कैसे राजा के उतरते ही एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई — सुरक्षाकर्मी लाइन बनाकर खड़े हो गए, और स्टाफ को आम यात्रियों की गतिविधि रोकनी पड़ी।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
जहां कुछ लोग राजा के शाही अंदाज़ की तारीफ कर रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग उनकी आलोचना भी कर रहे हैं। ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर हजारों लोगों ने कमेंट किए हैं कि “जब जनता भूख से मर रही है, तब राजा इतना वैभव कैसे दिखा सकता है?”
वहीं, उनके समर्थक कहते हैं कि यह उनके देश की परंपरा और गौरव का प्रतीक है और राजा को अपनी संस्कृति दिखाने का पूरा हक है।
अफ्रीका का छोटा लेकिन खास देश
इस्वातिनी अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक छोटा लेकिन सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश है। पहले इसका नाम स्वाजीलैंड था, जिसे 2018 में बदलकर “इस्वातिनी” कर दिया गया।
देश की जनसंख्या करीब 12 लाख है, और यह दक्षिण अफ्रीका और मोज़ाम्बिक से घिरा हुआ है। यहां की अर्थव्यवस्था कृषि और खनिज उद्योग पर निर्भर है।
राजा की आलोचना के बावजूद मजबूत पकड़
राजा मस्वाती-III की आलोचना भले होती रही हो, लेकिन देश में उनका प्रभाव आज भी मजबूत है। विरोध के स्वर दबा दिए जाते हैं, और मीडिया पर सख्त नियंत्रण है।
कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस्वातिनी में लोकतंत्र बहाली की मांग की है, लेकिन अब तक राजा ने सत्ता साझा करने के कोई संकेत नहीं दिए हैं।
अबू धाबी एयरपोर्ट पर राजा मस्वाती-III का यह शाही प्रदर्शन सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि उस असमानता की झलक है जो आज भी दुनिया के कई हिस्सों में मौजूद है। जहां एक ओर विलासिता की सीमा नहीं है, वहीं दूसरी ओर गरीबों की बुनियादी ज़रूरतें अधूरी हैं।
राजा मस्वाती-III का यह जलवा भले ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया हो, लेकिन इसके पीछे छिपे सवाल — गरीबी, समानता और मानवाधिकार — आज भी उत्तर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
A viral video from Abu Dhabi Airport featuring King Mswati III of Eswatini has captured global attention. The African monarch arrived in a private jet with 15 wives, 30 children, and around 100 servants, sparking widespread discussion on social media about wealth, privilege, and inequality in Africa’s last absolute monarchy. Known for his lavish lifestyle, King Mswati III continues to reign over Eswatini since 1986, making headlines for his royal extravagance and controversial traditions like the annual Reed Dance ceremony.


















