AIN NEWS 1 | भारत में त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि भावनाओं और आपसी विश्वास का प्रतीक होते हैं। इन्हीं में से एक है करवा चौथ, जो पति-पत्नी के अटूट प्रेम और आस्था का पर्व माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं।
लेकिन आधुनिक समय में जब महिलाएं कार्यस्थल, बाजार और सोशल मीडिया तक सक्रिय हैं, ऐसे में इस त्यौहार के दौरान सुरक्षा और जागरूकता पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी हो गया है। इस लेख में हम बात करेंगे कि करवा चौथ पर महिलाएं किस तरह अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए त्योहार को और भी सुंदर और सुरक्षित बना सकती हैं।
करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ केवल एक व्रत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति और समर्पण का प्रतीक है। यह पर्व हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सुबह से लेकर चंद्र दर्शन तक उपवास रखती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा करती हैं।
यह व्रत न केवल वैवाहिक प्रेम को मजबूत बनाता है, बल्कि विश्वास, संयम और धैर्य की मिसाल भी पेश करता है।
पार्लर या सैलून जाते समय अपनाएं ये सावधानियां
त्योहार के अवसर पर महिलाएं अक्सर पार्लर या सैलून जाकर तैयार होती हैं। लेकिन भीड़भाड़ और असावधानी कई बार परेशानी का कारण बन सकती है। कुछ जरूरी बातें जो हर महिला को ध्यान में रखनी चाहिए:
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विश्वसनीय सैलून चुनें:
हमेशा ऐसे पार्लर में जाएं जो साफ-सुथरा और भरोसेमंद हो। यदि पहली बार जा रही हैं, तो ऑनलाइन रिव्यू या परिचितों की राय अवश्य लें। -
अपनी वस्तुएं साथ रखें:
मेकअप ब्रश, हेयरब्रश या अन्य व्यक्तिगत चीजें अपनी रखें ताकि संक्रमण का खतरा न हो। -
पहले से अपॉइंटमेंट बुक करें:
त्योहार के दिन पार्लर में भीड़ रहती है। समय बचाने और अव्यवस्था से बचने के लिए पहले से अपॉइंटमेंट ले लें। -
सुरक्षा उपाय देखें:
पार्लर में CCTV कैमरे, महिला स्टाफ और सुरक्षित माहौल होना चाहिए। किसी अजनबी या असुरक्षित जगह पर अकेले न जाएं। -
बिल और जानकारी लें:
सेवा लेने के बाद बिल जरूर लें। यह पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी है।
स्वच्छता और स्वास्थ्य का रखें ध्यान
करवा चौथ के दौरान कई महिलाएं दिनभर बिना पानी के उपवास रखती हैं। इसलिए शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखना जरूरी है।
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व्रत से पहले हल्का और पौष्टिक भोजन करें।
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अधिक देर भूखे न रहें, कमजोरी या चक्कर आने पर तुरंत परिवार को बताएं।
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सजने-संवरने में प्रयोग होने वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
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हेयर कलर या ब्लीच करवाने से पहले पैच टेस्ट करें ताकि एलर्जी से बच सकें।
आत्म-सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम
करवा चौथ के अवसर पर बाहर जाते समय या पूजा के लिए बाजार जाने के दौरान महिलाओं को अपनी सुरक्षा और सतर्कता को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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अपने मोबाइल की लोकेशन ऑन रखें और किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताएं कि आप कहां जा रही हैं।
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अगर रात में पूजा के लिए बाहर जाना हो, तो समूह में जाएं और सुनसान जगहों से बचें।
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सार्वजनिक स्थलों पर अनजान लोगों से बात करते समय सावधानी बरतें।
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अपने बैग या मोबाइल में इमरजेंसी नंबर सेव रखें।
परंपरा के साथ आधुनिकता का संतुलन
करवा चौथ आज सिर्फ पारंपरिक पूजा का दिन नहीं रहा, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और जागरूकता का प्रतीक भी बन गया है। जहां पहले महिलाएं केवल घर की सीमाओं तक सीमित थीं, वहीं अब वे ऑफिस, बिज़नेस और समाज के हर क्षेत्र में सक्रिय हैं।
ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं अपनी परंपराओं का सम्मान करते हुए आधुनिक समय की जरूरतों के अनुरूप सजग और आत्मविश्वासी बनें।
करवा चौथ की पूजा में क्या करें और क्या न करें
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पूजा के समय शुद्धता और मन की शांति बनाए रखें।
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किसी पर अपशब्द या नकारात्मक विचार न रखें।
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पूजा सामग्री पहले से तैयार रखें ताकि जल्दबाजी में कुछ छूट न जाए।
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पूजा के बाद पति और परिवार के साथ भोजन करें और आभार व्यक्त करें।
करवा चौथ का अर्थ सिर्फ व्रत रखना नहीं है, बल्कि प्यार, विश्वास और सुरक्षा का संगम है।
हर महिला को चाहिए कि इस शुभ अवसर पर अपनी और दूसरों की सुरक्षा का भी उतना ही ध्यान रखे जितना सजावट और पारंपरिक तैयारी का।
याद रखें, सुरक्षित महिला ही सशक्त समाज की नींव है।
करवा चौथ की शुभकामनाएं सभी महिलाओं को — आपका यह व्रत सुख, समृद्धि और सुरक्षा लेकर आए।


















