AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दिवाली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली पनीर की सप्लाई चेन को धराशायी किया है। इस ऑपरेशन में बड़ी मात्रा में मिलावटी पनीर पकड़ा गया, जिसे जांच के बाद नष्ट कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह पनीर उत्तराखंड ले जाया जा रहा था। इस पूरे घटनाक्रम को आसान भाषा में समझाते हैं — किन-किन कदमों में काम हुआ, क्यों यह मामला गंभीर है और उपभोक्ताओं को क्या सावधानी बरतनी चाहिए।

घटना कैसे सामने आई
मुजफ्फरनगर के खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ वाहन के जरिये पनीर की बड़ी खेप चल रही है, जो राज्य से बाहर ले जाई जा रही है। टीम ने मार्ग पर चेकिंग की तो मोटे तौर पर यह पनीर अस्वच्छ हालत में था, गुणवत्ता के मानदंड पूरी नहीं कर रहा था और इसकी गड़बड़ की संभावना थी। विभागीय अधिकारी ने बताया कि पनीर गुजरात-स्केल के नहीं बल्कि कुछ अवैध संयंत्रों से तैयार हो रहा था।
कितनी मात्रा पकड़ी गई और क्या हुआ
विभाग ने बताया कि लगभग १५ क्विंटल (लगभग 1.5 टन) से अधिक नकली पनीर बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹3.3 लाख थी। ये पनीर एक वाहन द्वारा उत्तराखंड के लिए भेजा जा रहा था। बरामद पनीर को तुरंत कब्जे में लेकर नष्ट कर दिया गया — इसके लिए जेसीबी मशीन के माध्यम से गाड़ने की प्रक्रिया अपनाई गयी।
जांच-पड़ताल की प्रक्रिया
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पकड़े गए पनीर से सैंपल लिए गए हैं और अगले चरण में लैब में उनकी जांच होगी। यह देखना है कि किन मिलावटों के साथ यह पनीर तैयार किया गया था — जैसे कि स्किम्ड मिल्क पाउडर का प्रयोग, रंग-वर्ग का इस्तेमाल, गंध-स्तर का छेड़-छाड़ आदि।
क्यों यह मामला गंभीर है
पनीर जैसा डेयरी उत्पाद सीधे उपभोक्ता के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। यदि उसमें मिलावट या गड़बड़ी हो तो भोजन-सम्बन्धी बीमारियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
त्योहार जैसे दिवाली के समय दूध-दही-मिठाई-पनीर की मांग बढ़ जाती है, जिससे मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इस मामले में भी यही संभावित मामला सामने आया है।
यह सप्लाई लाइन एक राज्य से बाहर (उत्तराखंड) ले जानी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सिर्फ स्थानीय बाजार नहीं बल्कि अन्य बाजारों तक मिलावटी उत्पाद पहुंचने की योजना थी।
सरकार और खाद्य सुरक्षा विभाग की यह अभियान-प्राप्ति दर्शाती है कि राज्य-स्तर पर खाद्य सुरक्षा के प्रयास तेज हो रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता-सचेतना की भी आवश्यकता है।
उपभोक्ताओं के लिए सुझाव
1. पनीर खरीदते समय ब्रांड प्रमाण, प्रोडक्शन-समय, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट आदि जानकारी देखकर ही खरीद करें।
2. पनीर की गंध, रंग, टेक्सचर चेक करें — यदि अनियमित गंध हो, अत्यधिक सफेदी हो या कटने-पिघलने में अजीब महसूस हो तो सावधान हों।
3. भरोसेमंद दुकान से ही खरीदारी करें और तुरंत इस्तेमाल न होने पर उसे सही तापमान वाले फ्रिज में रखें।
4. किसी भी तरह का शंका-संकलन हो तो स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग / हेल्पलाइन पर सूचना दें। इस मामले में राज्य सरकार ने हेल्पलाइन जारी की है।
आगे की कार्रवाई क्या हो सकती है
पकड़े गए पनीर के सैंपल की लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषी-साधन, संयंत्र और वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग द्वारा उक्त सप्लाई चेन पर निगरानी और बढ़ाई जाएगी — मार्ग पर चेकपोस्ट, वाहन निरीक्षण, डेयरी-उद्योगों की रैंडम जांच आदि द्वारा।
राज्य-व्यापी अभियान के तहत अन्य जिलों में भी मिलावटखोरों पर कार्रवाई की जा रही है — इससे मिलावट करने वालों को संदेश जाएगा कि कार्रवाई तेज है।
In a significant crackdown ahead of Diwali, food safety authorities in Muzaffarnagar intercepted large quantities of fake paneer destined for Uttarakhand, seized and destroyed the adulterated dairy product, and sent samples for laboratory testing to ensure public health and food safety.


















