AIN NEWS 1 चरखी दादरी: हरियाणा के चरखी दादरी से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें पुलिसकर्मियों को दीवाली के मौके पर शराब की बोतलें बांटते देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सिटी थाना प्रभारी (एसएचओ) सन्नी कुमार को निलंबित कर दिया है। यह घटना धनतेरस के दिन की बताई जा रही है।

वीडियो वायरल और कार्रवाई की शुरुआत
शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में चरखी दादरी के लघु सचिवालय परिसर में पुलिसकर्मी हाथों में शराब की बोतलें लिए नजर आ रहे हैं। वीडियो में सिटी थाना एसएचओ सन्नी कुमार साफ तौर पर बोतल पकड़े दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि किसी ने यह वीडियो गुप्त रूप से रिकॉर्ड किया और बाद में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, पुलिस विभाग हरकत में आ गया। रविवार सुबह ही विभाग की ओर से तत्काल जांच शुरू कर दी गई। डीएसपी हैडक्वार्टर धीरज कुमार ने प्रेसवार्ता कर बताया कि वीडियो में दिख रहे SHO सन्नी कुमार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
अन्य पुलिसकर्मी भी जांच के घेरे में
डीएसपी धीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि वीडियो में SHO के अलावा कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी नजर आ रहे हैं। उनकी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि वर्दीधारी कर्मियों का ऐसा आचरण अनुचित है और इससे विभाग की छवि खराब होती है।
डीएसपी का बयान
डीएसपी धीरज कुमार ने प्रेस को बताया,
“वीडियो में सिटी थाना प्रभारी को शराब की बोतल हाथ में लिए हुए देखा गया है। विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। SHO को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बाकी पुलिसकर्मियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि पुलिसकर्मी समाज में अनुशासन और कानून का प्रतीक होते हैं, ऐसे में त्योहारों के दौरान भी उन्हें अपने आचरण में मर्यादा रखनी चाहिए।
धनतेरस और दीवाली का माहौल
यह घटना धनतेरस के दिन की है, जब अधिकतर सरकारी और निजी संस्थानों में त्योहारी माहौल था। पुलिस विभाग में भी मिठाई और शुभकामनाओं का दौर चल रहा था। हालांकि, इसी दौरान यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी शराब की बोतलें बांटते नजर आए। यह स्पष्ट नहीं है कि बोतलें उपहार के तौर पर दी गई थीं या किसी और उद्देश्य से, लेकिन इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचा दिया।
सोशल मीडिया पर आलोचना
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, लोगों ने पुलिस विभाग की कड़ी आलोचना शुरू कर दी। कई यूजर्स ने लिखा कि जब आम जनता से कानून के पालन की उम्मीद की जाती है, तो पुलिस को भी अपने आचरण से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
कुछ लोगों ने कहा कि त्योहारों के मौके पर पुलिसकर्मियों को भी आराम और खुशियां मनाने का हक है, लेकिन सरकारी परिसर में शराब बांटना अनुशासनहीनता है।
विभाग की सख्ती
डीएसपी ने साफ कहा कि विभाग किसी भी स्थिति में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगा।
“यह मामला विभाग की गरिमा से जुड़ा है। SHO को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी,”
उन्होंने कहा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि शराब की बोतलें कहां से लाई गईं, किस उद्देश्य से वितरित की गईं और इस आयोजन में कौन-कौन शामिल था।
शासन-प्रशासन की नजर
इस पूरे प्रकरण ने जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय का भी ध्यान आकर्षित किया है। उच्च अधिकारियों ने भी रिपोर्ट मांगी है और पूरे मामले की निगरानी की जा रही है।
जनता की प्रतिक्रिया
शहर के लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों से पुलिस की छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है। एक स्थानीय नागरिक ने कहा,
“त्योहार मनाना गलत नहीं है, लेकिन वर्दी में शराब बांटना जनता के विश्वास को कमजोर करता है।”
दीवाली जैसे पावन त्योहार पर शराब वितरण जैसा कृत्य न केवल अनुशासन का उल्लंघन है, बल्कि पुलिस बल की साख पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि पुलिस प्रशासन अब अनुशासनहीनता के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता।
, यह घटना पुलिस विभाग के लिए एक चेतावनी है कि त्योहारों की खुशी में भी कानून और मर्यादा की सीमाएं लांघना विभाग की छवि को धूमिल कर सकता है। SHO सन्नी कुमार का निलंबन इस बात का प्रमाण है कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है।
A video from Charkhi Dadri showing SHO Sunny Kumar allegedly distributing liquor bottles to police personnel during Diwali has gone viral on social media. The Haryana Police Department immediately took action, suspending the SHO and launching a departmental inquiry. The incident has sparked widespread discussion about police discipline and professionalism during festivals.


















