AIN NEWS 1: भारत की राजधानी दिल्ली में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि इन दोनों के तार सिरिया और तुर्की में सक्रिय आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
कई महीनों से चल रही थी निगरानी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस टीम पिछले पांच से छह महीनों से इस आईएसआईएस मॉड्यूल पर नजर रखे हुए थी। टीम को लगातार ऐसे इनपुट मिल रहे थे कि कुछ युवा दिल्ली में आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे हैं। इसके बाद उन पर गुप्त तरीके से नजर रखी गई और धीरे-धीरे इनके नेटवर्क का पूरा खुलासा हुआ।
टीम ने तकनीकी निगरानी के साथ-साथ फिजिकल सर्विलांस भी किया। इन आतंकियों के मूवमेंट, उनके संपर्कों और मिलने-जुलने वाले लोगों पर भी पुलिस ने पैनी नजर रखी हुई थी। सही समय का इंतजार करने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा और दोनों आतंकियों को दबोच लिया।
दिवाली पर बड़ा हमला करने की थी साजिश
डीसीपी अमित कौशिक के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ है कि ये दोनों आतंकी दिवाली के मौके पर दिल्ली के भीड़-भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। उनका मकसद था कि त्योहार के वक्त जब शहर की सड़कों पर लाखों लोग मौजूद हों, उस समय विस्फोट कर बड़े पैमाने पर तबाही मचाई जाए।
पुलिस की तत्परता और इंटेलिजेंस टीम की सतर्कता से इस योजना को वक्त रहते नाकाम कर दिया गया। डीसीपी कौशिक ने कहा, “हमारी टीम लगातार इनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सही समय पर कार्रवाई कर हमने एक बड़ा हादसा टाल दिया है।”
सिरिया और तुर्की कनेक्शन की पुष्टि
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी सिरिया और तुर्की में मौजूद आईएसआईएस हैंडलरों के संपर्क में थे। इन देशों से उन्हें ऑनलाइन निर्देश दिए जा रहे थे, जिसमें हमले की तैयारी और फंडिंग से जुड़ी जानकारी शामिल थी।
आतंकियों ने कथित तौर पर कई बार “डार्क वेब” और एनक्रिप्टेड ऐप्स के जरिए विदेशी हैंडलरों से संपर्क किया था। जांच एजेंसियों ने उनके डिजिटल उपकरणों — मोबाइल फोन, लैपटॉप और पेन ड्राइव — को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
दिल्ली के किन इलाकों पर थी नजर
सूत्रों के अनुसार, इन आतंकियों ने दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों जैसे सरोजिनी नगर मार्केट, कनॉट प्लेस और लाजपत नगर जैसे भीड़भाड़ वाले बाजारों की रेकी की थी। इन इलाकों में त्योहारों के दौरान हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं। उनका प्लान था कि यहां किसी विस्फोटक उपकरण के जरिए आतंक फैलाया जाए।
पुलिस ने इस साजिश को नाकाम करते हुए उन जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी है और बाजार संघों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फंडिंग और हथियारों की सप्लाई की जांच
एजेंसियों का कहना है कि अब जांच का फोकस इस बात पर है कि इन आतंकियों को फंडिंग और हथियारों की सप्लाई कहां से मिल रही थी। शुरुआती सुराग बताते हैं कि इन्हें बिटकॉइन के जरिए क्रिप्टो चैनल से पैसे भेजे जा रहे थे।
इसके अलावा कुछ स्थानीय संपर्कों के भी नाम सामने आए हैं, जिनसे पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से आईएसआईएस के भारत में सक्रिय नेटवर्क का बड़ा हिस्सा उजागर हो सकेगा।
आईएसआईएस का भारत में बढ़ता नेटवर्क
हाल के वर्षों में आईएसआईएस ने भारत में युवाओं को ऑनलाइन प्रोपेगेंडा और सोशल मीडिया के जरिए प्रभावित करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। कई मामलों में संगठन ने धार्मिक कट्टरता का उपयोग कर युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल किया है।
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार ऐसे मॉड्यूल्स को पकड़ने में जुटी हैं जो देश की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
डीसीपी का संदेश: जनता सतर्क रहे
डीसीपी अमित कौशिक ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि “दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है, लेकिन नागरिकों की सतर्कता भी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस को आम नागरिकों के सहयोग की जरूरत है।
जांच आगे बढ़ रही है
गिरफ्तार आतंकियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और बैंकिंग डिटेल्स की जांच हो रही है। पुलिस इस बात की भी तहकीकात कर रही है कि क्या इनके कोई और साथी देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले को “हाई अलर्ट” पर रखा है और अन्य राज्यों को भी इनपुट साझा किए गए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोका जा सके।
Delhi Police Special Cell has foiled a major ISIS terror plot by arresting two ISIS terrorists linked to Syria and Turkey. The ISIS module was planning a terror attack in Delhi during Diwali. Intelligence surveillance and timely action by Delhi Police prevented a massive tragedy. The arrests have exposed international terror funding and connections between ISIS handlers in Turkey and Syria, strengthening India’s counter-terrorism network.



















