AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिले में संपत्ति लेन-देन और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में जिला प्रशासन एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। डीएम सर्किल रेट की नई दरें अगले सप्ताह से लागू हो सकती हैं। इन दरों में आवासीय, वाणिज्यिक और कृषि भूमि के लिए अलग-अलग श्रेणियों में वृद्धि की गई है, जिससे सरकार के राजस्व में इज़ाफा होने की उम्मीद है।
नई दरों पर शासन की अनुमति बाकी
जिला प्रशासन ने नई दरों के प्रस्ताव पर जनता से प्राप्त सभी 53 आपत्तियों का निस्तारण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब शासन से मंजूरी मिलते ही ये नई दरें जिले के सभी क्षेत्रों में लागू कर दी जाएंगी। केवल जीडीए की हरनंदीपुरम योजना क्षेत्र के कुछ खसरा नंबरों को फिलहाल इसमें शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि इन जमीनों का अधिग्रहण जीडीए द्वारा किया जाना है।
कितनी बढ़ोतरी हुई है दरों में?
राजस्व विभाग के अनुसार, नई सर्किल दरों में औसतन 10 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
आवासीय क्षेत्रों में 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी।
वाणिज्यिक क्षेत्रों में यह वृद्धि 30 से 40 प्रतिशत तक रहेगी।
ग्रामीण इलाकों की कृषि भूमि के सर्किल रेट में मामूली बढ़ोतरी की गई है ताकि किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि लंबे समय से आवश्यक थी क्योंकि संपत्ति की बाजार कीमतें बीते वर्षों में काफी बढ़ चुकी थीं, जबकि सर्किल रेट पुराने स्तर पर ही बने हुए थे।
उद्देश्य: पारदर्शिता और न्यायसंगत मूल्य निर्धारण
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने बताया कि नई दरों का उद्देश्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि संपत्ति मूल्य निर्धारण को अधिक नियमित और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि इस कदम से अचल संपत्ति बाजार में अनियमितता कम होगी और खरीदारों तथा विक्रेताओं दोनों को उचित दरों पर लेन-देन करने में सुविधा होगी।
सरकार को होगा राजस्व लाभ
नई दरों के लागू होने के बाद सरकार को स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क से अधिक राजस्व प्राप्त होगा। हालांकि, संपत्ति खरीदने वालों को अब थोड़ी अधिक राशि स्टांप शुल्क के रूप में चुकानी पड़ेगी। फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लंबे समय में राजस्व पारदर्शिता और कर सुधार के लिए आवश्यक है।
हरनंदीपुरम योजना में अस्थायी रोक
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की हरनंदीपुरम योजना के कुछ खसरा नंबरों को लेकर विवाद बना हुआ है। इन जमीनों पर विकास कार्य शुरू होने वाला है और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है। इसलिए प्रशासन ने इन क्षेत्रों में नई दरें लागू करने से पहले शासन से विशेष गाइडलाइन मांगी है। जैसे ही दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, इन खसरा नंबरों के लिए अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जनता को दी जाएगी पूरी जानकारी
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नई दरें लागू होने के बाद जनता को इसके बारे में व्यापक जानकारी दी जाए। इसके लिए प्रचार-प्रसार के माध्यम से नागरिकों को बताया जाएगा कि नई दरों का असर उनके क्षेत्र में कैसे पड़ेगा। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह न फैले और सभी आपत्तियों का समाधान शीघ्रता से किया जाए।
आपत्तियों का निस्तारण और पारदर्शी प्रक्रिया
सर्किल रेट प्रस्ताव पर कुल 53 आपत्तियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से लगभग सभी का निस्तारण कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया जन-सुनवाई और संवाद के आधार पर की गई है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए ताकि नई दरें व्यवहारिक और न्यायसंगत साबित हों।
विशेषज्ञों की राय
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि नई सर्किल दरें लागू होने से संपत्ति मूल्य निर्धारण में स्पष्टता आएगी। इससे न केवल अवैध या कम कीमत पर किए जाने वाले लेन-देन में कमी आएगी, बल्कि भविष्य में संपत्ति विवादों की संभावना भी घटेगी। इसके अलावा, टैक्स और स्टांप ड्यूटी से जुड़े मामलों में भी सुधार होगा।
आगे की दिशा
प्रशासन ने यह भी कहा है कि यह कदम केवल राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे जिले की विकास योजनाओं को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक ठोस पहल है। नई दरें लागू होने के बाद जिले के सभी नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जमीन और संपत्ति की सटीक दर देख सकेंगे।
इस निर्णय से यह साफ है कि गाजियाबाद प्रशासन संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। नई सर्किल दरें न केवल बाजार को नियमित करेंगी, बल्कि सरकार और नागरिकों दोनों के हित में साबित होंगी।
The Ghaziabad District Administration is set to implement new circle rates next week, increasing property values by 10–40% across residential, commercial, and agricultural areas. This decision by the DM of Ghaziabad aims to ensure transparency in property transactions, improve land valuation, and boost state revenue through higher stamp duty collections. With the inclusion of GDA-regulated zones and rural areas, the updated rates mark a major step toward real estate reform and fair market regulation in Ghaziabad.


















