AIN NEWS 1 नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग अब पूरे देश में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके ताकि आगामी चुनावों में किसी भी नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो।
सूत्रों के अनुसार, आयोग सोमवार को इस संबंध में बैठक करेगा, जिसके बाद पहले चरण की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उम्मीद है कि मंगलवार से ही एसआईआर का पहला चरण शुरू हो जाएगा।
पहले चरण में ये राज्य शामिल होंगे
पहले चरण में असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल को शामिल किया गया है। इन राज्यों में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, इसलिए मतदाता सूचियों को अपडेट करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
इसके अलावा, कुछ और राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को भी पहले चरण में शामिल किए जाने की संभावना है। ये वे राज्य हैं जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए समय रहते मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण वहां भी शुरू किया जा सकता है।
मार्च 2026 तक पूरा होगा पहला चरण
चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण का पूरा काम मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण की घोषणा की जाएगी, जिसमें पहाड़ी राज्यों और बाकी बचे अन्य राज्यों को शामिल किया जाएगा।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के तहत नागरिकों को अपने नाम, पता, उम्र और पहचान से जुड़ी जानकारियों को सत्यापित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और मृत मतदाताओं के नाम हटाने का कार्य भी किया जाएगा ताकि सूची अधिक पारदर्शी और सही हो सके।
जहां स्थानीय चुनाव हैं, वहां नहीं होगा पहला चरण
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया फिलहाल नहीं होगी, जहां निकाय या पंचायत चुनाव इस समय चल रहे हैं या होने वाले हैं। इसका कारण है कि स्थानीय चुनावों में लगी प्रशासनिक और चुनावी मशीनरी पहले से व्यस्त है।
ऐसे राज्यों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य दूसरे या अंतिम चरण में किया जाएगा।
बिहार ने पहले ही पूरा किया पुनरीक्षण
बिहार इस प्रक्रिया में देश का पहला राज्य बन गया है जिसने मतदाता सूची का विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) पहले ही पूरा कर लिया है।
बिहार की अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित की जा चुकी है, जिसमें लगभग 7.42 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं। राज्य में अब 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा और परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
आयोग की तैयारी पूरी
पिछले हफ्ते निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ बैठक की थी। इसमें सभी से कहा गया कि वे अपने राज्यों में एसआईआर की तैयारी पूरी रखें।
कई राज्यों के सीईओ ने पहले से ही अपने यहां की नवीनतम मतदाता सूचियां वेबसाइटों पर अपलोड कर दी हैं ताकि नागरिक उन्हें देख सकें और आवश्यक सुधार के लिए आवेदन दे सकें।
इसके साथ ही, आयोग ने राज्य चुनाव अधिकारियों से यह भी कहा है कि एसआईआर के दौरान नागरिकों के आवेदन न केवल ऑनलाइन बल्कि ऑफलाइन भी स्वीकार किए जाएं ताकि ग्रामीण और इंटरनेट सुविधा से वंचित लोग भी शामिल हो सकें।
एसआईआर क्यों जरूरी है?
चुनाव आयोग का कहना है कि समय-समय पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे फर्जी नाम, मृत व्यक्ति, या दोहराव जैसी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
इसके अलावा, हर वर्ष बड़ी संख्या में नए मतदाता 18 वर्ष के हो जाते हैं। उन्हें मतदाता सूची में शामिल करना भी इसी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
एसआईआर से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और कोई भी व्यक्ति दो बार वोट न डाल सके।
डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने इस बार मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाया है। इसके तहत नागरिकों को Voter Helpline App, NVSP Portal और Voter Portal के माध्यम से अपने नाम की स्थिति देखने, संशोधन कराने या नया नाम जोड़ने की सुविधा दी गई है।
साथ ही, मतदाता सूची की सभी अद्यतन जानकारी जिला और राज्य स्तर पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
आगे का रोडमैप
मार्च 2026 तक पहले चरण का काम पूरा होने के बाद, दूसरे चरण की घोषणा की जाएगी, जिसमें पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड और मेघालय को शामिल किए जाने की संभावना है।
इन राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां कठिन होने के कारण प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी चलती है, इसलिए आयोग चाहता है कि पहले मैदानी राज्यों में काम पूरा हो जाए।
मतदाताओं के लिए अपील
आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मतदाता विवरणों की जांच करें और यदि कोई गलती हो तो तुरंत सुधार कराएं। नागरिकों को यह सुविधा मिलेगी कि वे ऑनलाइन फॉर्म 6, 7, 8 या 8A के माध्यम से नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए आवेदन कर सकें।
चुनाव आयोग का यह भी कहना है कि इस बार फोटोयुक्त और पूर्णत: अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जाएगी, ताकि आने वाले चुनावों में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
देशभर में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण एक बड़ा कदम है जो लोकतंत्र को और मजबूत करेगा। इससे मतदाताओं की सही पहचान सुनिश्चित होगी और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। आयोग का लक्ष्य है कि हर योग्य नागरिक अपने मताधिकार का सही और सुरक्षित उपयोग कर सके।
The Election Commission of India (ECI) is set to launch the Special Intensive Revision (SIR) of the voter list across the country, with the first phase covering Assam, Tamil Nadu, Kerala, West Bengal, and Puducherry. The initiative aims to update voter records, add new eligible voters, and remove duplicate or invalid entries before the 2026 elections. This voter list revision is part of ECI’s broader effort to ensure transparency, accuracy, and inclusiveness in India’s democratic process.


















