AIN NEWS 1: दिल्ली में हाल ही में हुए कथित तेजाबकांड ने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया। शुरुआत में यह मामला एक छात्रा पर तेजाब हमले जैसा लग रहा था, लेकिन जांच ने जो कहानी उजागर की, उसने सबको चौंका दिया। इस पूरी साजिश का सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि खुद पीड़िता का पिता अकील खान निकला — जिसने अपनी हवस और चालबाजियों को छिपाने के लिए एक खौफनाक नाटक रच डाला।
रविवार की सुबह करीब 11 बजे दिल्ली पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा पर बाइक सवार तीन युवकों ने तेजाब से हमला किया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। लड़की ने बयान दिया कि एक युवक पिछले एक साल से उसका पीछा कर रहा था और उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर तेजाब फेंका।
पहली नज़र में मामला गंभीर लग रहा था, इसलिए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए केस दर्ज किया। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, लड़की के बयानों में विरोधाभास नज़र आने लगे।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन (CDR) और चश्मदीद गवाहों से पूछताछ की तो पता चला कि जिन लोगों पर लड़की ने हमला करने का आरोप लगाया था, वे उस समय घटनास्थल पर थे ही नहीं। वे लोग अपने घरों से कई किलोमीटर दूर, करोल बाग और आगरा में मौजूद थे।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जिस बाइक का ज़िक्र लड़की ने किया, वह भी उस समय करोल बाग क्षेत्र में थी। यह देखकर पुलिस को शक हुआ कि कहीं यह पूरा मामला झूठा तो नहीं। पुलिस ने आगे जांच की तो पता चला कि लड़की ने खुद ही किसी टॉयलेट क्लीनर से अपना हाथ जलाया था, ताकि यह हमला असली लगे।
सच्चाई का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने लड़की के पिता अकील खान से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि पूरा “तेजाब हमला” एक साजिश थी — जो अकील खान ने खुद रची थी। उसने अपनी बेटी को भी इस झूठे खेल में शामिल किया ताकि कुछ लोगों को फंसाकर खुद को बचा सके।
असल में, अकील खान पर पहले से ही एक महिला ने यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था। वह महिला उसकी फैक्ट्री में काम करती थी और उसने पुलिस को बताया था कि अकील 2021 से 2024 तक लगातार उसका शोषण करता रहा। उसने उसके अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर ब्लैकमेल किया और शारीरिक संबंध बनाने पर मजबूर किया।
महिला के पति ने जब इसका विरोध किया तो अकील ने उसे फंसाने की ठान ली। उसने एक झूठी कहानी गढ़ी — जिसमें अपनी ही बेटी पर कथित तेजाब हमले का ड्रामा रचकर महिला के परिवार को दोषी ठहराने की कोशिश की।
लेकिन पुलिस ने पूरे मामले की तहकीकात करते हुए सच्चाई उजागर कर दी। जांच में यह भी पता चला कि लड़की ने जिन दो अन्य लोगों के नाम लिए थे, वे उसके रिश्तेदार थे और उनके परिवार से अकील का प्रॉपर्टी को लेकर पुराना विवाद चल रहा था।
एक और हैरान करने वाला तथ्य सामने आया कि जिन रिश्तेदारों पर अकील ने आरोप लगाए, उनकी मां खुद 2018 में तेजाब हमले की शिकार रह चुकी थीं। उस समय आरोप था कि हमला अकील खान के परिवार की ओर से किया गया था। यह घटना दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में हुई थी, जहां अकील का उन्हीं रिश्तेदारों से संपत्ति विवाद चल रहा था।
इन सभी खुलासों के बाद पुलिस ने अकील खान को गिरफ्तार कर लिया। अब उस पर यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और झूठे सबूत गढ़ने जैसी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला इस बात की मिसाल है कि कैसे कुछ लोग अपने अपराधों को छिपाने के लिए दूसरों को फंसाने की कोशिश करते हैं, लेकिन अंततः खुद अपने जाल में फंस जाते हैं।
“उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” और “जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वह खुद उसमें गिरता है” — ये कहावतें इस मामले पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं।
अकील खान की चालबाजी और झूठी कहानी ने न सिर्फ उसकी सच्चाई उजागर कर दी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कानून के सामने सच ज्यादा दिन तक छिप नहीं सकता।
अब पुलिस उस महिला के यौन शोषण वाले केस में भी कार्रवाई तेज कर चुकी है और जांच कर रही है कि क्या अकील के खिलाफ पहले भी इसी तरह की कोई शिकायतें दर्ज की गई थीं।
यह घटना दिल्ली की उन सभी घटनाओं में से एक है जो बताती हैं कि कैसे अपराधी कभी-कभी खुद अपनी साजिशों के शिकार बन जाते हैं।
The shocking Delhi acid attack case has taken a major twist as the accused Akil Khan has been trapped in his own conspiracy. Police investigations revealed that Khan, who allegedly staged the fake acid attack to frame others, was actually involved in a four-year-long sexual exploitation and blackmailing scandal. The Delhi Police investigation exposed how Akil Khan used his daughter in the plot to mislead authorities. This case highlights the dark side of manipulation and crime in Delhi’s criminal network, making it one of the most disturbing crime stories in India.


















