AIN NEWS 1 | तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। हैदराबाद-बीजापुर राजमार्ग पर चेवेल्ला मंडल के मीर्जागुड़ा के पास यात्रियों से भरी एक आरटीसी बस गिट्टी से लदे ट्रक से टकरा गई। इस भीषण टक्कर में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में बस चालक और ट्रक चालक दोनों शामिल हैं।
भयावह टक्कर से बस के परखच्चे उड़ गए
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना जबरदस्त था कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और ट्रक पर लदी गिट्टी सीधे बस के अंदर जा गिरी। कई यात्री गिट्टी और मलबे के नीचे दब गए, जिससे बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया। टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। बस में सवार लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जिनमें कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने की तुरंत मदद
हादसे के कुछ ही मिनटों में स्थानीय ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बस में फंसे यात्रियों को निकालने का काम शुरू किया। कई लोगों ने अपनी निजी गाड़ियां लगाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही चेवेल्ला पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया
करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी घायलों को नजदीकी चेवेल्ला सरकारी अस्पताल और हैदराबाद के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ यात्रियों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। प्रशासन ने हादसे में मृत सभी यात्रियों के शवों की पहचान प्रक्रिया शुरू कर दी है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जताया दुख
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने इसे “अत्यंत दुखद और हृदय विदारक” बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घायल यात्रियों को तुरंत और बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, सीएम रेड्डी ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को निर्देश दिया है कि हर घायल को प्राथमिकता के आधार पर हैदराबाद के उन्नत अस्पतालों में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि राहत और बचाव अभियान को पूरी गंभीरता से चलाया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सीएम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि घटना के प्रत्येक पहलू की जांच की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों से लगातार अपडेट लेते रहने और प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक सहायता मुहैया कराने को कहा है। इसके अलावा, सीएम रेड्डी ने रंगारेड्डी के जिला कलेक्टर को आदेश दिया कि वे स्वयं राहत कार्यों की निगरानी करें और जरूरतमंदों को त्वरित सहायता पहुंचाएं।
घटना स्थल पर अफरातफरी और दर्दनाक मंजर
हादसे के बाद का दृश्य बेहद भयावह था। बस और ट्रक दोनों पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। सड़कों पर गिट्टी और शीशे के टुकड़े बिखरे पड़े थे। मौके पर रोते-बिलखते परिजन और घायल यात्रियों की चीखें माहौल को और भी गमगीन बना रही थीं। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर ट्रैफिक को दूसरी दिशा में मोड़ दिया।
प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ। बस चालक संभवतः ओवरटेक करने की कोशिश में ट्रक से आमने-सामने टकरा गया। हालांकि, अभी जांच जारी है और सटीक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
प्रशासन ने शुरू की राहत राशि प्रक्रिया
राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। राहत राशि के वितरण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। साथ ही, घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिनिधि और मंत्री मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक और मंत्री मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बचाव अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए।
लोगों में गुस्सा और दुख का माहौल
इस हादसे ने स्थानीय लोगों और पूरे तेलंगाना राज्य में गहरी पीड़ा छोड़ दी है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही के बावजूद सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। क्षेत्र के नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि सड़क पर ट्रैफिक प्रबंधन और साइन बोर्ड की व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि इस तरह के हादसों को टाला जा सके।
तेलंगाना का यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा कितनी आवश्यक है। तेज रफ्तार, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हर साल सैकड़ों जिंदगियां छीन लेती है। प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि ऐसे हादसों से सबक लेकर सुरक्षा के उपायों को और सख्ती से लागू किया जाए, ताकि आने वाले समय में किसी परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।



















