AIN NEWS 1 | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के अररिया में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी महागठबंधन और लालू परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग बिहार में ‘जंगलराज’ लेकर आए थे, वही आज खुद को जनता का ‘माई-बाप’ और ‘शहंशाह’ समझते थे। मोदी ने कहा कि अब बिहार की जनता जाग चुकी है और ऐसे शासन को फिर से कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
पीएम मोदी ने गुरुवार (6 नवंबर) को जनसभा में कहा कि बिहार के लोग आज अपने भविष्य के लिए मतदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज बिहार को विकसित बनाने की दिशा में पहले चरण का वोट डाला जा रहा है। सोशल मीडिया पर बिहार के अलग-अलग हिस्सों से शानदार तस्वीरें सामने आ रही हैं। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी हैं। माताएं, बहनें और बेटियां बड़ी संख्या में अपने अधिकार का प्रयोग कर रही हैं। युवाओं में भी गजब का उत्साह दिखाई दे रहा है। मैं बिहार के हर मतदाता का अभिनंदन करता हूं।”
जंगलराज पर पीएम मोदी का हमला
प्रधानमंत्री ने लालू यादव के शासनकाल को बिहार के सबसे बुरे दौरों में से एक बताया। उन्होंने कहा, “आपके दादा-दादी, नाना-नानी के एक वोट ने बिहार को सामाजिक न्याय की भूमि बनाया था, लेकिन 90 के दशक में आरजेडी के शासन ने इस राज्य को अंधेरे में धकेल दिया। उस दौर को जंगलराज कहा गया, और इसका मतलब था – कट्टा, क्रूरता, कटुता, कु-संस्कार, करप्शन और कुशासन। यही उस शासन की पहचान बन गई थी। परिणामस्वरूप, आपके माता-पिता के सपने कुचल दिए गए और बिहार की छवि देशभर में खराब हुई।”
पीएम मोदी ने कहा कि जंगलराज के उस दौर ने न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बर्बाद किया, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों को भी खत्म कर दिया। उन्होंने कहा, “उस समय अपराधी और माफिया राज करते थे, जबकि आम नागरिक डर और असुरक्षा में जीने को मजबूर थे। सत्ता में बैठे लोग खुद को कानून से ऊपर समझते थे, और गरीब जनता की आवाज को दबा दिया जाता था।”
नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिश्रम से बिहार को जंगलराज से बाहर निकाला। उन्होंने कहा, “1990 से 2005 तक चले 15 सालों में बिहार विकास से कोसों दूर हो गया था। लेकिन एनडीए सरकार बनने के बाद नीतीश जी ने बहुत मेहनत की और राज्य को फिर से पटरी पर लाया। आज बिहार के गांव-गांव में सड़कें हैं, बिजली है, शिक्षा की सुविधाएं हैं और लोगों को रोज़गार के अवसर मिल रहे हैं।”
मोदी ने यह भी कहा कि 2014 के बाद जब केंद्र में एनडीए की सरकार बनी, तो ‘डबल इंजन सरकार’ के कारण बिहार के विकास की रफ्तार और तेज हुई। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बिहार में IIT, IIM, AIIMS, IIIT और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे बड़े संस्थान स्थापित किए, जिससे युवाओं को अब राज्य से बाहर पढ़ने जाने की जरूरत नहीं रही।
उन्होंने कहा, “पटना में IIT खुला, बोधगया में IIM, दरभंगा और पटना में AIIMS के प्रोजेक्ट तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। भागलपुर में IIIT और बिहार में चार सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्थापित की गई हैं। ये सारे कदम बिहार को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।”
जनता से अपील
पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि वे अपने वोट की ताकत को समझें। उन्होंने कहा, “आपका एक वोट बिहार की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है। जो लोग कभी खुद को शहंशाह समझते थे, अब वो जनता के फैसले से डर रहे हैं। बिहार के लोगों ने तय कर लिया है कि वो अब किसी भी हालत में भ्रष्टाचार और गुंडाराज को वापसी नहीं करने देंगे।”
उन्होंने कहा कि बिहार का नया युवा अब अवसर चाहता है, अंधकार नहीं। यह युवा पीढ़ी नौकरी, सुरक्षा और विकास चाहती है, न कि जात-पात और हिंसा की राजनीति। मोदी ने कहा कि जब केंद्र और राज्य दोनों की सरकारें साथ मिलकर काम करती हैं, तो उसका सीधा फायदा जनता को मिलता है।
विकास बनाम जंगलराज
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले के दौर में बिहार के लोग राज्य से बाहर पलायन करने को मजबूर थे। लेकिन अब शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में जो सुधार हुए हैं, उससे लोगों को अपने ही राज्य में अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बिहार की पहचान पिछड़ेपन से नहीं, बल्कि प्रगति से होगी।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “जंगलराज लाने वाले लोग खुद को बिहार का उद्धारक बताते हैं। पर सच यह है कि उन्होंने अपने शासनकाल में जनता को लूटा, डराया और बिहार की छवि को देशभर में खराब किया। अब बिहार की जनता उन्हें अच्छी तरह पहचान चुकी है।”
प्रधानमंत्री मोदी का यह भाषण न केवल महागठबंधन और लालू परिवार पर राजनीतिक प्रहार था, बल्कि यह बिहार के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार की जनता ने अब तय कर लिया है कि वह विकास, पारदर्शिता और स्थिरता चाहती है — न कि अराजकता और भ्रष्टाचार का पुराना दौर।


















