AIN NEWS 1: अमेरिका में भारतीय समुदाय से जुड़ी एक बेहद गंभीर घटना ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय मूल के एक ट्रक ड्राइवर द्वारा किए गए सड़क हादसे के बाद अब कैलिफोर्निया राज्य ने विदेशी नागरिकों के कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) पर सख्त कदम उठाते हुए हजारों लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया है। राज्य प्रशासन का कहना है कि ये लाइसेंस शुरू से ही वैध नहीं थे और इन्हें गलत दस्तावेज़ों के आधार पर जारी किया गया था।
हादसा बना टर्निंग पॉइंट
कुछ हफ्ते पहले अमेरिका में भारतीय मूल के एक अवैध ट्रक ड्राइवर द्वारा किया गया बड़ा दुर्घटना मामला सामने आया था। बताया गया कि ड्राइवर के पास लाइसेंस तो था, लेकिन वह वैध नहीं था। हादसे में भारी नुकसान हुआ और बाद में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस घटना ने अमेरिकी ट्रांसपोर्ट विभाग और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान विदेशी मूल के ड्राइवरों की ओर खींच लिया।
अधिकारियों ने पाया कि कई विदेशी नागरिक, विशेष रूप से दक्षिण-एशियाई पृष्ठभूमि वाले, स्थानीय लाइसेंसिंग प्रक्रिया को दरकिनार कर फर्जी या संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर CDL प्राप्त कर रहे थे। इसके बाद कैलिफोर्निया सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू की।
कैलिफोर्निया सरकार का बड़ा फैसला
कैलिफोर्निया के परिवहन विभाग ने घोषणा की कि हजारों विदेशी नागरिकों को जारी किए गए कमर्शियल लाइसेंस अब तत्काल प्रभाव से रद्द किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इन लाइसेंसों में बड़ी संख्या अवैध पाए गए हैं। यह कार्रवाई केवल एक घटना के कारण नहीं है, बल्कि महीनों से चल रही व्यापक जांच का परिणाम है।
राज्य सरकार का कहना है कि:
कई विदेशी ड्राइवरों ने गलत पते, फर्जी आईडी और अवैध रेसिडेंसी के आधार पर लाइसेंस लिया।
कुछ मामलों में प्रशिक्षण संस्थानों ने भी गलत दस्तावेज़ों के आधार पर लाइसेंस दिलवाए।
कई ड्राइवरों ने ड्राइविंग टेस्ट में भी फर्जीवाड़ा किया।
यह कदम स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती भी है, क्योंकि अमेरिका में ट्रकिंग इंडस्ट्री पहले से ही ड्राइवरों की भारी कमी से जूझ रही है।
भारतीय और भारतीय मूल के ड्राइवरों पर असर
इस फैसले का सबसे बड़ा असर भारतीय और भारतीय मूल के लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि बड़ी संख्या में दक्षिण एशियाई समुदाय के लोग ट्रकिंग सेक्टर में कार्यरत हैं। भारतीय मूल के ड्राइवरों ने बीते कुछ वर्षों में अमेरिका की ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री में बड़ा योगदान दिया है। लेकिन फर्जीवाड़े और नियमों की अनदेखी ने अब पूरी समुदाय को प्रभावित कर दिया है।
परिवहन विभाग के अनुसार, जिन लोगों के लाइसेंस रद्द हुए हैं, उन्हें पुनः वैध डॉक्यूमेंट के साथ आवेदन करना होगा। लेकिन अगर किसी के खिलाफ आपराधिक जांच चल रही है, तो उन्हें तुरंत ड्राइविंग से प्रतिबंधित किया जाएगा।
ड्राइवरों की समस्याएं और बढ़ते सवाल
कई विदेशी ड्राइवरों का कहना है कि असल समस्या सिस्टम में है, जहां लाइसेंस जारी करने वाली एजेंसियों पर पर्याप्त निगरानी नहीं होती। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि यह कार्रवाई अचानक और बिना चेतावनी के हुई, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ गई है।
भारतीय मूल के कुछ ड्राइवरों का कहना है:
उन्होंने वैध प्रक्रिया से लाइसेंस लिया था।
उन्हें पता ही नहीं था कि डॉक्यूमेंट में कोई समस्या है।
लाइसेंस रद्द होने से उनकी नौकरी चली गई है और भविष्य भी अनिश्चित है।
कैलिफोर्निया सरकार का पक्ष
राज्य सरकार का स्पष्ट कहना है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कमर्शियल ड्राइवर भारी और खतरनाक वाहनों को संभालते हैं, इसलिए सख्त नियम आवश्यक हैं। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि:
“यदि किसी विदेशी नागरिक ने वैध तरीके से दस्तावेज़ जमा किए हैं, तो उन्हें जांच में कोई समस्या नहीं होगी। समस्या केवल उन लोगों के साथ है जिन्होंने फर्जी जानकारी दी है।”
परिवहन उद्योग में बड़ा झटका
कैलिफोर्निया और अमेरिका का ट्रकिंग सेक्टर पहले ही ड्राइवरों की कमी से परेशान है। अनुमान है कि अमेरिका को लगभग 80,000 नए ट्रक ड्राइवरों की तत्काल जरूरत है। ऐसे समय में हजारों लाइसेंस रद्द होना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
कई ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने चिंता जताई है कि:
माल ढुलाई में देरी होगी
बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं
सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा
आगे क्या?
कैलिफोर्निया सरकार ने साफ किया है कि जांच आगे भी जारी रहेगी। यदि किसी अन्य राज्य में ऐसी शिकायत मिलती है, तो वहां भी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
भारत सरकार और भारतीय दूतावास भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। यदि भारतीय नागरिकों को कानूनी सहायता की जरूरत पड़ी, तो मदद उपलब्ध कराई जाएगी।



















