AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय का माहौल उस समय और भी प्रेरणादायक बन गया जब अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेटर और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सुश्री दीप्ति शर्मा का विशेष सम्मान किया गया। यह क्षण न केवल दीप्ति के लिए, बल्कि पूरे यूपी पुलिस परिवार के लिए गर्व और उत्साह से भरा रहा।

सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण ने दीप्ति के उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन और उनकी अनुशासित कार्यशैली की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दीप्ति सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का नाम रोशन नहीं कर रहीं, बल्कि पुलिस सेवा में भी वे अपनी प्रतिबद्धता और मूल्यों का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दीप्ति जैसे खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर प्रदेश की लाखों बेटियाँ अपने सपनों को नई दिशा दे सकती हैं।
समारोह के दौरान पूरा सभागार तब और ऊर्जावान हो उठा जब आईजी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने दीप्ति के जीवन और करियर की प्रेरक यात्रा को विस्तार से साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे कानपुर की एक साधारण लड़की ने लगातार मेहनत, धैर्य और दृढ़ निश्चय के दम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी मजबूत जगह बनाई।
उन्होंने दीप्ति के प्रारंभिक दिनों की चुनौतियों, घरेलू क्रिकेट में संघर्ष भरे सफर, निर्णायक अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके प्रदर्शन और टीम इंडिया की महत्वपूर्ण जीतों में निभाई गई उनकी भूमिका का भावपूर्ण विवरण दिया। उनके शब्दों ने न सिर्फ खिलाड़ियों में बल्कि मौजूद पुलिस अधिकारियों में भी नया उत्साह भर दिया।
दीप्ति ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों के लिए बनाई गई स्पोर्ट्स कोटा नीति और खेल-प्रोत्साहन योजनाओं ने उनके करियर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि इस नीति की वजह से उन्हें न केवल खेल में आगे बढ़ने का अवसर मिला, बल्कि वर्दी पहनकर प्रदेश की सेवा करने का सम्मान भी प्राप्त हुआ।
दीप्ति ने बड़ी सहजता से बताया कि पुलिस सेवा और खेल दोनों में अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच ही सफलता का आधार है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे कठिनाइयों से घबराएं नहीं, बल्कि लगातार मेहनत करते रहें, क्योंकि हर संघर्ष भविष्य की सफलता का बीज होता है।
समारोह का सबसे भावुक और यादगार पल तब आया, जब पुलिस मॉडर्न स्कूल के बच्चों ने मंच पर आकर दीप्ति शर्मा से सीधे सवाल पूछे। बच्चों की उत्सुकता और दीप्ति के स्नेहपूर्ण जवाबों ने पूरा माहौल गर्मजोशी से भर दिया।
एक बच्चे ने पूछा—“दीदी, क्या आपको मैच के दौरान कभी डर लगता है?”
दीप्ति ने मुस्कुराकर जवाब दिया—“डर तो हर खिलाड़ी को लगता है, लेकिन मेहनत और आत्मविश्वास उस डर को जीत में बदल देते हैं।”
उनके इन सादे लेकिन गहरे जवाबों ने बच्चों के चेहरों पर चमक ला दी। ऐसा लगा मानो एक विश्व चैंपियन सिर्फ अपना अनुभव नहीं बाँट रही थीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को अपने सपनों के लिए बेझिझक आगे बढ़ने का साहस भी दे रही थीं।
दीप्ति ने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी को खेल को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि खेल केवल फिटनेस नहीं, बल्कि टीमवर्क, नेतृत्व और अनुशासन जैसी जीवन की महत्वपूर्ण सीख भी देता है।
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधिकारियों ने दीप्ति को स्मृति-चिह्न भेंट किया और उनकी भविष्य की उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएँ दीं। पूरी सभा ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका सम्मान किया।
इस तरह यह समारोह न केवल एक खिलाड़ी के सम्मान का अवसर बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि जब खेल और सेवा का समन्वय होता है, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है। दीप्ति शर्मा की यात्रा आज करोड़ों बेटियों को यह भरोसा देती है कि सपने चाहे कितने बड़े क्यों न हों, उन्हें पूरा करने का रास्ता हमेशा मेहनत, संयम और विश्वास से होकर जाता है।
Deepti Sharma, an international cricket star and currently serving as DSP in the UP Police, was honoured for her excellence in sports and public service. Her inspiring journey, exceptional achievements with BCCI Women, and her impactful interaction with school children highlight the importance of women empowerment, sports promotion in Uttar Pradesh, and government support through the sports quota policy. This article covers the ceremony, her contributions, and the motivation she shared with the next generation.




















