AIN NEWS 1: मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार सख़्त कदम उठा रही है। इसी अभियान का एक सशक्त उदाहरण चंदौली जिले से सामने आया है, जहां पुलिस और अभियोजन विभाग के संयुक्त प्रयासों ने एक गंभीर मामले में न्यायालय से कठोर सज़ा दिलाई है।

ऑपरेशन कनविक्शन का असर दिखा
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन कनविक्शन अपराधियों को जल्द से जल्द सज़ा दिलाने, न्याय प्रक्रिया को गति देने और पीड़ितों को न्याय उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। इसके तहत विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि समाज में कानून का डर बने और ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
चंदौली पुलिस ने इसी अभियान के तहत पॉक्सो एक्ट के एक संवेदनशील मामले में मजबूत जांच की, साक्ष्यों को सुरक्षित रखा और अभियोजन पक्ष को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अदालत में मजबूती से पेश किया।
मामले की जांच और अदालत की कार्यवाही
अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस ने समय गंवाए बिना FIR दर्ज की और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करते हुए पूरे मामले की बारीकियों से जांच शुरू की। मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान, वैज्ञानिक जांच और टेक्निकल सबूतों के आधार पर पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ एक मजबूत चार्जशीट तैयार की।
अभियोजन विभाग ने अदालत में तथ्यात्मक और कानून आधारित दलीलें रखीं। उन्हीं ठोस सबूतों के कारण माननीय न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास और ₹30,000 के अर्थदंड की सज़ा सुनाई।
यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाता है, बल्कि उन सभी अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश भी देता है जो बच्चों के खिलाफ अपराध करने की सोच रखते हैं।
मिशन शक्ति 5.0 के उद्देश्य को मिली मजबूती
सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने का उद्देश्य रखता है। यह मामला इस मिशन की सफलता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
चंदौली पुलिस ने अपनी तत्परता, संवेदनशीलता और पेशेवर तरीके से काम करते हुए साबित कर दिया कि कानून के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर आरोपी को उसके अपराध के अनुसार सज़ा दी जाएगी और हर पीड़ित को न्याय मिलेगा।
साक्ष्य आधारित जांच क्यों है महत्वपूर्ण?
आज की डिजिटल दुनिया में अपराधों के स्वरूप लगातार बदल रहे हैं। इसलिए पुलिस की जांच पद्धति में वैज्ञानिक उपकरणों की भूमिका और भी महत्त्वपूर्ण हो जाती है। इस केस में भी पुलिस ने सभी साक्ष्यों को सही तरीके से कोर्ट में प्रस्तुत किया, जिससे अभियोजन पक्ष की दलीलें मजबूत हुईं।
साक्ष्यों का संरक्षण, गवाहों को सुरक्षित रखना, समय पर चार्जशीट दाखिल करना और कोर्ट की प्रक्रिया को सुगम बनाना—ये सभी कदम अपराधियों को सज़ा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पीड़ित परिवार को बना सहारा
मामले के दौरान पुलिस और प्रशासन ने पीड़ित परिवार को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई, जिससे वे न्याय की लड़ाई में मजबूत बने रहें। यह मिशन शक्ति का एक मूल उद्देश्य भी है—पीड़ितों को मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और कानूनी रूप से मजबूत करना।
यूपी पुलिस की छवि और भरोसा मजबूत हुआ
ऐसे कठोर फैसलों और सशक्त कार्यवाही से जनता का भरोसा पुलिस और न्याय व्यवस्था पर और मजबूत होता है। इससे समाज में संदेश जाता है कि अपराध चाहे कितना भी गंभीर हो, कानून की पकड़ से कोई नहीं बच सकता।
उत्तर प्रदेश पुलिस का लगातार बढ़ता कनविक्शन रेट राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर नियंत्रण के प्रयासों का प्रमाण है।
चंदौली पुलिस और अभियोजन विभाग की इस संयुक्त सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मिशन शक्ति 5.0 और ऑपरेशन कनविक्शन जैसे अभियानों का असर जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अपराधियों को कठोर सज़ा दिलाकर न केवल पीड़ित को न्याय मिला, बल्कि समाज में कानून का डर भी स्थापित हुआ है।
यह फैसला बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए चेतावनी है कि कानून ऐसे अपराधों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
Under Operation Conviction and Mission Shakti 5.0, the Chandauli Police achieved a major breakthrough by securing a 20-year imprisonment under the POCSO Act, along with a monetary fine for the accused. This strong conviction reflects the Uttar Pradesh Police’s commitment to crime prevention, fast investigation, evidence-based policing, and justice for victims. The case strengthens public trust in the judicial system and highlights the state’s rising conviction rate in crimes against women and children.


















