AIN NEWS 1: दुनिया भर में वैज्ञानिक लगातार इस कोशिश में लगे हैं कि इंसान स्वस्थ और लंबी जिंदगी जी सके। इसी दिशा में चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा दावा किया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। चीन की शेनझेन स्थित बायोटेक कंपनी लॉनवी बायोसाइंसेज (Longev BioSciences) एक ऐसी एंटी-एजिंग गोली पर काम कर रही है, जिसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मानव जीवन को बढ़ाने में क्रांतिकारी साबित हो सकती है। दावा किया जा रहा है कि भविष्य में यह गोली इंसान की उम्र को 150 साल तक बढ़ाने में मदद कर सकती है।

यह शोध एक ऐसे प्राकृतिक तत्व पर आधारित है जो अंगूर के बीज (Grape Seed Extract) में पाया जाता है। यह तत्व शरीर में मौजूद senescent cells यानी “बूढ़ी और कमजोर कोशिकाओं” पर असर करता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, उम्र बढ़ने पर ये कोशिकाएँ शरीर में जमा हो जाती हैं और बीमारियों तथा कमजोरी का कारण बनती हैं। इन्हें हटाना या कम करना शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर करता है और उम्र बढ़ने की गति को धीमा करता है।
दवा कैसे काम करेगी?
कंपनी ने बताया कि यह गोली शरीर में मौजूद उन कोशिकाओं को पहचानकर खत्म करेगी जो अब सक्रिय नहीं हैं और सिर्फ शरीर पर बोझ बढ़ाती हैं। ऐसा करने से दो बड़े फायदे मिलते हैं—
1. बुढ़ापा धीमा होता है
2. स्वस्थ और सक्रिय कोशिकाओं को सुरक्षा मिलती है
इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में सेनोलिटिक्स (Senolytics) कहा जाता है। यह तकनीक पिछले कई वर्षों से वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय रही है, लेकिन अब पहली बार इसे एक संभावित दवा के रूप में विकसित किया जा रहा है।
चूहों पर ट्रायल में 9% तक आयु बढ़ी
कंपनी के अनुसार, इस एंटी-एजिंग गोली का शुरुआती परीक्षण चूहों पर किया गया है। इन परीक्षणों में पाया गया कि दवा लेने वाले चूहों की औसत उम्र लगभग 9% बढ़ गई। साथ ही उनमें अधिक ऊर्जा, बेहतर इम्यूनिटी और अंगों के बेहतर काम करने जैसे सकारात्मक परिणाम देखे गए।
हालांकि वैज्ञानिक भी मानते हैं कि चूहों पर असर दिखना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह इंसानों पर वैसा ही असर करेगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता। इसलिए इंसानों पर परीक्षण बेहद जरूरी हैं।
विशेषज्ञों की राय – “मानव ट्रायल जरूरी”
कई विशेषज्ञों ने इस शोध का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने कुछ सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि—
मनुष्य का शरीर चूहों से काफी अलग है
उम्र बढ़ाने वाले किसी भी प्रयोग में लंबे समय की सुरक्षा जांच जरूरी होती है
दवा मानव शरीर पर क्या दुष्प्रभाव डाल सकती है, यह अभी स्पष्ट नहीं है
विशेषज्ञों का मानना है कि एंटी-एजिंग अनुसंधान निश्चित रूप से मानव भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे सावधानी से आगे बढ़ाना होगा।
क्या वाकई इंसान 150 साल जी सकेगा?
यह सवाल अभी भी वैज्ञानिकों और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दावा भविष्य की संभावनाओं पर आधारित है, न कि कोई गारंटी।
लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि—
यदि यह शोध सफल रहा,
मानव परीक्षण सुरक्षित रहे,
और दवा लंबे समय तक असर दिखाती रही,
तो यह दुनिया में उम्र बढ़ाने के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक खोज साबित हो सकती है।
आज दुनिया में लोग बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण पहले से ज्यादा उम्र तक जी रहे हैं। यदि ऐसी दवाएं सफल हो जाती हैं, तो उम्र बढ़ना सिर्फ एक प्राकृतिक प्रक्रिया ना होकर एक नियंत्रित प्रक्रिया बन सकती है। यानी इंसान न केवल ज्यादा वर्षों तक जी सकेगा, बल्कि अपनी वृद्धावस्था भी स्वस्थ और सक्रिय रूप से गुजार सकेगा।
अभी दवा कहाँ तक पहुँची है?
शोध लैब स्तर पर चल रहा है
चूहों पर प्रारंभिक परीक्षण पूरे
इंसानों पर ट्रायल शुरू करने की तैयारी
आने वाले वर्षों में क्लिनिकल स्टडीज़ शुरू होंगी
कंपनी का मानना है कि इस दवा में वह क्षमता है जो भविष्य में मेडिकल साइंस की दिशा ही बदल दे। लेकिन विशेषज्ञों का साफ कहना है कि अभी लंबा सफर बाकी है।
चीन की यह नई एंटी-एजिंग दवा दुनिया के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। अंगूर के बीज से निकला यह प्राकृतिक तत्व वैज्ञानिकों को उम्र बढ़ने की प्रक्रिया समझने और उसे रोकने के नए रास्ते दिखा रहा है। चूहों पर किए गए ट्रायल उत्साहजनक हैं, लेकिन मानव परीक्षण आने वाले वर्षों में इसका वास्तविक भविष्य तय करेंगे।
भविष्य में यह दवा इंसान को 150 साल तक जीने में मदद करेगी या नहीं—यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना जरूर है कि उम्र बढ़ने के खिलाफ यह दुनिया की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी खोजों में से एक है।
Scientists in China are developing an innovative anti-aging pill that uses a natural compound from grape seed extract to potentially extend the human lifespan up to 150 years. The drug aims to eliminate senescent cells, improve cellular health, and slow aging. Early research from a leading Chinese biotech company has shown a 9% increase in lifespan in mice, highlighting promising results. As global interest in longevity research, aging science, and lifespan extension technologies continues to grow, experts believe that upcoming human trials will be crucial in determining the pill’s true effectiveness and safety.


















