AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ज़िले में राजनीतिक हलचल तब तेज़ हो गई जब पूर्व नगर पालिका चेयरमैन फिरोज़ पप्पू के भाई अफरोज़ आलम ने रमीज़ नेमत पर गंभीर आरोप लगाए। अफरोज़ का कहना है कि जो व्यक्ति उनके भाई की हत्या के मामले में जेल जा चुका है, वही अब लालू यादव के परिवार में फूट डालने की कोशिश कर रहा है।

अफरोज़ का दर्द यह है कि जैसे वह अपने परिवार के बिखरने का दुख सालों से झेल रहे हैं, ठीक वैसा ही दर्द आज लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य झेल रही हैं।
भाई की हत्या का आरोप और अफरोज़ का दर्द
अफरोज़ आलम बताते हैं कि 4 जनवरी 2022 का दिन उनकी ज़िंदगी का सबसे काला दिन था। उनके भाई और पूर्व चेयरमैन फिरोज़ पप्पू की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में जिस नाम ने सबसे ज़्यादा सुर्खियाँ बटोरीं—वह था रमीज़ नेमत। अफरोज़ कहते हैं:
“जिसने मेरा घर उजाड़ा, आज वही लालू जी का परिवार तोड़ने में लगा है।”
वे बताते हैं कि रमीज़ इस हत्या मामले में गिरफ्तार हुआ था और इस समय जमानत पर बाहर है।
अफरोज़ के अनुसार, 20 नवंबर को इस हत्या केस में एक बड़ा कोर्ट फैसला आने वाला है। उनके भाई की पत्नी कहकशां फिरोज़ फिलहाल तुलसीपुर नगर पंचायत की चेयरमैन हैं।
लालू परिवार की खामोशी और भीतर की कड़वाहट
हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद लालू परिवार में तनाव खुलकर सामने आने लगा है।
इस तनाव को और हवा तब मिली जब लालू यादव की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया कि तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज़ नेमत उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
अफरोज़ आलम का कहना है कि जिस दर्द को रोहिणी आज महसूस कर रही हैं, वह दर्द वह वर्षों से झेल रहे हैं।
अफरोज़ बोले:
“हम रोहिणी की तकलीफ समझ सकते हैं। कोई भी बेटी जब घर छोड़ने को मजबूर होती है, तो अंदर कितना दर्द होता है, इसे वही जानता है जिसने वह झेला हो।”
रोहिणी आचार्य ने दिए बहुत गंभीर आरोप
कुछ दिन पहले रोहिणी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि वह राजनीति और परिवार दोनों से दूरी बना रही हैं क्योंकि उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि न सिर्फ गाली-गलौज हुई, बल्कि चप्पल उठाकर भी धमकाया गया।
उनका दावा है कि मजबूरी में उन्हें अपने माता-पिता और बहनों को रोते हुए छोड़कर घर छोड़ना पड़ा।
अगले दिन उन्होंने स्पष्ट किया कि मातापिता और बहनों से उनका कोई विवाद नहीं है। उनके मुताबिक:
“समस्या मेरे भाई के व्यवहार से है। बेटी हमेशा क्यों समझौता करे? बेटी को सवाल पूछने पर दोषी क्यों ठहराया जाता है?”
तेजस्वी यादव पर भी सीधा निशाना
अफरोज़ आलम ने सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि एक ऐसे व्यक्ति पर भरोसा कैसे किया जा सकता है जो हत्या और गंभीर मामलों में आरोपी रह चुका है?
उन्होंने आरोप लगाया:
“तेजस्वी यादव ऐसे आदमी को हेलिकॉप्टर में अपने साथ रखते हैं जिस पर मेरे भाई की हत्या का आरोप है। ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण देना ही जंगलराज को जन्म देता है।”
उनके अनुसार, रमीज़ ने पहले उनके परिवार को तोड़ दिया और अब लालू यादव का परिवार भी बिखर रहा है।
रमीज़ नेमत कौन है? पूरा बैकग्राउंड
1. पारिवारिक पृष्ठभूमि और पढ़ाई
रमीज़ नेमत का जन्म 14 नवंबर 1986 को बलरामपुर के भंगहा कलां गांव में हुआ।
उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल और जामिया मिलिया इस्लामिया से शिक्षा हासिल की।
रमीज़ ने राजनीति विज्ञान और मैनेजमेंट में पढ़ाई की और इसके बाद चुनावी रणनीति और डिजिटल मैनेजमेंट में सक्रिय हो गए।
2. राजनीतिक रसूख वाला परिवार
उनके पिता और पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर दूर के रिश्ते में चचेरे भाई हैं।
इसी रिश्ते के कारण रमीज़ की शादी रिज़वान ज़हीर की बेटी जेबा रिज़वान से हुई।
शादी के बाद रमीज़ पूर्व सांसद के घर रहने लगे और राजनीति में उनका दखल बढ़ता गया।
जेबा रिज़वान खुद भी दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं।
3. तेजस्वी के करीब—यही है विवाद की जड़
रमीज़ नेमत लंबे समय से तेजस्वी यादव के बेहद करीबी और भरोसेमंद रणनीतिकार माने जाते हैं।
चुनावी टीम में उनका प्रभाव इतना बढ़ गया कि लालू परिवार के अंदर भी यह चर्चा होने लगी कि तेजस्वी उन पर ज़रूरत से ज्यादा भरोसा करते हैं।
यही निकटता आज पूरे बिहार की राजनीति में विवाद का सबसे बड़ा कारण बन गई है।
गंभीर मुकदमों में रहा है नाम
रमीज़ नेमत का नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है:
2021 पंचायत चुनाव मामले में बरी
2022 में फिरोज़ पप्पू की हत्या में नाम
उन्हीं पर एनएसए और गैंगस्टर एक्ट लगा
कौशांबी के कोखराज थाने में भी हत्या का केस
कुल 11 गंभीर केस दर्ज बताए जाते हैं
वे अप्रैल 2025 में जमानत पर बाहर आए।
4.75 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क
मार्च 2023 में प्रशासन ने उनकी लगभग 4.75 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली।
आरोप था कि जमीन अवैध आय से खरीदी गई थी।
यह जमीन पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर ने अपने दामाद रमीज़ के नाम खरीदी थी।
अफरोज़ आलम की मांग
अफरोज़ का कहना है:
“अगर तेजस्वी यादव ने ऐसे लोगों को अपनी टीम से बाहर नहीं किया, तो पूरी पार्टी टूट जाएगी।”
उनके मुताबिक, बिहार की राजनीति जिस मोड़ पर खड़ी है, वहां अपराधियों को संरक्षण देना जनता के विश्वास को तोड़ने जैसा है।
This detailed report on Ramiz Nemat, Afroz Alam, Lalu Yadav family controversy, Tejashwi Yadav’s political crisis, Rohini Acharya allegations, and Bihar politics tension helps readers understand the deepening rift within the RJD leadership. With insights into Ramiz Nemat’s background, criminal cases, political connections, and Afroz Alam’s accusations, this article highlights how internal conflicts are reshaping Bihar’s political landscape.


















