AIN NEWS 1: कानपुर देहात में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) की टीम ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस के एक आरक्षी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई न केवल पुलिस विभाग की आंतरिक निगरानी का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यूपी पुलिस भ्रष्टाचार के प्रति अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को कितनी गंभीरता से लागू कर रही है।

मामला क्या है?
जानकारी के अनुसार, कानपुर इकाई की टीम को शिकायत मिली थी कि एक आरक्षी क्षेत्र में एक होटल संचालक से होटल का संचालन सुचारू रूप से चलाने के नाम पर नाजायज़ धन की मांग कर रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरक्षी ने 6,000 रुपये की रिश्वत मांगी, तभी इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन को भेजी गई।
संगठन ने शिकायत की पुष्टि की और इसके बाद आरक्षी को ट्रैप करने की योजना बनाई। तय समय और स्थान पर जैसे ही आरक्षी ने 6,000 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
एसीओ की त्वरित कार्रवाई
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को बेहद सटीक तरीके से अंजाम दिया। टीम पहले शिकायतकर्ता से मिली, फिर वास्तविकता की जांच की। इसके बाद ट्रैप की पूरी तैयारी कर आरक्षी को उसी समय पकड़ लिया जब वह रिश्वत स्वीकार कर रहा था।
यह कार्रवाई बताती है कि विभाग के भीतर मौजूद भ्रष्ट तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
होटल संचालक पर दबाव बनाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, आरक्षी कथित रूप से होटल संचालक पर अलग-अलग तरीकों से दबाव बनाकर पैसे की मांग कर रहा था। उसका कहना था कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो होटल के संचालन में अड़चनें पैदा की जाएंगी। जब बात लगातार बढ़ने लगी तो होटल मालिक ने हिम्मत दिखाते हुए मामले की जानकारी एसीओ को दी।
यह कदम न केवल साहसिक था, बल्कि इसने भ्रष्टाचार को सामने लाने में एक बड़ा योगदान दिया।
हेल्पलाइन पर शिकायत का महत्व
भ्रष्टाचार निवारण संगठन यूपी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी विभाग में रिश्वत मांगने जैसी कोई घटना दिखे या अनुभव हो, तो तुरंत इसकी जानकारी एसीओ को दें।
इसके लिए विभाग ने निम्न माध्यम उपलब्ध कराए हैं:
📱 हेल्पलाइन: 9454402484
✉️ ईमेल: aco@nic.in
ऐसी शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया जाता है और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर
यूपी पुलिस और भ्रष्टाचार निवारण संगठन दोनों ने एक बार फिर दोहराया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई रियायत नहीं दी जाएगी। छोटे स्तर के मामलों से लेकर बड़े स्तर के मामलों तक, हर शिकायत पर गंभीरता से काम करने का आश्वासन दिया गया है।
यह भी कहा गया कि पुलिस जैसी महत्वपूर्ण संस्था में साफ-सुथरा और पारदर्शी कामकाज जनता का विश्वास बढ़ाता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई इस दिशा में बड़ा कदम है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की और कई लोगों ने एसीओ टीम की सराहना की। उनका कहना है कि जब भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई खुलकर होती है तो आम जनता को न्याय की उम्मीद बढ़ जाती है।
होटल संचालक ने भी कहा कि उसने डर के बावजूद शिकायत की और उसे खुशी है कि विभाग ने उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया।
कार्रवाई के बाद अगला कदम
आरक्षी को गिरफ्तार करने के बाद उसके खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे विभागीय जांच भी की जाएगी और यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पुलिस बल की छवि को बेहतर बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
In a major anti-corruption action, a UP Police constable in Kanpur Dehat was arrested while accepting a Rs 6,000 bribe during a trap laid by the Anti-Corruption Organization (ACO). The operation highlights the strong zero-tolerance policy of the department against corruption. Citizens are encouraged to report any corruption cases directly to the ACO helpline at 9454402484 or email aco@nic.in to support clean and transparent policing in Uttar Pradesh.


















