AIN NEWS 1: भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है, जब हर नागरिक का वोट सही ढंग से दर्ज हो और मतदाता सूची पूरी तरह से सटीक हो। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में खुद अपना गणना प्रपत्र (फॉर्म) भरकर एक महत्वपूर्ण संदेश देने की कोशिश की है — “सत्यापित मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की नींव हैं।”

सीएम योगी का यह कदम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मतदाता जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर नागरिक SIR फॉर्म भरकर अपनी जानकारी को सत्यापित करे, ताकि आने वाले चुनाव पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न हो सकें।
SIR फॉर्म क्यों ज़रूरी है?
विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट रखना है। समय के साथ लोगों के पते बदलते हैं, नए मतदाता 18 वर्ष की आयु पूरी करते हैं और कई बार पुराने नाम गलती से सूची में रह जाते हैं। यदि इन बदलावों को ठीक समय पर ठीक न किया जाए, तो चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
SIR फॉर्म भरने से:
आपका नाम सही पते के साथ मतदाता सूची में दर्ज होता है।
उम्र, पता, परिवार के सदस्यों के नाम और अन्य विवरण सटीक रहते हैं।
नए मतदाताओं को वोट देने का अवसर मिलता है।
एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज होने की समस्या दूर होती है।
फर्जी नाम हटते हैं और मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय बनती है।
सीएम योगी ने इसी बात पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने मत पंजीकरण को सही रखे, क्योंकि यही लोकतंत्र की असली शक्ति है।
सीएम योगी आदित्यनाथ का संदेश
गोरखपुर में SIR फॉर्म भरते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर नागरिक को विशेष पुनरीक्षण अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सत्यापित मतदाता सूची ही चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाती है।
उन्होंने आगे कहा:
मतदाता सूची में सुधार एक सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह केवल सरकार या चुनाव आयोग का काम नहीं, बल्कि जनता का भी कर्तव्य है।
भारत का लोकतंत्र दुनिया में सबसे मजबूत तब होगा, जब हर नागरिक अपने वोट को लेकर जागरूक होगा।
उनकी यह अपील सोशल मीडिया पर भी काफी साझा की जा रही है, जहां लोग जागरूकता के लिए दूसरों को फॉर्म भरने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
मतदाता सत्यापन का लोकतंत्र पर प्रभाव
सत्यापित मतदाता सूची का महत्व केवल मतदान तक सीमित नहीं है। यह पूरे प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित करती है।
✔ निष्पक्ष चुनाव
यदि मतदाता सूची सटीक होती है, तो किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है।
✔ सभी को बराबर अवसर
हर पात्र नागरिक को वोट देने का अधिकार मिलता है।
✔ फर्जी वोटों पर रोक
डुप्लीकेट और गलत प्रविष्टियां हटने से चुनाव अधिक पारदर्शी बनते हैं।
✔ युवाओं की भागीदारी
18 वर्ष के नए मतदाताओं का नाम जुड़ने से लोकतंत्र में नई ऊर्जा आती है।
हर नागरिक की जिम्मेदारी
आज के समय में जब लोकतंत्र को मजबूत बनाने की बात की जाती है, तो अक्सर कानून, नीतियों और चुनाव प्रबंधन की चर्चा होती है। लेकिन असल में, लोकतंत्र की शुरुआत नागरिक के अपने कर्तव्य से होती है।
हर व्यक्ति को:
अपना वोटर आईडी अपडेट रखना चाहिए
बदलाव होने पर तुरंत जानकारी देनी चाहिए
परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए
सीएम योगी का संदेश इसी जिम्मेदारी को याद करवाता है।
SIR फॉर्म कैसे भरें?
नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से फॉर्म प्राप्त करें
ऑनलाइन भी इसे भरा जा सकता है
आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें
विवरण ध्यान से भरें
जमा करने के बाद रसीद प्राप्त करें
यह पूरी प्रक्रिया केवल कुछ मिनटों में पूरी हो जाती है, लेकिन इसका लाभ देश को लंबे समय तक मिलता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का SIR फॉर्म भरकर जागरूकता का संदेश देना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हमें याद दिलाता है कि लोकतंत्र केवल चुनावों के दिनों में नहीं, बल्कि हर दिन मजबूत होता है।
और यह मजबूती तब आती है, जब नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होते हैं, खासकर अपने मतदाता पंजीकरण को लेकर।
सत्यापित मतदाता सूची एक मजबूत और पारदर्शी लोकतंत्र की रीढ़ है — और इसे सशक्त बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
A verified voter list plays a crucial role in ensuring transparent and fair elections in India. As highlighted by Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath, filling the Special Intensive Revision (SIR) form helps maintain accurate voter records, prevents duplicate entries, and strengthens the democratic process. Verified voter data, updated addresses, and new voter registrations collectively improve election transparency and empower citizens to participate responsibly in India’s democratic framework.


















