AIN NEWS 1: फरीदाबाद में रहने वाले एक युवक के लिए इंटरनेट पर कॉलगर्ल का नंबर सर्च करना बेहद भारी पड़ गया। जिस चीज़ को वह सिर्फ मनोरंजन के तौर पर देख रहा था, वह कुछ ही घंटों में एक बड़े साइबर फ्रॉड में बदल गई। ऑनलाइन मिले एक नंबर पर बात करना युवक के लिए ऐसा जाल साबित हुआ कि उसने अपनी मेहनत की बचत से कुल ₹2.3 लाख ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। अब युवक ने हिम्मत जुटाकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी है और मामला दर्ज हो चुका है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
पीड़ित युवक—जिसकी पहचान सुरक्षा कारणों से उजागर नहीं की गई है—ने बताया कि उसने गूगल पर “Call Girl Number Near Me” सर्च किया था। सर्च रिज़ल्ट्स में आए कुछ नंबर उसे असली लगे, इसलिए उसने फोन कर दिया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को एक “सर्विस प्रोवाइडर” बताया और भरोसा दिलाया कि उनकी सर्विस पूरी तरह सुरक्षित और प्राइवेट होती है।
यहीं से ठगी की कहानी शुरू हो गई।
‘सर्विस चार्ज’ के नाम पर पहली ठगी
फोन पर बात करते हुए ठग ने युवक से कहा कि सर्विस बुक करने के लिए पहले ₹5,000 का सर्विस चार्ज जमा कराना होगा। युवक को यह रकम ज्यादा नहीं लगी और उसने तुरंत भुगतान कर दिया।
जैसे ही पैसा ट्रांसफर हुआ, सामने से एक और मेसेज आया।
‘होटल एंट्री फीस’ का बहाना
ठग ने बताया कि “कॉलगर्ल होटल में आपका इंतजार कर रही है। होटल की एंट्री फीस और रूम चार्ज आपके नाम से जमा कराने होंगे।”
इस बार रकम थोड़ी ज्यादा थी—लगभग ₹15,000। युवक को शक हुआ, लेकिन ठग की बातों और झूठे स्क्रीनशॉट्स के कारण उसने यह पैसा भी भेज दिया।
‘पुलिस वेरिफिकेशन’ का नया फंदा
होटल फीस भरने के बाद भी जब सर्विस शुरू नहीं हुई तो ठगों ने नया नाटक किया। उन्होंने युवक को बताया कि “पुलिस की नई गाइडलाइन के तहत ऐसी सर्विस के लिए एडवांस पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी होता है।”
उन्होंने एक फर्जी आईडी कार्ड, फर्जी सर्टिफिकेट और यहां तक कि ‘पुलिस विभाग’ की मुहर लगे हुए नकली डॉक्यूमेंट भी भेजे।
इस पर युवक ने बेवकूफी में ₹30,000 और भेज दिए।
‘सिक्योरिटी डिपॉजिट’, ‘कैमरा ब्लॉकिंग फी’, ‘डॉक्यूमेंट रिलीज चार्ज’…
इसके बाद जैसे ठगों को लूटने का पूरा मौका मिल गया। हर कुछ मिनट में युवक को नए-नए बहाने बताए जाते—
“सिक्योरिटी डिपॉजिट जरूरी है”
“होटल कैमरा बंद कराने की फीस लगेगी”
“आपके KYC में गलती है, री-अप्रूवल चार्ज लगेगा”
“पुलिस वेरिफिकेशन में दिक्कत आई है, पेनल्टी जमा करनी होगी”
युवक ने समय-समय पर छोटे-बड़े ट्रांजैक्शन किए और बिना समझे ही कुल ₹2.3 लाख ट्रांसफर कर दिए।
जब युवक को ठगी का अहसास हुआ
लगातार पैसे भेजने के बाद भी सर्विस नहीं मिलने पर युवक को आखिरकार शक होने लगा। उसने ठगों से रिफंड मांगा, जिस पर उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया।
ठगों ने कहा कि “अगर नियमों का पालन नहीं किया तो पुलिस आपको गिरफ्तार कर सकती है।”
डरा हुआ युवक अब समझ गया कि वह साइबर जाल में फंस चुका है। कई धमकी भरे कॉल और मेसेज आने के बाद उसने यह मामला पुलिस को बताने का फैसला किया।
युवक ने दर्ज कराई FIR
पीड़ित ने फरीदाबाद साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी टीम सभी ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है और उन नंबरों को ट्रैक कर रही है जिनका इस्तेमाल ठगी में किया गया था।
साइबर पुलिस की चेतावनी
फरीदाबाद पुलिस ने इस घटना पर गंभीरता जताते हुए लोगों को महत्वपूर्ण सलाह दी है—
1. इंटरनेट पर किसी भी अवैध सेवा की तलाश न करें।
2. गूगल पर दिखने वाले नंबर 90% फेक हो सकते हैं।
3. कभी भी किसी अनजान लिंक, नंबर या पेमेंट रिक्वेस्ट पर भरोसा न करें।
4. कोई भी सरकारी विभाग एडवांस वेरिफिकेशन फीस नहीं लेता।
5. ऐसी घटनाएं साइबर क्राइम की सबसे बड़ी श्रेणी—“Sextortion” और “Online Fraud”—में आती हैं।
जागरूक बनें, सुरक्षित रहें
यह घटना केवल एक युवक की कहानी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और इंटरनेट पर बढ़ती ठगी का खतरनाक संकेत है। अपराधी लोगों की निजी कमजोरियों और हिचकिचाहट का फायदा उठाते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और किसी भी ऐसी ऑनलाइन सर्विस से दूर रहें जो अवैध, संदिग्ध या अनधिकृत लगती हो।
A Faridabad man lost ₹2.3 lakh in a shocking cyber fraud after he searched for a call girl number on Google. The scammers manipulated him with fake service charges, hotel entry fees, police verification fees, and multiple security deposits. This incident highlights the increasing threat of online scams, sextortion attempts, and Google search fraud, urging users to stay alert while browsing online services. Cyber experts emphasize the importance of avoiding suspicious numbers and reporting such digital fraud cases immediately.


















