अल-फलाह यूनिवर्सिटी से NIA को बड़े सबूत मिले, डॉ. शाहीन के उर्दू दस्तावेज़ों से खुला नया हवाला और जासूसी एंगल!

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AIN NEWS 1: दिल्ली के चर्चित लाल किला ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और अहम कदम उठाते हुए हरियाणा स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कैंपस में बड़ी तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी को ऐसे दस्तावेज़ और सामग्री मिली है, जिसने पूरी जांच की दिशा बदल दी है।

NIA के अधिकारी लंबे समय से इस मामले में जुड़े कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। उसी कड़ी में एजेंसी की टीम ने यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. शाहीन के निजी लॉकर की जांच की। यह लॉकर कैंपस के अंदर ही एक सुरक्षित कमरे में मौजूद था, जिसे काफी समय से बंद रखा गया था। जब NIA ने इसे खोला, तो उनके सामने कई ऐसे सबूत आए जो पहले जांच में नहीं मिले थे।

उर्दू दस्तावेज़ों में छुपे सुराग

जांच के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा था उर्दू में लिखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़, जिनकी भाषा और विषय दोनों ने एजेंसी को चौंका दिया। शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि ये दस्तावेज़ किसी साधारण पढ़ाई या शोध से जुड़े हुए नहीं थे, बल्कि इनमें कोड वर्ड्स, संपर्क सूत्र, और कुछ स्थानों के संदर्भ दिए गए थे।

विशेषज्ञों की मदद से इन दस्तावेज़ों का अनुवाद कराया जा रहा है, और शुरुआती संकेत बताते हैं कि इनका संबंध देश-विरोधी गतिविधियों से हो सकता है।

लॉकर से बरामद नकदी और पेन ड्राइव

इसके अलावा, एजेंसी को डॉ. शाहीन के लॉकर से एक बड़ी राशि नकद भी मिली, जिसका कोई स्पष्ट हिसाब या रजिस्टर मौजूद नहीं था। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम हवाला चैनलों के माध्यम से आई हो सकती है। इस संभावना को ध्यान में रखते हुए NIA अब हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है, जिनका इस केस से कनेक्शन हो सकता है।

लॉकर से मिली पेन ड्राइव भी जांच का बड़ा हिस्सा बन गई है। इसमें कई एन्क्रिप्टेड फाइलें मिली हैं, जिन्हें खोलने के लिए साइबर फोरेंसिक टीम काम कर रही है। माना जा रहा है कि इन फाइलों में अलग-अलग जगहों पर हुई गतिविधियों का ब्योरा, कुछ रिकॉर्डिंग्स, और संदिग्ध संपर्कों की लिस्ट हो सकती है।

जासूसी और हवाला एंगल की ओर इशारा

जांच टीम ने अभी तक जो जानकारी जुटाई है, उससे एक नया जासूसी (Espionage) एंगल सामने आया है। ऐसा माना जा रहा है कि कुछ लोग लगातार गुप्त सूचनाएं बाहरी तत्वों तक पहुंचा रहे थे। इन गतिविधियों में यूनिवर्सिटी कैंपस का इस्तेमाल संभव है।

दूसरी तरफ, हवाला ट्रांजेक्शंस की संभावना पूरी जांच को एक और दिशा में ले गई है। हवाला के जरिए पैसों का प्रवाह अक्सर ट्रैक करना मुश्किल होता है। एजेंसी इस बात की पुष्टि करने में लगी है कि यह रकम भारत के भीतर किसी गैंग से आई थी या देश के बाहर किसी संगठन से भेजी गई थी।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की भूमिका पर सवाल

जांच के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को इन गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं। एजेंसी ने इस मामले में कई फैकल्टी सदस्यों से पूछताछ की है। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि यह पूरी गतिविधि अकेले की गई थी या किसी नेटवर्क के साथ मिलकर।

यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कहा है कि वे कानून के साथ खड़े हैं और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि का उन्हें कोई पता नहीं था। वे NIA की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

लाल किला ब्लास्ट केस—फिर से तेज हुई जांच

लाल किला ब्लास्ट केस पहले से ही लंबे समय से जांच के घेरे में है। लेकिन इस नए खुलासे के बाद NIA ने मामले को और अधिक गंभीरता से आगे बढ़ाया है। एजेंसी यह समझने में जुटी है कि क्या डॉ. शाहीन का इस केस से सीधा संबंध था या वे सिर्फ किसी बड़े नेटवर्क का एक हिस्सा थीं।

घटना से जुड़े पुराने रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल्स, ईमेल्स और बैंक ट्रांज़ेक्शंस की अब दोबारा समीक्षा की जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि पूरी सच्चाई सामने आने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन अब कई अहम कड़ियाँ मिल गई हैं।

विद्यार्थियों पर कोई खतरा नहीं, लेकिन सतर्कता बढ़ाई गई

यूनिवर्सिटी की तरफ से यह भी कहा गया है कि छात्रों को लेकर कोई खतरा नहीं है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है ताकि कैंपस में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

NIA ने भी छात्रों और फैकल्टी को आश्वस्त किया है कि यह जांच विशेष व्यक्तियों से संबंधित है और इसका सामान्य छात्रों से कोई लेना-देना नहीं है।

आगे की जांच—क्या हो सकता है अगला कदम?

उर्दू दस्तावेज़ों के अनुवाद और विश्लेषण

पेन ड्राइव की फोरेंसिक जांच

हवाला ट्रांजेक्शंस की ट्रैकिंग

संबंधित लोगों की पूछताछ

देश के बाहर बैठे संपर्कों की पहचान

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, यह मामला और जटिल होता जा रहा है। लेकिन NIA का दावा है कि वे इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के बेहद करीब हैं।

The NIA investigation into the Red Fort blast case has intensified after crucial evidence was recovered from Al-Falah University, including Urdu documents, cash, encrypted files, and a suspected hawala trail. These findings point toward a possible espionage network, foreign contacts, and illegal money transfers, giving the probe a new direction. The agency is analyzing the seized pen drives and financial links to uncover the full extent of the conspiracy. This incident highlights growing concerns over national security, radical communication channels, and academic institutions being misused for unlawful activities.

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